Connect with us

देश

TMC की बढ़ी मुश्किलें, ममता बनर्जी की बैठक में नहीं पहुंचे कई नगर पालिकाओं के पदाधिकारी

Published

on

कोलकाता। लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद राज्यभर में सत्तारूढ़ तृणमूल के नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने लगे हैं। इस टूट को रोकने के लिए ममता बनर्जी ने सांगठनिक बैठक की रणनीति अपनाई है। हालांकि इसका कोई लाभ होते हुए नहीं दिख रहा है।

अधिकतर पार्षद भाजपा का दामन थामने वाले हैं

मंगलवार को मुख्यमंत्री ने कोलकाता के नजरूल मंच में राज्यभरकी सभी 125 नगर पालिकाओं के पार्षदों की बैठक बुलाई थी। इसमें उत्तर बंगाल के अधिकतर नगर पालिकाओं के पार्षद अनुपस्थित थे। विशेष तौर पर अलीपुरद्वार नगरपालिका के नौ तृणमूल पार्षद आए ही नहीं। यहां कुल 20 वार्ड हैं। इसमें से 16 पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की है जबकि बाकी के चार वार्डों में वाममोर्चा के पार्षदों ने जीत हासिल की है। इसमें नगर पालिका के अध्यक्ष आशीष दत्त भी नहीं आए थे। इसके बाद से अंदाजा लगाया जा रहा है कि बहुत जल्द इस नगरपालिका के भी अधिकतर पार्षद भाजपा का दामन थामने वाले हैं।

तृणमूल कांग्रेस की खिसकती नजर आ रही जमीन

इस बारे में प्रतिक्रिया के लिए जब बुधवार को नगरपालिका अध्यक्ष आशीष दत्त से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया है। इसके अलावा जो नौ पार्षद नहीं गए थे, उन लोगों से संपर्क किया गया तो किसी ने पेट में दर्द होने की बात कही तो किसी ने बताया कि उनकी बेटी की परीक्षा है। किसी ने यह भी कहा कि ट्रेन का टिकट नहीं मिला इसलिए नहीं जा सके। ममता बुलाएं और इन वजहों से पार्षद ना जाएं यह बड़ा संकेत है। कुल मिलाकर कहा जाए तो उत्तर बंगाल में अब तृणमूल कांग्रेस की जमीन खिसकती नजर आ रही है।

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे खराब

उल्लेखनीय है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में जिन क्षेत्रों में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है उसमें अलीपुरद्वार नगरपालिका क्षेत्र भी शामिल है। 20 वार्डों में से किसी में भी तृणमूल कांग्रेस को लीड नहीं मिली थी। हालांकि इस नगरपालिका की मियाद साल 2018 के अक्टूबर महीने में भी खत्म हो गई है लेकिन राज्य सरकार ने यहां प्रशासक की नियुक्ति कर लगातार काम आगे बढ़ाया है। इसके बाद लोकसभा चुनाव बीतने पर जो खराब प्रदर्शन हुआ है इसे लेकर तमाम तरह के कयास पहले ही लगाए जा रहे थे। अब यहां के अधिकतर पार्षदों की अनुपस्थिति को लेकर और अधिक चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अलीपुरद्वार नगरपालिका भी भाजपा के कब्जे में जाने वाली है। https://www.kanvkanv.com

देश

जानें-चंद्रयान-2 की खूबियां, कब उतरेगा चांद पर और क्या काम करेगा, सौरमंडल-चंद्रमा के ये तथ्य भी जानें 

Published

on

नई दिल्ली। अपने सफर के लिए निकला चंद्रयान-2 न केवल स्वदेशी तकनीक से निर्मित है बल्कि इसकी कई अन्य खूबियां भी हैं। इस मिशन की कामयाबी वैज्ञानिक खोज की दुनिया में चंद्रयान-2 को निःसंदेह विशिष्टता प्रदान करेगी।

