Connect with us

देश

नेपाल और चीन की यारी भारत पर पड़ेगी भारी

Published

on

संतोष राज पांडेय

नेपाल की राजनीति में भारी बदलाव हुआ है। नेपाल अब भारत पर निर्भर नही रहना चाहता। यही कारण है कि वह बार बार चीन की तरफ अपना रुख कर रहा है। भारत के लाख घोषणाओं के बावजूद नेपाल भारत पर निर्भर नही रहना चाहता है। पिछले माह अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  नेपाल में आयोजित बिम्सटेक (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकनॉमिक कोऑपरेशन) सम्मेलन में थे. पीएम मोदी के इस सम्मेलन से लौटने के बाद से यह उम्मीद किया गया था कि नेपाल भारत के रिश्ते बेहतर होंगे पर इस कार्यक्रम से मोदी के लौटने के बाद
नेपाल भारत को कई झटके दे चुका है. इसके एक उदाहरण नही कई उदाहरण है।

भारत के लिए चिंता की बात ज

भारत ने बिम्सटेक देशों के संयुक्त सैन्य अभ्याससे अंतिम समय में नेपाल के अलग होने को ज्यादा तवज्जो नहीं दी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया नहीं देगा। भारत का मानना है कि नेपाल का यह कदम उसकी अंदरूनी राजनीति से ज्यादा जुड़ा है और इस घटनाक्रम से कोई बड़ा अर्थ नहीं निकालना चाहिए। हालांकि नेपाल के रवैये में आए बदलाव और चीन की अति सक्रियता भारत के लिए चिंता की बात जरूर बन गई है।
आपको बता दें कि नेपाल बिम्सटेक देशों के साझे सैन्य अभ्यास से अलग हो गया जबकि चीन के साथ सैन्य अभ्यास करने का फैसला किया है। बिम्सटेक देशों का साझा सैन्य अभ्यास पुणे में चल रहा है। उधर, नेपाल चीन के साथ17 सितंबर से संयुक्त सैन्य अभ्यास करेगा। बिम्सटेक भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाइलैंड, भूटान और नेपाल का एक क्षेत्रीय समूह है।
पहले नेपाल ने बिम्सटेक देशों के पुणे में आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास में शामिल होने से इनकार कर दिया तो और अब नेपाल 17 से 28 सितंबर तक चीन के साथ 12 दिनों का सैन्य अभ्यास करने जा रहा है. यह कैसी भारत के साथ राजनीति है।  नेपाल ने ऐसा कर भारत के ज़ख़्म पर नमक डाला है. नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल गोकुल भंडारी ने कहा कि यह चीन के साथ इस तरह का दूसरा सैन्य अभ्यास होगा. उन्होंने कहा कि इस सैन्य अभ्यास का लक्ष्य आतंक विरोधी अभियानों में दक्षता हासिल करना है. नेपाल ने चीन के साथ इस तरह का सैन्य अभ्यास पिछले साल अप्रैल में किया था. भारत के लिए यह चिंता बढ़ाने वाली बात है कि नेपाल और उत्तर के पड़ोसी में सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं.
बिम्सटेक के सैन्य अभ्यास से नेपाल का अचानक अलग होना भारत के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है. भारत के पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने कहा है कि नेपाल को दुर्भाग्य से अनावश्यक रूप से भारत को उकसाने में संतोष मिलता है.

