कमर दर्द से हैं परेशान तो जरुर करें ये 3 आसन, मिनटों में मिलेगा आराम

कमर दर्द की समस्य अब एक आम बात हो गई ।  इसके पीछे की वजह मांसपेशियों का खिंचाव, मांसपेशी में ऐंठन हो सकती है।
 
कमर दर्द

लाइफस्टाइल। कमर दर्द की समस्य अब एक आम बात हो गई ।  इसके पीछे की वजह मांसपेशियों का खिंचाव, मांसपेशी में ऐंठन हो सकती है। लगातार खड़े होकर काम करने की आदत के कारण भी कमर के दर्द की समस्या हो सकती है  

ऐसे में अगर आप भी इस दर्द से छुटकारा पाना चाहते हैं तो ये रिपोर्ट आपकी मदद कर सकती है। हम कुछ योगासन लेकर आए हैं जो कमर दर्द से आपको मिनटों में राहत दिला सकते हैं। 

1. शलभासन

शलभासन: अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरुरी है यह योगासन, जानिए इससे जुड़ी  महत्वपूर्ण बातें | न्यूजबाइट्स

.इस आसन को करने के लिए आप अपने पेट के बल लेटें.
.अपनी हथेलियों को अपनी जांघों के नीचे रख दें.
.अपने दोनों पैर की एड़ियों को आपस में जोड़ लें और अपने पैर के पंजे को सीधे रखें.
.धीरे-धीरे अपने पैरों को ऊपर उठाने की कोशिश करें.
.पैरों को ऊपर की ओर ले जाते समय गहरी सांस लें.
.कुछ सेकंड इसी स्थिति में रुकें.
.अब पैरों को सांस छोड़ते हुए नीचे लाएं.
.इसी प्रक्रिया को 3 से 5 बार दोहराएं.

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2.भुजंगासन

Bhujangasana Removal Of Waist Diseases - भुजंगासन से दूर होते कमर के रोग |  Patrika News

.जमीन पर मैट बिछाएं और उस पर पेट के बल लेट जाएं.
.अपने पैरों को आपस में मिलाएं, हथेलियों को सीने के पास कंधों की सीध में रखें.
.माथे को जमीन पर रखें और शरीर को सहज रखें.
.गहरी सांस लेते हुए अपने आगे के शरीर के हिस्से को ऊपर की तरफ उठाएं.
.इस दौरान आपके हाथ भी सीधी रेखा में खड़े होने चाहिए.
.सिर को जितना हो सके ऊपर की तरफ उठाएं.
.15-30 सेकेंड के लिए इसी अवस्था में रुकें.
.फिर सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य मुद्रा में लौट आएं.
.इस अभ्यास को एक समय में 4 से 5 बार करें.

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3. उष्ट्रासन

.इस आसन में ऊंट जैसी मुद्रा बनाई जाती है.
.सबसे पहले आप घुटनों के बल बैठ जाएं.
.अपने घुटनों की चौड़ाई कंधों के बराबर रखें.
.तलवे पूरे फैले हुए आसमान की तरफ रखें.
.अब अपनी रीढ़ की हड्डी को पीछे की तरफ झुकाते हुए दोनों हाथों से एड़ियों को छूने का प्रयास करें.
.ऐसा करते समय गर्दन पर अत्यधिक दबाव न पड़े.
.कमर से लेकर घुटनों तक का हिस्सा सीधा रहे.
.इस स्थिति में कुछ देर रहकर गहरी सांस लें.
.इसके बाद सामान्य मुद्रा में लौट आएं.
.एक समय में 4 से 5 बार इस अभ्यास को दोहराएं.

(नोट -यह लेख सिर्फ आप की जानकारी के लिए । इस्तेमाल में पहले अपने चिकित्सक की सलाह जरूर ले लें)