चंद्रयान-2 की खूबियां

चंद्रयान-2 मिशन अबतक के मिशनों से भिन्न है। करीब दस वर्ष के वैज्ञानिक अनुसंधान और अभियान्त्रिकी विकास के कामयाब दौर के बाद भारत के दूसरे चंद्र अभियान से चंद्रमा के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र के अबतक के अछूते भाग के बारे में जानकारी मिलेगी। इस मिशन से व्यापक भौगौलिक, मौसम सम्बन्धी अध्ययन और चंद्रयान-1 द्वारा खोजे गए खनिजों का विश्लेषण करके चंद्रमा के अस्तित्व में आने और उसके क्रमिक विकास की और ज़्यादा जानकारी मिल पायेगी। चंद्रयान-2 के चंद्रमा पर रहने के दौरान इसरो के वैज्ञानिक चांद की सतह पर अनेक और परीक्षण भी करेंगे। इनमें चांद पर पानी होने की पुष्टि और वहां विशिष्ट किस्म की रासायनिक संरचना वाली नई किस्म के चट्टानों का विश्लेषण शामिल हैं।

पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी तक़रीबन 3 लाख 84 हजार किलोमीटर है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) का सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा चंद्रयान-2 का सफ़र पृथ्वी से चंद्रमा की इसी दूरी को तय करने के लिए श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सोमवार को दिन के 2 बजकर 43 मिनट पर शुरू हो गया। अपनी लॉन्चिंग के तक़रीबन 54 दिनों की यात्रा के बाद चंद्रयान-2 12 या 13 सितंबर को चांद के दक्षिणी सतह पर उतरेगा।

दक्षिणी ध्रुव पर पहली बार भारत ही पहुंचेगा

वैसे तो इस मिशन की कामयाबी के साथ ही भारत दुनिया के उन देशों की अहम सूची में शामिल हो जाएगा जिसमें रूस, अमेरिका और चीन शामिल हैं। भारत इस सूची में चौथे नंबर पर शामिल होगा, जो अपना यान चंद्रमा पर उतारेगा लेकिन इस सूची में पहले से शामिल तीन देशों के बरअक्स भारत का मिशन अलग और नितांत मौलिक भी है। चंद्रयान-2 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने जा रहा है जो दुनिया के लिए अबतक अनदेखा है। भारत से पहले किसी भी देश ने ऐसा नहीं किया है। इस मिशन की लागत एक हजार करोड़ रुपये है। लागत के हिसाब से भी यह अन्य देशों की तुलना में कम है।

स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल

ख़ास बात यह है कि चंद्रयान-2 स्वदेशी तक़नीक से बना है। 13 पेलोड वाले चंद्रयान-2 में आठ ऑर्बिटर में, तीन पेलोड लैंडर विक्रम और दो पेलोड रोवर प्रज्ञान में हैं। विक्रम और प्रज्ञान जैसे नामों पर ग़ौर करें तो यह भी कम दिलचस्प नहीं है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम के जनक डॉ.विक्रम साराभाई के नाम पर इसे विक्रम का नाम दिया गया है जबकि प्रज्ञान का मतलब मेधा से है।

बाहुबली की ताक़त

इस मिशन की सफलता का एक बड़ा भार `बाहुबली’ पर है। चंद्रयान-2 को जीएसएलवी मैक-3 द्वारा प्रक्षेपित किया गया है, जिसे आमतौर पर `बाहुबली’ का नाम दिया गया है। इस नाम के पीछे वज़ह यह है कि यह चार टन क्षमता तक के उपग्रह को ले जाने की ताकत रखता है।

खोज से क्या होगा हासिल

चंद्रयान-2 की कामयाबी से चंद्रमा की सतह पर पानी की मात्रा का अध्ययन किया जा सकेगा। इसके साथ ही चंद्रमा के मौसम और वहां मौजूद खनिज तत्वों का अध्ययन भी किया जा सकेगा। इस खोज में यह भी संभव है कि चंद्रयान-2 ऐसी बेशकीमती खोज तक पहुंच जाए, जिससे लंबे कालखंड तक ऊर्जा की जरूरतें पूरी हो सकती हैं। ऊर्जा का यह स्रोत दूसरे तमाम स्रोतों के मुकाबले प्रदूषण से मुक्त होने की भी संभावना है लेकिन फिलहाल यह भविष्य के गर्भ में है। इस मिशन के लिए 54 दिनों का हर क्षण एक परीक्षा है, जब चंद्रयान-2 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर उतरेगा। नतीजे तक पहुंचने के लिए वक्त और उसकी चुनौतियां जरूर हैं लेकिन इस दिशा में भारतीय वैज्ञानिक अपना कदम बढ़ा चुके हैं।