भारत से अपनी निर्भरता कम करना चाहता है नेपाल

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सोमवार को काठमांडू में भारतीय राजदूत मंजीत सिंह पुरी से इस मुद्दे पर बातचीत की है. कहा जा रहा है कि ओली ने बिम्सटेक के सैन्य अभ्यास में शामिल नहीं होने की वजह बताई है.हालांकि मंजीत सिंह ने इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की है. दूसरी तरफ़ भारत की तरफ़ से भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. नेपाल में कहा जा रहा है कि ऐसा वहां की आंतरिक राजनीति के कारण हुआ है. हालांकि भारत को यह वजह बहुत तार्किक नहीं लग रही है, क्योंकि नेपाल की ओली सरकार दो तिहाई बहुमत वाली मज़बूत सरकार है. सवाल उठाया जा रहा है कि ऐसे में ये सरकार किसी के दबाव में कैसे आ सकती है. इस मामले में नेपाल के दिल्ली स्थिति दूतावास ने कोई टिप्प्णी नहीं की है. प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी चार बार नेपाल जा चुके हैं, लेकिन रिश्तों में भरोसे का अभाव दिख रहा है. इसी बीच चीन और नेपाल के रिश्तों में एक और प्रगति सामने आई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार नेपाल सरकार ने कहा है कि चीन अपने पोर्ट को इस्तेमाल करने की इजाज़त नेपाल को देगा. नेपाल एक लैंडलॉक्ड देश है और वो भारत से अपनी निर्भरता कम करना चाहता है. 2015 में भारत की तरफ़ से अघोषित नाकाबंदी की गई थी और इस वजह से नेपाल में ज़रूरी सामानों की भारी किल्लत हो गई थी. तब से दोनों देशों के बीच संबंधों में वो भरोसा नहीं लौट पाया है.
भारत नेपाल के नए संविधान से संतुष्ट नहीं था. कहा जा रहा था कि नेपाल ने मधेसियों के साथ नए संविधान में भेदभाव किया है. मधेसी भारतीय मूल के हैं और इनकी जड़ें बिहार और यूपी से हैं. हालांकि नेपाल ने संविधान में कोई बदलाव नहीं किया और भारत को नाकाबंदी बिना कोई कामायाबी के ख़त्म करनी पड़ी थी. नेपाल के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि उसे चीन ने थिंयान्जिन, शेंज़ेन. लिआनीयुगैंग और श्यांजियांग पोर्ट के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है. मंत्रालय ने अपने बयान में ये भी कहा है कि चीन ने नेपाल को लैंड पोर्ट लोंजोऊ, लासा और शिगैट्से के इस्तेमाल पर भी सहमति जता दी है. नेपाल के प्रति चीन के इस रुख़ के बारे में कहा जा रहा है कि नेपाल भारत से अपनी निर्भरता कम करना चाहता है दूसरी तरफ़ चीन भी नेपाल में भारत की तुलना में अपनी मौजूदगी ज़्यादा बढ़ाना चाहता है. केपी शर्मा ओली फ़रवरी 2015 में दूसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे. वो तब से दो बार भारत आ चुके हैं. वो अपने चुनावी अभियान में चीन के साथ सहयोग बढ़ाने और भारत पर निर्भरता कम करने की बात कह चुके हैं.नेपाल के नए संविधान पर भारत के असंतोष पर नेपाल की ओली सरकार कहती रही है कि यह उसका आंतरिक मामला है. भारत और नेपाल के बीच 1950 में हुए पीस एंड फ्रेंडशिप संधि को लेकर ओली सख़्त रहे हैं. उनका कहना है कि संधि नेपाल के हक़ में नहीं है. इस संधि के ख़िलाफ़ ओली नेपाल के चुनावी अभियानों में भी बोल चुके हैं. ओली चाहते हैं कि भारत के साथ यह संधि ख़त्म हो.

