अवैध तरीके से चल रही क्रिप्टोकरेंसी पर मोदी सरकार कसेगी शिकंजा, कहा- कैसे रोक रहे हैं इन्हें...

मोदी सरकार ने देश में अवैध तरीके से चल रहे सभी क्रिप्टो एक्सचेंज पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने आतंकियों के लिए आतंकी फंडिंग और काला धन जमा करने वालों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का जरिया बने इन क्रिप्टो एक्सचेंज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है. PM ने इसे लेकर फाइनेंस मंत्रालय, RBI और गृह मंत्रालय के साथ एक बैठक भी की. सरकारी सूत्रों का कहना है कि बैठक में PM मोदी ने स्पष्ट तौर पर पूछा कि क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलराइज करने के लिए कौन से कदम उठाए गए हैं.

 
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अवैध तरीके से चल रही क्रिप्टोकरेंसी पर मोदी सरकार कसेगी शिकंजा, कहा- कैसे रोक रहे हैं इन्हें...

मोदी सरकार ने देश में अवैध तरीके से चल रहे सभी क्रिप्टो एक्सचेंज पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने आतंकियों के लिए आतंकी फंडिंग और काला धन जमा करने वालों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का जरिया बने इन क्रिप्टो एक्सचेंज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है. PM ने इसे लेकर फाइनेंस मंत्रालय, RBI और गृह मंत्रालय के साथ एक बैठक भी की. सरकारी सूत्रों का कहना है कि बैठक में PM मोदी ने स्पष्ट तौर पर पूछा कि क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलराइज करने के लिए कौन से कदम उठाए गए हैं.

जानकारी के मुताबिक, बैठक में क्रिप्टोकरेंसी और उससे जुड़े सभी मुद्दों की व्यापक समीक्षा हुई. साफतौर पर यह तय किया गया कि क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर युवाओं को गुमराह करने वाली अपारदर्शी एडवर्टाइजिंग पर रोक लगाई जाए. बैठक में RBI, फाइनेंस मंत्रालय और गृह मंत्रालय की तरफ से देश-दुनिया के क्रिप्टो एक्सपर्ट्स से ली गई सलाह के बाद सामने आए मुद्दों पर बात की गई.

खबर के अनुसार, बैठक में अवैध क्रिप्टो मार्केट्स को लेकर सबसे ज्यादा बातचीत की गई. इस बात पर सहमति जताई गई कि इन मार्केट्स को मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग का गढ़ नहीं बनने दिया जा सकता. बैठक में इस पर भी सहमति रही कि क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी तकनीक रोजाना बदल रही है. इसके चलते यह तय किया गया कि सरकार तकनीक की मदद से क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े हर पहलू पर करीबी नजर रखने के लिए कदम उठाएगी. इसके लिए लगातार एक्सपर्ट्स और अन्य हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे.

बैठक में यह भी माना गया कि क्रिप्टोकरेंसी का मुद्दा देश की सीमाओं में बंधा हुआ नहीं है बल्कि यह एक इंटरनेशनल इश्यू है. ऐसे में भारत सरकार ग्लोबल पार्टनरशिप और सामूहिक रणनीतियां बनवाने के लिए दूसरे देशों के साथ तालमेल बनाएगी.