सौरमंडल

  • सूर्य एवं उसके चारों ओर भ्रमण करने वाले 8 ग्रह हैं।
  • सूर्य से दूरी के क्रम में पृथ्वी तीसरा और आकार की दृष्टि से पांचवां ग्रह है।
  • आठ ग्रहों में बुध और शुक्र को छोड़कर सभी ग्रहों के उपग्रह हैं।
  • चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह और सौरमंडल का पांचवां सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है।
  • उपग्रह अपने ग्रह की परिक्रमा करने के साथ-साथ सूर्य की भी परिक्रमा करते हैं।

चंद्रमा से संबंधित तथ्य

  • पृथ्वी से दूरी-          384,365 किलोमीटर
  • पृथ्वी से अधिकतम दूरी- 406000 किलोमीटर
  • पृथ्वी से न्यूनतम दूरी-   364000 किलोमीटर
  • पृथ्वी के चारों ओर घूमने की अवधि 27 घंटे 7 दिन 43 मिनट (परिभ्रमण काल)
  • चंद्रमा की घुर्णन अवधि  27 घंटे 7 दिन 43 मिनट ( अपने अक्ष पर)
  • चंद्रमा पर वायुमंडल    अनुपस्थित
  • चंद्रमा का व्यास – 3476 किलोमीटर
  • चंद्रमा की सतह का अदृश्य भाग   41 फीसदी
  • चंद्रमा का सबसे ऊंचा पर्वत-   35000 फीट, लीबनिट्ज पर्वत ( चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर)
  • 1959 में चंद्रमा के लिए पहला मानव रहित मिशन सोवियत लूनर 1 प्रोग्राम था।
  • 1969 में पहला मानवयुक्त अपोलो 11 लैंडिंग हुआ था।
  • 20 जुलाई, सन 1969 में चंद्रमा पर कदम रखने वाले नील आर्मस्ट्रांग पहले व्यक्ति थे। उनके साथ अंतरिक्ष यात्री बज एल्ड्रिन भी थे।
  • अभीतक 12 लोगों ने चंद्रमा पर कदम रखा है लेकिन इसमें कोई महिला नहीं है। वह सभी अमेरिकी पुरुष हैं। आखिरी बार जीन कर्नन थे जो 1972 में चंद्रमा से लौटे। कोई भी दो बार चंद्रमा पर नहीं गया है।
  • चंद्रयान-1 भारत ने 22 अक्टूबर 2008 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी सी-11 से रवाना किया गया था।
  • चंद्रयान-1 ने चंद्रमा पर बर्फ होने की जानकारी दी। इसकी पुष्टि नासा ने भी की।
  • इसी क्रम में चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी धुव्र पर उतरने वाला पहला पहला स्पेसक्राफ्ट होगा।
  • दक्षिणी ध्रुव ज्वालामुखियों और उबड़-खाबड़ जमीन से युक्त है। यहां के अधिकांश हिस्सें में छाया रहती है। इसलिए यहां पर चंद्रयान-2 को बहुत कुछ नया मिल सकता है।
  • चंद्रमा हर साल हमारे ग्रह से लगभग 3.8 सेमी दूर जा रहा है। चंद्रमा की तुलना में पृथ्वी लगभग 80 गुना है, लेकिन दोनों की उम्र एक ही है।