सीमा विवाद एक बड़ा मुद्दा

दोनों देशों के बीच सीमा विवाद भी एक बड़ा मुद्दा है. सुस्ता और कलपानी इलाक़े को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद है. चार साल पहले दोनों देशों के बीच सुस्ता और कलपानी को लेकर विदेश सचिव के स्तर की बातचीत को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक एक भी बैठक नहीं हुई है. ओली जब भारत आते हैं तो उन पर दबाव होता है कि इन दोनों मुद्दों पर बातचीत करें, लेकिन द्विपक्षीय वार्ताओं में इनका ज़िक्र नहीं होता है. नंवबर 2016 में मोदी सरकार ने अचानक से जब 500 और एक हज़ार के नोटों को चलन से बाहर कर दिया तो नेपाल भी इससे प्रभावित हुआ. नेपाल में भी भारतीय नोट लेन-देन के आम चलन में हैं और जब ये नोट रद्द किए गए तो वहां के लोग और अर्थव्यस्था पर बुरा असर पड़ा. नेपाल ने भारत से पुराने नोटों को बदलने का आग्रह किया और दोनों देशों के बीच बातचीत भी शुरू हुई, लेकिन अब भी मामला सुलझा नहीं है. इस मामले में कोई आधिकारिक तस्वीर नहीं होने की वजह से भी मामल अटका हुआ है. 6 अप्रैल को ओली ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉ़न्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए कहा था, ”भारतीय निवेशक दुनिया भर के देशों में निवेश कर रहे हैं, लेकिन अपने पास के ही नेपाल में नहीं करते हैं. आख़िर ऐसा क्यों है? हम भौगोलिक रूप से पास में हैं, आना-जाना बिल्कुल आसान है, सांस्कृतिक समानता है और ऐसा सब कुछ है जो दोनों देशों को भाता है फिर भी निवेश क्यों नहीं होता?”
ओली के बारे में कहा जाता है कि वो विदेशी संबंधों में अपने दो बड़े पड़ोसी भारत और चीन के बीच संतुलन बनाकर रखना चाहते हैं. ओली के बारे में कहा जाता है कि वो कभी भारत समर्थक कहे जाते थे. नेपाल की राजनीति में उनका रुख़ भारत के पक्ष में कभी हुआ करता था. 1996 में भारत और नेपाल के बीच हुए ऐतिहासिक महाकाली संधि में ओली की बड़ी भूमिका मानी जाती है. ओली 1990 के दशक में नेपाल में कैबिनेट मंत्री हुआ करते थे. वो 2007 तक नेपाल के विदेश मंत्री भी रहे थे. इस दौरान ओली के भारत से काफ़ी अच्छे ताल्लुकात थे. नेपाल पर भारत का प्रभाव दशकों से रहा है. दोनों देशों के बीच खुली सीमा है, बेशुमार व्यापार है, एक धर्म है और रीति रिवाज़ भी एक जैसे हैं. दोनों देशों के बीच बिगड़ते संबंधों को लेकर जब बात होती है तो चीन का ज़िक्र ज़रूरी रूप से होता है. चीन ने हाल के वर्षों में नेपाल में भारी निवेश किया है. नेपाल में चीन कई प्रोजेक्टों पर काम कर रहा है और इसमें बुनियादी ढांचों सी जुड़ी परियोजनाएं सबसे ज़्यादा हैं. चीन नेपाल में एयरपोर्ट, रोड, हॉस्पिटल, कॉलेज, मॉल्स बना रहा है तो एक रेलवे लाइन पर भी काम कर रहा है. कॉर्नेगी इंडिया के एनलिस्ट कॉन्स्टैन्टिनो ज़ेवियर ने वॉशिंगटन पोस्ट से कहा है, ”नेपाल और चीन की क़रीबी एक बड़ा परिवर्तन है. यह नेपाल के इतिहास में पहली बार है कि चीन नेपाल को भारत का विकल्प मुहैया करा रहा है.”

