जम्मू- कश्मीर के हैदरपोरा एनकाउंटर की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा के कार्यालय ने आज जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने विवादित हैदरपोरा एनकाउंटर मामले में एडीएम रैंक के अधिकारी से मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
 
Order for magisterial inquiry into Hyderpora encounter in Jammu and Kashmir.jpg
हैदरपोरा एनकाउंटर-मजिस्ट्रियल जांच

श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा के कार्यालय ने आज जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने विवादित हैदरपोरा एनकाउंटर मामले में एडीएम रैंक के अधिकारी से मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा के कार्यालय ने यह भी बताया कि इस मामले में समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट सौंपने के बाद सरकार उचित कार्रवाई करेगी। अपने बयान में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा के कार्यालय ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन निर्दोष नागरिकों के जीवन की रक्षा करने की प्रतिबद्धता दोहराता है और यह सुनिश्चित करेगा कि किसी के साथ भी कोई अन्याय न हो।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के हैदरपोरा में हुए एक एनकाउंटर, जिसमें दो लोग मारे गए थे, को लेकर जम्मू-कश्मीर में भारी विवाद हो रहा है। इससे संबंधित विरोध-प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस को अच्छी खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कल बुधवार 17 नवंबर को भी इसी संदर्भ में हो रहे एक विरोध-प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विरोध कर रहे परिजनों को मौके से हटा दिया था और साथ ही उनमें से कुछ को हिरासत में भी लिया था। मगर जब विवाद गहराने लगा तो सभी को मुक्त कर दिया गया था। 

हैदरपोरा मुठभेड़ को लेकर पुलिस ने दावा किया था कि एक पाकिस्तानी आतंकवादी और उसके स्थानीय सहयोगी मोहम्मद आमिर के साथ-साथ दो नागरिक अल्ताफ भट और मुदस्सिर गुल भी मारे गए हैं। पुलिस ने अपने दावे में कहा था कि मारे गए दोनों नागरिकों (अल्ताफ भट और मुदस्सिर गुल) द्वारा कथित तौर पर एक अवैध कॉल सेंटर और एक आतंकी ठिकाना चलाया जा रहा था। 
इस मुठभेड़ में दो मृत नागरिकों के बारे में परस्पर विरोधी दावों के बाद विवाद छिड़ गया। उनके परिजन पुलिस के इस आरोप का विरोध कर रहे हैं कि वे आतंकवादी के सहयोगी थे। जबकि पुलिस ने कहा है कि मुठभेड़ में मारे गए चारों शवों को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके में दफना दिया गया है, जबकि अल्ताफ भट और मुदस्सिर गुल के परिजन शवों की मांग पर अड़े हुए हैं। 

ज्ञात हो कि इस मामले में राजनीतिक दलों और नेताओं यथा PDP, महबूबा मुफ्ती आदि के द्वारा विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से यह मामला और भी तूल पकड़ रहा है। अब चुकीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस मामले की जांच करने की बात कह दी है, तो संभव है कि मामला शांत हो जाए।