कुछ अन्य विशेष जानकारियां

  • दुर्भाग्यवश मानव अपने पीछे चंद्रमा की सतह पर अनुमानित 181,437 किलोग्राम मानव निर्मित कचरा छोड़ चुका है। इनमें से कचरे का अधिकांश हिस्सा रोवर्स और अंतरिक्ष यान का परिणाम हैं।
  • चंद्रमा के दोनों किनारों पर सूर्य के प्रकाश की समान मात्रा दिखाई देती है, अंतर यह है कि हम केवल पृथ्वी से चंद्रमा का एक पक्ष देखते हैं, क्योंकि यह अपनी धुरी पर घूमता है। इसलिए मनुष्य केवल चंद्रमा की सतह का केवल 59 प्रतिशत हिस्सा ही देखने में सक्षम है।
  • चांद पर कम गुरुत्वाकर्षण ( पृथ्वी से 1/6 ) और चिपकने वाली धूल शोध और मानव बस्तियों की एक बड़ी समस्या है। यानी व्यक्ति का चंद्रमा पर वजन कम हो जाएगा। यहां पृथ्वी के वजन का लगभग छठा (16.5 फीसदी) वजन ही रहेगा।
  • चंद्रमा पर बड़े-बड़े पर्वत भी है। यहां के लगभग सभी पहाड़ अतीत में क्षुद्रग्रहों के प्रभावों का परिणाम हैं। पृथ्वी पर ज्वार-भाटे का उदय और पतन चंद्रमा के कारण होता है।
  • चंद्रमा का कोई वायुमंडल नहीं है। इसलिए चंद्रमा पर कोई आवाज़ नहीं सुनी जा सकती है और आकाश हमेशा काला दिखाई देता है। यहां भूकंप भी आता है।
  • पृथ्वी की तरह चंद्रमा का अपना स्वयं का समय क्षेत्र है। हर साल चंद्रमा पर 12 चंद्र दिन होते हैं, जिनका नाम 12 अंतरिक्ष यात्रियों के नाम पर रखा गया है जो इसकी सतह कदम रख चुके हैं। प्रत्येक चंद्र दिन को 30 चंद्र चक्रों में विभाजित किया जाता है। एक चक्र लगभग 23 घंटे और पृथ्वी पर 37 मिनट के समान है।
  • सभी ब्रह्मांडीय पिंडों में चंद्रमा हमारे सबसे अधिक नजदीक है। इसलिए इसपर विश्व के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की निगाहें हैं। क्योंकि यहां आसानी से तकनीक एवं अंतरिक्ष मिशनों का उपयोग हो सकता है।
  • चांद पर अपार संसाधन भी मौजूद हैं, जो भविष्य के लिए स्वच्छ ऊर्जा जरूरतों के स्रोत बन सकते हैं। यहां पर उच्च स्तर के टाइटेनियम, यूरेनियम और नेप्ट्यूनियम जैसे धातु एवं खनिज मिले हैं।
  • चंद्रयान-2 जो कि चांद के दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखेगा, वहां पर अनमोल खजाना है जो आगामी पांच सौ वर्ष के लिए पृथ्वी की ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकता है। साथ ही  खरबों डॉलर की कमाई भी। इसी पर चंद्रयान -2 की भी नजर है।
  • चांद पर भारी मात्रा में मौजूद हीलियम-3 जिसका भंडार दस लाख मीट्रिक टन तक भी संभव है। एक टन हीलियम-3 की कीमत करीब 5 अरब डॉलर है। यानी चंद्रमा से 2,50,000 टन हीलियम-3 पृथ्वी पर लाया जा सकता है। इसके  अलावा सिलिका, एल्यूमिना, चूना, लोहा, मैग्नीशिया, सोडियम ऑक्साइड आदि मौजूद है। https://www.kanvkanv.com
Continue Reading

देश

ISRO ने रचा इतिहास, `बाहुबली’ पर सवार होकर चांद की ओर निकल पड़ा अपना चंद्रयान-2, जानें बड़ी बातें

Published

on

नयी दिल्ली। अंतरिक्ष की दुनिया में भारत ने सोमवार को एक बार फिर से इतिहास रच दिया है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) ने सोमवार दोपहर 2.43 मिनट पर सफलतापूर्वक चंद्रयान-2 को लॉन्च किया। चांद पर कदम रखने वाला ये हिंदुस्तान का दूसरा सबसे बड़ा मिशन है। चंद्रयान के प्रक्षेपण के लिए `बाहुबली’ जीएसएलवी-एमके3 प्रक्षेपण यान का इस्तेमाल किया गया है।

