वर्जिन दिखने के लिए लड़कियां करवा रही सर्जरी, इस देश में उठी बैन करने की मांग

आजकल दुनियाभर में कम उम्र में लोगों को सेक्स कर लेना आम बात हो गयी है. लेकिन कभी-कभी उनकी यही हरकत बाद में मुसीबत बन जाती है। हम बात कर रहे हैं इंग्लैंड की। यहाँ इन दिनों ऐसी लड़कियों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ रही है 
 
वर्जिन दिखने के लिए लड़कियां करवा रही सर्जरी, इस देश में उठी बैन करने की मांग  

लंदन। आजकल दुनियाभर में कम उम्र में लोगों को सेक्स कर लेना आम बात हो गयी है. लेकिन कभी-कभी उनकी यही हरकत बाद में मुसीबत बन जाती है। हम बात कर रहे हैं इंग्लैंड की। यहाँ इन दिनों ऐसी लड़कियों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ रही है जो नहीं चाहतीं कि इनके पति को ये पता चले कि वे शादी से पहले सेक्शुअली एक्टिव थीं. इसलिए इंग्लैंड की लड़कियां खुद को वर्जिन दिखाने के लिए हाइमन रिपेयर सर्जरी करा रही हैं. ऐसे में इंग्लैंड के बर्नले में वर्जिनिटी टेस्ट का मामला अब तूल पकड़ रहा है.

फिलहाल इंग्लैंड में ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ और हाइमन ‘रिपेयर’ सर्जरी या हायमेनोप्लास्टी दोनों ही कानूनी हैं, लेकिन अब ब्रिटिश सांसद एंटनी हिगिनबॉथम और उनकी सहयोगी सारा ब्रिटक्लिफ एक क्रॉस-पार्टी गठबंधन में शामिल हो गए हैं. यह गठबंधन लगातार हाइमन रिपेयर सर्जरी को गैरकानूनी घोषित करने की मांग कर रहा है और उम्मीद करता है कि महिलाओं को उनकी वर्जिनिटी के आधार पर न आंका जाए.

दरअसल यूके में डॉक्टर्स ‘वर्जिनिटी चेक’ या फिर इसे ‘रिस्टोर’ करने का काम करते हैं. आमतौर पर यह काम लड़कियां अरेंज मैरिज से पहले करवाती हैं ताकि उनके पति को उनके अतीत के बारे में पता न चल सके. हिगिनबॉथम और मिस ब्रिटक्लिफ उन 51 सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने सांसद रिचर्ड होल्डन द्वारा पेश किए गए इन पर बैन संबंधी हेल्थ एंड केयर बिल पर हस्ताक्षर किए.

इस मामले पर हिगिनबॉथम ने कहा, ‘महिलाओं और लड़कियों को ‘शादी की पहली रात ब्लीडिंग होने ही चाहिए’ वाली धारणा से खुद को मुक्त करना होगा. इन दर्दनाक प्रथाओं का मेडिकल साइंस में कोई आधार नहीं है. ऐसी प्रथाएं महिलाओं को सिर्फ नुकसान पहुंचाती हैं और ‘पवित्रता’ के खतरनाक मिथक बनाती हैं. हमें ‘वर्जिनिटी टेस्टिंग’ और हाइमन ‘रिपेयर’ सर्जरी दोनों को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए. मैं सरकार से महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ इस हिंसा को समाप्त करने की अपील करता हूं.’

बिल पर हिगिनबॉथम और ब्रिटक्लिफ की तरफ से मिल रहे सहयोग पर होल्डन ने खुशी जताई है. उन्होंने कहा, ‘हेल्थ एंड सोशल केयर बिल इन कुप्रथाओं पर प्रतिबंध लगाने का सबसे अच्छा अवसर है. महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा से निपटने के लिए सभी का साथ आना बहुत अच्छा है.’ वहीं रॉयल कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स एसोसिएशन का कहना है कि शादी से पहले महिलाओं पर दबाव रहता है या फिर वो खुद मजबूरी में इस तरह के कदम उठाती हैं. उन पर इस बात का दबाव रहता है कि वो अपनी शादी की रात ब्लीड करें ताकि अपने पति के सामने वो कुंवारी साबित हो सकें.