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तमिलनाडु : गृह मंत्री अमित शाह चेन्नई पहुंचे, द्रमुक के पूर्व सांसद के.पी. रामलिंगम BJP में शामिल

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चेन्नई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार दोपहर चेन्नई पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी, उप मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एल मुरुगन समेत प्रदेश भाजपा नेताओं और अन्य मंत्रियों ने उनकी अगवानी और स्वागत किया। उधर, इस साल के शुरुआत में पार्टी से निलंबित किए गए द्रविड़ मुनैत्र कषगम (द्रमुक) के पूर्व सांसद केपी रामलिंगम शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। पार्टी मुख्यालय ‘कमलालयम’ में तमिलनाडु के प्रभारी सीटी रवि और उनके डिप्टी सुधाकर रेड्डी की मौजूदगी में वह पार्टी में शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री पोन राधाकृष्णन,भाजपा नेता एल मुरुगन और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।

शाह आज शाम 4.30 बजे अमित शाह कई परियोजनाओं का शुभारंभ करने के लिए कलाइवनार आरंगम पहुंचेंगे। वहां 380 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नया जलाशय शहरवासियों के लिए समर्पित करेंगे। शाह 61,843 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ चेन्नई मेट्रो रेल के चरण की आधारशिला भी रखेंगे। इसके साथ ही अन्य परियोजनाओं को भी शुरू करेंगे।

चेन्नई शहर में सुरक्षा कड़ी है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और विशेष कार्य बल के कमांडो सहित केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की 3,000 से अधिक पुलिस कर्मी ड्यूटी पर तैनात हैं। शाह 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। गृह मंत्री पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक में वर्ष 2021 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में मौजूदा राजनीतिक स्थिति का जायजा लेंगे।

पत्रकारों से बात करते हुए तमिलनाडु भाजपा प्रभारी सीटी रवि ने कहा कि केपी रामलिंगम के भाजपा में आने से द्रमुक की ताकत कम होगी जबकि भाजपा को ताकत हासिल होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वर्ष 2021 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में मौजूदा राजनीतिक स्थिति का जायजा लेंगे।

द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने रामलिंगम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था। रामलिंगम 1996 में द्रमुक के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा के लिए चुने गए और पार्टी ने उन्हें 2010 में राज्यसभा के लिए नामित किया था। वह 1980 और 1984 में रासीपुरम से ऑल इंडिया द्रविड़ मुनैत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के विधायक थे। एम के अलागिरी को समर्थन व्यक्त करने के बाद उन्हें साल 2014 में भी निलंबित कर दिया गया था।

राज्य की सत्तारूढ़ एआईएडीएमके पार्टी के साथ भाजपा का गठबंधन है। हाल के दिनों में दोनों पार्टियों के बीच तल्खी बढ़ती दिखाई दी है। जयललिता के निधन के बाद पार्टी के करीबी कई उद्योगपतियों के यहां छापेमारी और बागी नेता ओ पनीरसेल्वम के विद्रोह और पार्टी के विभाजन में भाजपा का हाथ माना जाता है। कहा जाता है कि एआईएडीएमके के शीर्ष नेतृत्व के पास भाजपा की ऐसी आक्रामक सियासी नीतियों से निपटने में दक्षता नहीं थी।

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