जिसमें सवार होकर चंद्रयान-2 ने चांद पर पहुंचने का अपना सफ़र शुरू कर दिया है। चंद्रमा के मायालोक को क़रीब से जानने, उसके रहस्यों की परतें खोलने में भारत का यह वैज्ञानिक अनुष्ठान, भारत सहित पूरी दुनिया के लिए काफी अहम माना जा रहा है। पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी तक़रीबन 3 लाख 84 हजार किलोमीटर है। अपनी लॉन्चिंग के तक़रीबन 54 दिनों की यात्रा के बाद चंद्रयान-2 12 या 13 सितंबर को चांद के दक्षिणी सतह पर उतरेगा।

दक्षिणी ध्रुव पर पहली बार भारत ही पहुंचेगा

वैसे तो इस मिशन की कामयाबी के साथ ही भारत दुनिया के उन देशों की अहम सूची में शामिल हो जाएगा जिसमें रूस, अमेरिका और चीन शामिल हैं। भारत इस सूची में चौथे नंबर पर शामिल होगा, जो अपना यान चंद्रमा पर उतारेगा लेकिन इस सूची में पहले से शामिल तीन देशों के बरअक्स भारत का मिशन अलग और नितांत मौलिक भी है। चंद्रयान-2 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने जा रहा है जो दुनिया के लिए अबतक अनदेखा है। भारत से पहले किसी भी देश ने ऐसा नहीं किया है। इस मिशन की लागत एक हजार करोड़ रुपये है। लागत के हिसाब से भी यह अन्य देशों की तुलना में कम है।

स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल

ख़ास बात यह है कि चंद्रयान-2 स्वदेशी तक़नीक से बना है। 13 पेलोड वाले चंद्रयान-2 में आठ ऑर्बिटर में, तीन पेलोड लैंडर विक्रम और दो पेलोड रोवर प्रज्ञान में हैं। विक्रम और प्रज्ञान जैसे नामों पर ग़ौर करें तो यह भी कम दिलचस्प नहीं है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम के जनक डॉ.विक्रम साराभाई के नाम पर इसे विक्रम का नाम दिया गया है जबकि प्रज्ञान का मतलब मेधा से है।

बाहुबली की ताक़त

इस मिशन की सफलता का एक बड़ा भार `बाहुबली’ पर है। चंद्रयान-2 को जीएसएलवी मैक-3 द्वारा प्रक्षेपित किया गया है, जिसे आमतौर पर `बाहुबली’ का नाम दिया गया है। इस नाम के पीछे वज़ह यह है कि यह चार टन क्षमता तक के उपग्रह को ले जाने की ताकत रखता है।

खोज से क्या होगा हासिल

चंद्रयान-2 की कामयाबी से चंद्रमा की सतह पर पानी की मात्रा का अध्ययन किया जा सकेगा। इसके साथ ही चंद्रमा के मौसम और वहां मौजूद खनिज तत्वों का अध्ययन भी किया जा सकेगा। इस खोज में यह भी संभव है कि चंद्रयान-2 ऐसी बेशकीमती खोज तक पहुंच जाए, जिससे लंबे कालखंड तक ऊर्जा की जरूरतें पूरी हो सकती हैं। ऊर्जा का यह स्रोत दूसरे तमाम स्रोतों के मुकाबले प्रदूषण से मुक्त होने की भी संभावना है लेकिन फिलहाल यह भविष्य के गर्भ में है। इस मिशन के लिए 54 दिनों का हर क्षण एक परीक्षा है, जब चंद्रयान-2 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर उतरेगा। नतीजे तक पहुंचने के लिए वक्त और उसकी चुनौतियां जरूर हैं लेकिन इस दिशा में भारतीय वैज्ञानिक अपना कदम बढ़ा चुके हैं। https://www.kanvkanv.com

Continue Reading

देश

रोहित शेखर मौत मामला : क्राइम ब्रांच की चार्जशीट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान, 25 को सुनवाई

Published

on

नई दिल्ली। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने नारायण दत तिवारी के बेटे रोहित शेखर की मौत के मामले में क्राइम ब्रांच की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी।

पत्नी अपूर्वा है मुख्य आरोपी

पिछले 18 जुलाई को क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट दाखिल किया था। चार्जशीट में रोहित शेखर की पत्नी अपूर्वा को मुख्य आरोपी बनाया गया है। क्राइम ब्रांच ने 518 पेजों की चार्जशीट दाखिल की है।