धार्मिक और कई तरह की बेशुमार समानता

नेपाल मामलों के जानकार आनंदस्वरूप वर्मा कहते हैं, ”जिस तरह भारत में राष्ट्रवाद की बात होती है तो पाकिस्तान विरोध केंद्र में आ जाता है. उसी तरह अब नेपाल में चुनावों के दौरान हो रहा है. ऐसी स्थिति भारत ने ही पैदा की है. भारत 2015 में नाकाबंदी कर वहां के नागरिकों को भी अपने ख़िलाफ़ भावना रखने पर मजबूर किया है. नेपाल भारत का विरोध कर ख़ुद को आगे नहीं बढ़ा सकता है, लेकिन दुर्भाग्य से भारत के साथ ऐसा नहीं है कि वो भी सोच ले कि उसके अलावा नेपाल के पास कोई विकल्प नहीं है. भारत के साथ सांस्कृतिक, धार्मिक और कई तरह की बेशुमार समानता हैं, लेकिन वो इस मौक़े को भुना नहीं पाया. नेपाल में भारत ने ख़ुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है.”
वो कहते हैं, ”भारत सैकडों सालों तक उपनिवेश रहा है, लेकिन नेपाल कभी किसी का उपनिवेश नहीं रहा. भारत में औपनिवेशिक मानसिकता केवल यहां की राजनीति में ही नहीं है बल्कि समाज और बुद्धिजीवियों में भी दिखती है. हमें नेपाल का गार्ड मंजूर है, नौकर मंजूर है पर एक संप्रभु देश मंजूर नहीं है. 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध के बाद 1964 में चीन ने काठमांडू को कोदारी राजमार्ग से जोड़ा था. इसे लेकर भारत की संसद में काफ़ी तीखी बहस हुई थी. कहा जाने लगा कि चीन गोरखपुर तक पहुंच जाएगा. हालांकि ऐसा नहीं हुआ.”
वो कहते हैं, ”आख़िर एक संप्रभु देश दूसरे देश से अपने हित में संबंध क्यों नहीं बना सकता और वो भी तब जब आप उसके हितों का ख़्याल नहीं रख रहे हैं. 1950 में भारत ने जो नेपाल से पीस एंड फ्रेंडशिप संधि की थी उसे लेकर नेपाल में अब आवाज़ उठ रही है. वो संधि तब हुई थी जब नेपाल में राणाशाही थी. अगर लोकतांत्रिक नेपाल आपसे इस संधि पर बातचीत करना चाहता है तो आपको करना होगा.” https://www.kanvkanv.com

देश

लंबे इंतजार के बाद सामने आईं दीपिका-रणवीर की शादी की तस्वीरें, 2 दिन में 8 फेरे लेकर बने पति-पत्नी

Published

on

नयी दिल्ली। दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने दो दिवसीय वेंडिंग के दौरान सात समंदर पार आठ फेरे लेकर एक दूसरे के हो गए हैं। दोनों ने कोंकणी रीति-रिवाज और सिंधि रीति-रिवाज से  ‘आनंद कारज’ इटली में शादी की। ‘दीपवीर’ की शादी पारंपरिक तरीके से हुई। रणवीर, सिंधी परिवार से हैं जबकि दीपिका दक्षिण भारत की कोंकणी परिवार से।

फंक्शन इटली के लेक लेक कोमो में Villa del Balbianello में संपन्न हुए। दीप‍वीर की शादी में 40 लोग शामिल हुए। शादी का रिसेप्शन 28 नवंबर को मुंबई के होटल ग्रैंड हयात में होगा। ये रिेसेप्शन पार्टी रणवीर के माता-पिता की तरफ से है। 21 नवंबर को दीपिका के होमटाउन बेंगलुरु में भी रिसेप्शन है। इसे दीपिका के माता-पिता होस्ट करेंगे। दोनों ने दो दिन के अंदर 4-4 यानी कुल 8 फेरे लिए।

दीपिका के NGO का बायो अब #DeepVeerwale

शादी के बाद दीपिका पादुकोण के NGO का नाम सोशल मीडिया में बदल दिया गया है. इंस्टा का अब इसे DeepVeerwale कर दिया गया है। बता दें की दीपिका का एनजीओ ”लिव, लव, लाफ” मेंटल हेल्थ को लेकर काम करता है। इससे पहले दीपिका की बहन अनीशा पादुकोण ने इंस्टा पर अपना नाम बदल कर लड़कीवाले कर लिया था।

