Children's Day 2021: जानें बाल दिवस का पूरा इतिहास और महत्व

बाल दिवस  हर साल 14 नवंबर को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन पर मनाया जाता है। देश में पहली बार साल 1959 में मनाया गया था। यह दिन बच्चों के लिए बेहस खास होता है। आसान शब्दों में कहें तो यह दिन बच्चों के लिए समर्पित होता है। विभिन्न देशों में अलग-अलग तारीखों को बाल दिवस मनाया जाता है। पंडित जवाहरलाल नेहरू को बच्चों से अगाध स्नेह था। उनका कहना था कि बच्चे भगवान के रूप होते हैं। चाचा नेहरू प्यार से बच्चों को गुलाब का फूल भी कहते थे। बच्चे भी उन्हें बेहद प्यार करते हैं। इसके लिए बच्चे भी उन्हें चाचा कहते हैं। चाचा नेहरू हमेशा कहते थे कि देश के स्वर्णिम विकास में बच्चे की अहम भागीदारी के लिए बच्चों को शिक्षित होना जरूरी है। आइए, बाल दिवस का इतिहास और महत्व जानते हैं-

 
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Children's Day 2021: जानें बाल दिवस का पूरा इतिहास और महत्व

बाल दिवस  हर साल 14 नवंबर को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन पर मनाया जाता है। देश में पहली बार साल 1959 में मनाया गया था। यह दिन बच्चों के लिए बेहस खास होता है। आसान शब्दों में कहें तो यह दिन बच्चों के लिए समर्पित होता है। विभिन्न देशों में अलग-अलग तारीखों को बाल दिवस मनाया जाता है। पंडित जवाहरलाल नेहरू को बच्चों से अगाध स्नेह था। उनका कहना था कि बच्चे भगवान के रूप होते हैं। चाचा नेहरू प्यार से बच्चों को गुलाब का फूल भी कहते थे। बच्चे भी उन्हें बेहद प्यार करते हैं। इसके लिए बच्चे भी उन्हें चाचा कहते हैं। चाचा नेहरू हमेशा कहते थे कि देश के स्वर्णिम विकास में बच्चे की अहम भागीदारी के लिए बच्चों को शिक्षित होना जरूरी है। आइए, बाल दिवस का इतिहास और महत्व जानते हैं-

बाल दिवस का विशेष महत्व है। बच्चे देश के भविष्य होते हैं। इसके लिए देश के स्वर्णिम विकास के लिए बच्चों का विकास जरूरी है। इस दिन स्कूल और कालेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों में बच्चों को जागरुक किया जाता है। साथ ही चाचा नेहरू को याद किया जाता है।