इसलिए किया था कत्ल

पुलिस के मुताबिक अपूर्वा को अपने पति पर शक था कि उसका शादी से अलग एक बच्चा है। अपूर्वा को आशंका थी कि रोहित के बच्चे को भविष्य में जायदाद का बड़ा हिस्सा मिल सकता है। अपूर्वा अपने पति के रवैये से परेशान थी। अपूर्वा ने शादी के कुछ दिन बाद ही रोहित का घर छोड़ दिया था। लेकिन कुछ दिनों के बाद जब दोनों में बातचीत हुई तो वह वापस लौट आई थी। वापस लौटने के बावजूद रोहित और अपूर्वा के बीच मनमुटाव बढ़ता ही गया। क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट में घर में मौजूद लोगों के बयान और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को साक्ष्य के रुप में पेश किया है।

सुप्रीम कोर्ट में बतौर वकील है हत्या की आरोपी अपूर्वा

रोहित शेखर की मौत 15 और 16 अप्रैल की दरम्यानी रात को हुई थी। उनकी पत्नी अपूर्वा सुप्रीम कोर्ट में बतौर वकील हैं। अपूर्वा से दिल्ली पुलिस पिछले 21 अप्रैल से पूछताछ कर रही थी और 24 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। रोहित शेखर ने अपने पिता एनडी तिवारी को अपना जैविक पिता साबित करने के लिए कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी। https://www.kanvkanv.com
Continue Reading
देश13 hours ago

जानें-चंद्रयान-2 की खूबियां, कब उतरेगा चांद पर और क्या काम करेगा, सौरमंडल-चंद्रमा के ये तथ्य भी जानें 

टेक्नोलॉजी13 hours ago

सैमसंग गैलेक्सी फोल्ड स्मार्टफोन ने पास किए सभी टेस्ट, ये होंगे फीचर्स, स्क्रीन का भी रखा गया है ख़याल

देश14 hours ago

ISRO ने रचा इतिहास, `बाहुबली’ पर सवार होकर चांद की ओर निकल पड़ा अपना चंद्रयान-2, जानें बड़ी बातें

हेल्थ14 hours ago

घुटनोंं के दर्द में राहत के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

खेल14 hours ago

गोल्डन गर्ल हिमा दास का पीएम मोदी को वादा, देश को और सम्मान दिलाने के लिए करूंगी कड़ी मेहनत

मनोरंजन15 hours ago

‘सत्ते पे सत्ता’ की रीमेक में अब दीपिका पादुकोण नहीं, ऋतिक रोशन के साथ नजर आएंगी कैटरीना कैफ

बिज़नेस15 hours ago

गिरावट के साथ शुरू हुआ बाजार, सेंसेक्स 263 और निफ्टी 84 अंक लुढ़का, रुपये में भी गिरावट 

राज्य15 hours ago

यूपी : होटल मालिक से था छात्रा को प्यार, मिलने पहुंची, हुआ कुछ ऐसा कि युवक ने मार दी गोली, मौत

दुनिया15 hours ago

अमेरिका में अपमान के बाद अब इमरान खान का विरोध, कार्यक्रम में हुई जमकर नारेबाजी, देखें वीडियो

राज्य15 hours ago

यूपी : डेढ़ साल के बच्चे की गला घोंटकर हत्या करने के बाद माता-पिता ने लगाई फांसी

देश15 hours ago

रोहित शेखर मौत मामला : क्राइम ब्रांच की चार्जशीट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान, 25 को सुनवाई

खेल16 hours ago

भारत ए ने वेस्टइंडीज ए को 8 विकेट से दी पटखनी, 4-1 जीती श्रृंखला, 99 पर आउट हुआ ये भारतीय खिलाड़ी

राज्य16 hours ago

यूपी में बड़ा सड़क हादसा : टक्कर के बाद दो हिस्सों में बंटी पिकअप, आठ बच्चों सहित नौ लोगों की मौत

वीडियो16 hours ago

सपा विधायक बोले, भाजपा से जुड़े दुकानदारों से मुस्लिम समाज न खरीदें सामान, कहा-जूता…देखें वीडियो