दोनों की तस्वीरें आई सामने

हाथ में कलीरें, लाल जोड़ा, मंडप में रणवीर संग ऐसे बैठी थीं दीप‍िका

वहीं दो दिन इंतज़ार के बाद दोनों की आफिशियली तस्वीरें आ गई हैं। आप जो तस्वीरें देख रहे हैं वो कोंकणी रिवाज के दौरान की हैं।  रणवीर सिंह ने सफेद कुर्ता पहना है, दीप‍िका गोल्डन कांजीवरम साड़ी में हैं। अपने लुक को ट्रेनि‍शनल टच देने के लिए दीप‍िका ने गोल्डन हैवी ज्वैलरी पहनी है, हाथ में पूजा की थाल ल‍िए दीप‍िका रणवीर को देखकर हंसती नजर आ रही है। रणवीर के हाथ में दीप‍िका का हार है। वो माथे पर पारंपर‍िक पर्ल की ज्वैलरी पहने नजर आ रहे हैं। दोनों के गले में गुलाब के लाल फूलों की जयमाला देखकर ये साफ हो रहा है कि तस्वीर जयमाल की रस्म के बाद क्ल‍िक की गई है।

हाथ में कलीरें, लाल जोड़ा, मंडप में रणवीर संग ऐसे बैठी थीं दीप‍िका

दूसरी तस्वीर ज‍िसमें दीपवीर की स‍िंधी वेड‍िंग लुक में नजर आ रही है। प‍िंक और गोल्डन कांजीवरम शेरवानी, स‍िर पर साफा बांधे रणवीर पूरे राजसी ठाठ-बाट में नजर आ रहे हैं। दीप‍िका लाल रंग का पारंपरिक लहंगा पहनना है। माथे पर ब‍िंद‍िया, मेहंदी लगाए दीप‍िका केहाथों में कलीरें बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं। स‍िंधी दुल्हन बनकर रणवीर संग मंडप में बैठी दीप‍िका के लुक को ड‍िजाइनर सब्यसाची ने तैयार किया है। दीपवीर ने ड‍िजाइनजर सब्यसाची के ड‍िजाइन करे हुए परिधानों को शादी के खास द‍िन के‍ लिए चुना है। https://www.kanvkanv.com

Continue Reading

देश

क्या भाजपा का प्रचार करते हैं राहुल गांधी, हमेशा जपते हैं मोदी-मोदी का नाम : अमित शाह

Published

on

बड़वानी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि राहुल को नरेंद्र मोदी नाम का फोबिया हो गया है। यही कारण है कि वे सिर्फ मोदी-मोदी ही जपते हैं। मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार पर पहुंचे शाह ने गुरुवार को कहा कि विकास का दूसरा नाम भाजपा और शिवराज सिंह चौहान है, मगर कांग्रेस के पास न तो यह बताने के लिए है कि पहले क्या किया और आगे क्या करेंगे। भाजपा ने राज्य के हर वर्ग के लिए काम किया है।

हवाई अड्डे पर सुना राहुल का भाषण

शाह ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि एक दिन हवाई जहाज के इंतजार में हवाई अड्डे पर बैठे राहुल गांधी का भाषण सुन रहे थे, राहुल यह नहीं बता रहे थे कि, उनकी सरकार ने कितना भ्रष्टाचार किया और आगे क्या करेंगे, उनके पास कुछ भी बताने को नहीं है, वहीं भाजपा विकास करती रही है, आगे भी करेगी। राहुल अपने भाषण में सिर्फ मोदी-मोदी करते हैं। लगता है कि राहुल को मोदी नाम का फोबिया हो गया है।

कांग्रेस का प्रचार कर रहे हैं या भाजपा का

शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल गांधी को सुनकर यह समझना कठिन था कि वे कांग्रेस का प्रचार कर रहे हैं या भाजपा का। वे तो सिर्फ मोदी-मोदी ही करे जा रहे थे। उन्हें तो कुछ भी हो मोदी ही नजर आते हैं। मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए नाम वापसी का दिन निकल जाने के बाद गुरुवार से भारतीय जनता पार्टी का प्रचार अभियान तेज हो रहा है और इसकी शुरुआत राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बड़वानी से कर दी है। https://www.kanvkanv.com

