Live Update: तीनो कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद किसानों का आंदोलन जारी, 20 हजार जगहों पर जलाईं कृषि कानून प्रतियां

नई दिल्ली। तीनो किसान बिलों पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के रोक लगा देने के बावजूद किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। सिंघु बॉर्डर पर बुधवार शाम को प्रदर्शनकारी किसानों ने तीनो बिलों की प्रतियों को जलाकर लोहड़ी का त्यौहार मनाया।

किसान बिल रद्द करने तक प्रदर्शन जारी
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) ने बताया की तीनो किसान बिल जब तक रद्द नहीं किये जाते तब तक हम प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने बताया की किसानों की मांग पर सरकार का रवैया अड़ियल है। उसके खिलाफ अभियान तेज करते हुए देशभर में 20 हजार से ज्यादा स्थानों पर कृषि कानून की प्रतियां जलाईं गईं। सभी स्थानों पर किसानों ने एकत्र होकर कानून की प्रतियां जलाईं और उन्हें रद्द करने के नारे लगाए।

गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड की तैयारी में जुटे किसान
किसान समिति ने दिल्ली के आसपास 300 किमी के दायरे में स्थित सभी जिलों के किसानों से अपील की है कि वे दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड की तैयारी में जुटें और बॉर्डर पर जमा हों। जहां 18 जनवरी को सभी जिलों में महिला किसान दिवस मनाया जाएगा, वहीं बंगाल में 20 से 22 जनवरी, महाराष्ट्र में 24 से 26 जनवरी, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश में 23 से 25 जनवरी और ओडिशा में 23 जनवरी को महामहिम (राज्यपाल) के कार्यालय के समक्ष महापड़ाव आयोजित किया जाएगा।

किसान नेताओं पर लगाए गलत आरोप
किसान समिति ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में किसान नेताओं पर गलत आरोप लगाए। किसान बता चुके हैं कि इन कानूनों से उनके बाजार, जमीन की सुरक्षा पर हमला होगा, लागत व सेवाओं के दाम बढ़ेंगे, उपज के दाम घटेंगे, किसानों पर कर्ज और आत्महत्याएं बढ़ेंगी, राशन व्यवस्था भंग होगी, खाने के दाम बढ़ेंगे। केंद्र सरकार न केवल किसानों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में विफल रही है बल्कि उसने सर्वोच्च न्यायालय के सामने सही तथ्य पेश नहीं किए हैं।