Wednesday, June 29, 2022
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यूपी के किसानों के बहुरेंगे दिन, कृषि क्षेत्र में 11297 करोड़ के निवेश से बढ़ेगी आय

-11297 करोड़ रुपये का निवेश किसानों की बढ़ाएगा आय

लखनऊ। UP Ground Breaking Ceremony News: चाहे उद्योग की बात हो या छोटे व्यापार। हर जगह किसानों की चिंता योगी सरकार कर रही है। यदि बाहर से कोई इंवेस्ट करने आ रहा है तो उसमें भी सर्वाधिक कृषि से जुड़े उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाता है। यही कारण है कि शुक्रवार की तीसरी इन्वेस्टर्स गाउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में खेती व युवाओं से जुड़े उद्योग को विशेष बढ़ावा देने के झलक दिखी। यही कारण है कि सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट एमएसएमई के 805 हैं, तो वहीं कृषि से संबंधित पोजक्ट 275 है।

वहीं यदि रुपये व्यय की दृष्टि से देखें तो कृषि व उससे संबंधित उद्योगों पर 11297 करोड़ रुपये का निवेश होने जा रहा है। वहीं एमएसएमई पर 4459 करोड़ रुपये व्यय होगा। वहीं डेयरी से संबंधित सात प्रोजेक्ट हैं, जिन पर 489 करोड़ रुपये का निवेश होगा। पशुपालन के छह प्रोजेक्ट पर 224 करोड़ रुपये का व्यय किया जाना है। यदि इन किसानों की आय बढ़ाने वाली तीन योजनाओं को एक साथ कर लिया जाय तो 288 प्रोजेक्ट किसानों की प्रत्यक्ष तौर पर आय बढ़ाने वाले हैं। उद्योगपतियों द्वारा इसमें 12010 करोड़ रुपये निवेश किये जाएंगे। निवेश किये जा रहे बजट के हिसाब से भी सबसे ज्यादा बजट डाटा सेंटर 19928 करोड़ रुपये है। उसके बाद कृषि व उससे संबंधित उद्योगों पर 12010 करोड़ रुपये सर्वाधिक निवेश होना है।

ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए प्रदेश में डेटा सेंटर से लेकर यूनिवर्सिटी व डेयरी प्लांट तक लगने जा रहे हैं। कृषि, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल सप्लाई, शिक्षा, डेयरी व पशुपालन के प्रोजेक्ट में भी काफी निवेश होना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को तीसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 80 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश वाली 1406 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने पर प्रदेश में पांच लाख रोजगार के नए अवसर सृजित होने का दावा किया गया है।

यदि सेक्टर वार प्रोजेक्ट की संख्या व निवेश की राशि को देखें तो डेटा सेंटर में सात प्रोजेक्ट पर 19928 करोड़ रुपये निवेश होगा। वहीं कृषि, डेयरी व पशुपालन पर से संबंधित 288 प्रोजेक्ट पर12010 करोड़ रुपये निवेश होने हैं।

वहीं आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स के 26 प्रोजेक्ट पर 7876 करोड़ रुपये, इंफ्रांस्ट्रक्चर के 13 प्रोजेक्ट पर 6632 करोड़ रुपये, मैन्युफैक्चरिंग के 27 प्रोजेक्ट पर 6227 करोड़ रुपये, हैंडूलम व टेक्सटाइल्स के 46 प्रोजेक्ट पर 5642 करोड़, रिन्युवल एनर्जी के 23 प्रोजेक्ट पर 4782 करोड़, एमएसएमई के 805 प्रोजेक्ट पर 4459 करोड़ रुपये, हाउसिंग व कामर्शियल के 19 प्रोजेक्ट पर 4344 करोड़ रुपये का निवेश होना है।

इसी तरह हेल्थकेयर के आठ प्रोजेक्ट पर 2205 करोड़ रुपये, डिफेंस-एयरोस्पेस के 23 प्रोजेक्ट पर 1773 करोड़, वेयरहाउसिंग-लाजिस्टिक्स के 26 प्रोजेक्ट पर 1295 करोड़, शिक्षा के छह प्रोजेक्ट पर 1183 करोड़, फार्मा-मेडिकल सप्लाई के 65 प्रोजेक्ट पर 1088 करोड़, टूरिज्म-हास्पिटेलिटी के 23 प्रोजेक्ट पर 680 करोड़ रुपये निवेश होने हैं। इसी तरह फिल्म एंड मीडिया के एक प्रोजेक्ट पर 10 करोड़ रुपये निवेश होगा।

उद्योगों को जमीन पर आने का मौका

इससे पहले 2018 में इंवेस्टर्स समिट का आयोजन हुआ था। तब 4.68 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए थे। इन्हें जमीन पर उतारने के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के रूप में अभिनव पहल हुई। पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 61,792 करोड़ निवेश प्रस्ताव वाली 81 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ था। दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 67,202 करोड़ के निवेश प्रस्ताव वाली 290 परियोजनाओं को जमीन पर उतरने की राह खुली। कोविड महामारी की चुनौती का सामना कर रही सरकार ने बहुप्रतीक्षित तीसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी पूरी कर ली है। इसमें सर्वाधिक 80,224 हजार करोड़ रुपये के निवेश वाली 1406 परियोजनाओं के शिलान्यास की तैयारी है।

 

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