मोदी ने एक तीर से साधे कई निशाने, भाजपा को यूपी-पंजाब में मिल सकता है कृषि कानूनों की वापसी का फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐलान किया। मोदी के इस फैसले का सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही स्वागत कर रहे हैं। यूपी समेत 5 राज्यों में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी के इस ऐलान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। 
 
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कृषि कानूनों की वापसी -मोदी ने एक तीर से साधे कई निशाने

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐलान किया। मोदी के इस फैसले का सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही स्वागत कर रहे हैं। यूपी समेत 5 राज्यों में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी के इस ऐलान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। 

पश्चिमी यूपी में कम होगा किसानों का गुस्सा

किसान आंदलोन का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी काफी हद तक देखने को मिला। तीन अक्‍टूबर को लखीमपुर खीरी की हिंसा में चार किसानों के मारे जाने के बाद यह और उग्र हुआ। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। तीनों कृषि कानूनों और किसानों के नाम पर योगी और मोदी सरकार को घेरने की योजनाओं में अब विपक्षी पार्टी को बदलाव लाना होगा। विपक्षी दल यूपी के इस हिस्से में किसान आंदोलन से बड़ी उम्‍मीद लगाए बैठे थे। प्रधानमंत्री के ऐलान के साथ ही अब यह मुद्दा ही खत्‍म गया है। 

पंजाब में भाजपा को मिल सकता है फायदा

कृषि कानूनों का सबसे ज्यादा विरोध पंजाब में देखने को मिला था। कृषि कानूनों ने न केवल शिरोमणि अकाली दल के साथ अपने 24 वर्षीय चुनावी गठबंधन को तोड़ दिया था, बल्कि ग्रामीण पंजाब में सिख किसानों के क्रोध का का भी सामना करना पड़ा था। अब, भाजपा को मोदी के इस फैसले का लाभ उठाने की उम्मीद है। आपको बता दें कि इससे कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार द्वारा करतारपुर कॉरिडोर को फिर से खोलने का ऐलान किया गया था।