Continue Reading

देश

कठुआ रेप केस : पीड़ित परिवार ने वकील दीपिका को केस से हटाया, रवैये से था परेशान

Published

on

नयी दिल्ली। कठुआ में दुष्कर्म के बाद मौत के घाट उतार दी गई 8 साल की मासूम बच्ची के परिवार ने अपनी वकील दीपिका राजावत को हटाने का फैसला किया है। कठुआ पीड़िता के पिता ने कहा कि दीपिका अदालत में सुनवाई के दौरान बमुश्किल ही उपलब्ध होती हैं। परिवार के एक करीबी ने कहा कि पीड़िता के पिता ने पंजाब की पठानकोट अदालत में आवेदन दाखिल किया है, जहां मामले को स्थानांतरित किया गया था।

आवेदन में कहा गया है कि दीपिका रजावत उनका प्रतिनिधित्व नहीं करेंगी और उनसे वकालतनामा वापस लिया जा रहा है। कठुआ पीड़िता के पिता ने बुधवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि अदालत द्वारा मामले में अभी तक 100 बार सुनवाई हो चुकी है और सुनवाई के दौरान करीब 100 गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है लेकिन दीपिका रजावत परिवार की ओर से केवल दो बार ही पेश हुई हैं।

दीपिका रजावत ने मीडिया को बताया कि जब से वह मामले से जुड़ी हैं तब से उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। घुमंतू परिवार की मामले में अगुवाई करने की घोषणा के बाद रजावत ने अखबारों की सुर्खियां बटोरी थीं। जम्मू एवं कश्मीर के कठुआ जिले के रसाना गांव में जनवरी में 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। अपराध के कथित मास्टर माइंड सांझी राम सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। https://www.kanvkanv.com

Continue Reading
राज्य5 hours ago

बहराइच : आगामी पर्व को लेकर भी थानों में की गई शांति समिति की बैठक 

राज्य5 hours ago

बहराइच : पर्यटकों के स्वागत को तैयार कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार

राज्य6 hours ago

गोंडा : चावल की बोरी में मिली इंटरलाकिंग की ईंट, जांच का दिया आश्वासन

देश6 hours ago

लंबे इंतजार के बाद सामने आईं दीपिका-रणवीर की शादी की तस्वीरें, 2 दिन में 8 फेरे लेकर बने पति-पत्नी

राज्य6 hours ago

श्रावस्ती : बस और कार की टक्कर में एक की मौत, चार लोग गंभीर रूप से घायल

देश9 hours ago

क्या भाजपा का प्रचार करते हैं राहुल गांधी, हमेशा जपते हैं मोदी-मोदी का नाम : अमित शाह

लाइफ स्टाइल9 hours ago

रेसिपी : कभी नहीं भूल पाएंगे इस स्वादिष्ट हलवे का स्वाद, यहां जानें बनाने की पूरी विधि

राज्य10 hours ago

श्रावस्ती : अथक प्रयासों के बाद जनपद को रेलवे से जोड़ना अद्भूत अनुभूति : सांसद

वीडियो10 hours ago

सारा को शाही जोड़े में देख सुशांत ने खोला दिल का राज़, बोले-तू ही तो मेरी स्वीट हार्ट है…; देखें वीडियो

राज्य10 hours ago

गोंडा : कच्ची जहरीली शराब पीने से युवक की मौत

राज्य11 hours ago

गोंडा : वाहनों की टक्कर में चालक सहित भाई-बहन की मौत

देश11 hours ago

कठुआ रेप केस : पीड़ित परिवार ने वकील दीपिका को केस से हटाया, रवैये से था परेशान

देश12 hours ago

गृहमंत्री राजनाथ सिंह का हमला, बिना दूल्हे की बारात लेकर आगे बढ़ी है कांग्रेस

राज्य12 hours ago

बलरामपुर : पैसा मांगने गए दूध वाले की दबंगों ने धारदार हथियार से की हत्या

देश12 hours ago

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कैमरे से डरे लालू के लाल तेजस्वी यादव, लगाए गंभीर आरोप