लाइफ स्टाइल17 hours ago

राशिफल 22 जुलाई : सावन के पहले सोमवार को इन राशियों पर है भगवान शिव की खास कृपा

राज्य1 day ago

श्रावस्ती : पिकअप लेकर भाग रहे चोर को ग्रामीणों ने दबोचा, किया पुलिस के हवाले

राज्य1 day ago

अयोध्या : जिले के एसएसपी टी-शर्ट पहनकर बुलेट से पहुंचे थाने, सादे वर्दी में की चेकिंग

राज्य1 day ago

अम्बेडकर नगर : किशोरी के अपहरण के मामले में युवक और उसके भाई सहित पिता भी नामजद

वीडियो2 weeks ago

भाजपा विधायक राजेश मिश्रा की बेटी ने दलित युवक से की शादी, कहा-पिता से जान का खतरा, देखें वीडियो

देश3 weeks ago

नई नवेली दुल्हन ने वॉट्सएप पर लोकेशन भेज प्रेमी को बुलाया, पति देखता रहा और कर दिया ये बड़ा कांड

राज्य1 week ago

नशेबाज व गुंडा प्रवृत्ति का है साक्षी मिश्रा का कथित पति अजितेश, लिखता है क्षत्रिय, कई युवतियों से हैं संबंध

वीडियो3 weeks ago

देखें वीडियो : आमिर की बेटी इरा ने बॉयफ्रेंड संग किया रोमांटिक डांस, यूजर बोले-पिता का नाम बदनाम कर रही

हेल्थ3 weeks ago

बैली फैट को कम करने में अंडा है बेहद कारगर, अपनाएं ये रेसिपी

राज्य1 week ago

दलित से शादी करने वाली BJP विधायक की बेटी साक्षी मिश्रा के पति की पहले हो चुकी है सगाई, देखें फोटो

राज्य1 week ago

साक्षी मिश्रा के बाद इस लड़की ने भी की इंटरकास्ट शादी, पिता बोले-वापस आओ नहीं बन जाऊंगा मुसलमान

मनोरंजन4 weeks ago

लखनऊ की मिजाजी शाम में महानायक अमिताभ ने की शूटिंग, भुट्टा खाते हुये आए नजर

राज्य2 weeks ago

दलित से शादी करने वाली भाजपा विधायक की बेटी साक्षी मिश्रा ने की पापा से बात, मिला ये जवाब 

देश3 weeks ago

हाई प्रोफाईल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, पांच महिलाओं सहित 9 गिरफ्तार, 7 मॉडलों को कराया मुक्त

राज्य3 weeks ago

पढ़ाई में बहन थी तेज, कमजोर करने के लिए भाई करने लगे गैंगरेप, इस तरह हुआ खुलासा

वीडियो3 weeks ago

अमरनाथ श्रद्धालुओं पर गिरने लगे पत्थर तो चट्टान बनकर खड़े हो गए जवान, देखें सांसे थमा देने वाला वीडियो

देश7 days ago

पिता ने पैर छूने झुकी गर्भवती बेटी का काटा गला, सामने आई हत्या की ये बड़ी वजह

राज्य2 weeks ago

सुहागरात के दिन पत्नी का वीडियो बना पति बनाता रहा अप्राकृतिक संबंध, पीड़िता ने पुलिस को सुनाई दास्तां

दुनिया3 weeks ago

और जब मगरमच्छ को न‍िगल गया अजगर, पकड़ने से लेकर खाने तक की तस्वीरें देख थम जाएंगी आपकी सांसे

राज्य3 weeks ago

आम जनता के लिए योगी ने शुरू की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, खुद करेंगे निगरानी, जानिए खास बातें

मनोरंजन3 weeks ago

दंगल गर्ल जायरा वसीम ने बॉलीवुड को कहा अलविदा, बोलीं-अल्लाह के लिए छोड़ी फिल्मी दुनिया

राज्य1 week ago

BJP विधायक की बेटी साक्षी मिश्रा बोली, भाई पीटता था, मां दिखाती थी हॉरर किलिंग का डर, पिता भी…

Trending