राज्य12 hours ago

बाबरी मस्जिद के पक्षकार इक़बाल ने बताया जान का खतरा, डीजीपी ने दिया भरोसा, यूपी में सब सुरक्षित

दुनिया13 hours ago

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपया हुआ मजबूत, ऊर्जा क्षेत्र के निवेशक चिंतित

देश13 hours ago

खुफिया एजेंसियों का हाई अलर्ट, जैश के 7 आतंकी पंजाब में घुसे, दिल्ली में वारदात की साजिश

राज्य3 weeks ago

सिपाही पिता आईपीएस बेटे का बना मातहत, ठोकेगा सैल्यूट, लखनऊ में दोनों की तैनाती

देश4 weeks ago

अमृतसर ट्रेन हादसा : जिसने निभाया था रावण का किरदार, उसे भी ‘मौत’ खींच ले गयी पटरी के पास

देश4 weeks ago

विधान परिषद सभापति के बेटे की मौत पर बड़ा खुलासा, मां ने ही की थी हत्या, बताया-क्या हुआ था उस रात

मनोरंजन2 weeks ago

अभिनेत्री बोली, कमरे में ले जाकर डायरेक्टर ने कहा-100 करोड़ दूंगा, कुत्ते के साथ शारीरिक संबंंध बनाओगी

देश3 weeks ago

लखनऊ में दिनदहाड़े कैशियर की गोली मारकर हत्या, 10 लाख रुपये लूटे, पुलिस महकमे में हड़कंप

देश6 days ago

दिन में भाजपा में शामिल हुई और रात में ही मिल गया इस मुस्लिम महिला को टिकट, लेंगी बदला

मनोरंजन4 days ago

देखें फोटो : पहलवान से भिड़ना राखी सावंत को पड़ा महंगा, उठाकर एेसा पटका कि पहुंच गईं अस्पताल

देश4 weeks ago

यूपी : कलयुगी भाइयों ने अपनी ही 15 साल की सगी बहन का 4 साल तक किया रेप

मनोरंजन3 weeks ago

‘मुझे धक्का देते हुए मेरे प्राइवेट पार्ट्स छूने लगा’, शूटिंग के दौरान डांसर से छेड़छाड़, अक्षय भी थे मौजूद

हेल्थ4 weeks ago

डॉक्टरों का हैरतअंगेज कारनामा : देश में पहली बार मां के गर्भाशय से बेटी ने दिया बच्चे को जन्म

देश4 weeks ago

वीडियो : अमृतसर में बड़ा हादसा, ट्रेन से कुचलकर 60 लोगों की मौत, रेलवे और ड्राइवर ने दी सफाई

राज्य4 weeks ago

यूपी : भाजपा पार्षद ने चांटे मार-मार कर दरोगा को पीटा, महिला वकील को भी नहीं बख्शा, देखें वीडियो

राज्य3 days ago

योगी सरकार की बड़ी तैयारी, इलाहाबाद-फैजाबाद के बाद अब बदले जाएंगे इन शहरों के नाम

राज्य2 weeks ago

भाजपा के डिप्टी सीएम व कैबिनेट मंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट, रीता को गिरफ्तार करने का आदेश

देश2 weeks ago

पहले बने भाई और बहन फिर प्रेमी-प्रेमिका, शारीरिक संबंध के बाद शुरू हुआ विवाहिता दीदी का ‘गंदा खेल’

राज्य4 weeks ago

यूपी पुलिस में निकली बंपर वैकेंसी : 1 नवंबर से शुरू होगी 56,808 सिपाहियों की भर्ती, जानें पूरी जानकारी

देश4 weeks ago

यूपी और उत्तराखंड के पूर्व सीएम एनडी तिवारी का निधन, जन्मदिन के दिन ही ली अंतिम सांस

खेल3 weeks ago

रांची से इस दिग्गज पार्टी की तरफ से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं महेंद्र सिंह धोनी

Trending