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कर्नाटक का सियासी ‘नाटक’ : शिवकुमार को पुलिस ने रोका, बागी विधायकों से मिलने नहीं दिया

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मुंबई। कर्नाटक का सियासी ‘नाटक’ महाराष्ट्र तक पहुंच गया है। कर्नाटक में सत्‍तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस की सरकार अस्थिर दिख रही है, इस बीच भाजपा राज्य में अपनी सरकार बनाने की जुगत में है। शह और मात के इस खेल में जीत हासिल करने के लिए कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी जहां बागी विधायकों को मनाने के लिए जुटे हैं, वहीं कांग्रेस के कुछ नेताओं का अहंकार और बोड़बोलापन कांग्रेस के प्रयासों पर पानी फेरने का काम कर रहा है। बुधवार को कर्नाटक सरकार के बागी विधायकों को मनाने के लिए डी.के. शिवकुमार मुंबई के रिनैंसांस होटल पहुंच गए हैं। हालांकि उन्‍हें मुंबई पुलिस ने होटल के अंदर नहीं जाने दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पहले रविवार और सोमवार को यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों ने भी बीकेसी में जोरदार हंगामा किया था।

पुलिस ने किसी को भी होटल के भीतर जाने की मंजूरी नहीं दी

कर्नाटक में जारी सियासी बाधा को सुलझाने के लिए शनिवार से ही शिवकुमार प्रयासरत हैं। कांग्रेस के नौ विधायकों के इस्‍तीफे के बाद से कर्नाटक में जेडीएस के तीन मंत्रियों ने भी इस्तीफा सौंप कर मुंबई में पनाह ली थी। बुधवार सुबह बागी विधायकों से मिलने मुंबई पहुंचे शिवकुमार को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। उनके साथ ही मिलिंद देवड़ा, नसीम खान समेत कुछ अन्य कांग्रेस नेताओं को भी पवई के होटल के पास देखा गया लेकिन पुलिस ने किसी को भी होटल के भीतर जाने की मंजूरी नहीं दी गई।
उल्लेखनीय है कि डी.के. शिवकुमार पहले भी कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के तारणहार बने थे। शिवकुमार को कर्नाटक में ‘चुनावी प्रबंधन का चाणक्‍य’ कहा जाता है। वह पार्टी को हर संकट से उबारने में सफल रहे हैं। वे फंड जुटाने के साथ-साथ सभाओं में भीड़ जुटाने का काम करते रहे हैं। कांग्रेस में शिवकुमार का कद बड़ा है। उनके कारण ही कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस का समझौता हो पाया। उन्‍होंने न केवल गठबंधन बचाया बल्कि भाजपा से अपने विधायकों को भी बचाने में सफलता पाई थी। https://kanvkanv.com

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Nirbhaya case/ पवन ने फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की

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नई दिल्ली। निर्भया केस (Nirbhaya case) के चार दोषियों में से एक पवन कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर कर फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की है।

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा था कि निर्भया मामले के चारों दोषियों को अलग-अलग नहीं बल्कि एक साथ ही फांसी देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ केन्द्र की अपील पर 5 मार्च को सुनवाई की जायेगी।

शीर्ष अदालत ने 14 फरवरी को ही स्पष्ट कर दिया था कि केन्द्र की लंबित अपील निर्भया गैंगरेप और हत्या के दोषियों की मौत की सजा पर अमल के लिये निचली अदालत द्वारा नयी तारीख निर्धारित करने में बाधक नहीं होगी। इसके बाद ही निचली अदालत ने चारों दोषियों को तीन मार्च को मृत्यु होने तक फांसी पर लटकाने के लिये आवश्यक वारंट जारी किये थे। बता दें कि नए डेथ वारंट के हिसाब से चारों दोषियों को तीन मार्च को फांसी दी जानी है।

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महाराष्ट्र के सरकारी स्कूल कॉलेज में मुसलमानों को 5 फीसदी आरक्षण

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मुंबई। महाराष्ट्र के सरकारी स्कूल और कॉलेज में मुस्लमानों को 5 फीसदी आरक्षण दिए जाने को लेकर उद्धव कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि जल्द ही इसे विधानसभा से पारित किया जाएगा।

नवाब मलिक ने कहा कि हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद सरकारी शिक्षण संस्थानों में पांच फीसदी आरक्षण जारी रहे ऐसा आदेश दिया था लेकिन दिसंबर 2014 में वो अध्यादेश खत्म हो गया। पिछली सरकार ने उसको लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। सदस्यों की मांग थी कि आरक्षण देना चाहिए। हमने ऐलान किया है शिक्षण संस्थान में आरक्षण देने की मान्यता हाईकोर्ट ने दी है उसे जल्द से जल्द कानून बनाकर लागू करेंगे।

इससे पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी एक कार्यक्रम के दौरान अल्पसंख्यकों की प्रशंसा की थी। तब उन्होंने कहा था कि अल्पसंख्यकों, विशेष तौर पर मुस्लिमों ने राज्य चुनाव में भाजपा के लिए वोट नहीं किया। उन्होंने कहा कि समुदाय के सदस्य जब कोई निर्णय लेते हैं तो यह किसी पार्टी की हार सुनिश्चित करने के लिए होता है।

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एसएन श्रीवास्तव को दिल्ली पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार

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नई दिल्ली। दिल्ली में साम्प्रदायिक हिंसा के बीच एस एन श्रीवास्तव को दिल्ली पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे अमूल्य पटनायक का स्थान लेंगे, जिनका अतिरिक्त कार्यकाल शनिवार, 29 फरवरी को समाप्त हो रहा है। दिल्ली में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा के बीच हाल ही में स्पेशल पुलिस कमिश्नर (लॉ ऐंड ऑर्डर) बनाए गए एसएन श्रीवास्तव 1 मार्च से दिल्ली पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। वर्ष 1985 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (भा.पु.से.) के एसएन श्रीवास्तव का नया कार्यकाल 01 मार्च से शुरू होगा।

दिल्ली के मौजूदा पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक का कार्यकाल 30 जनवरी को समाप्त गया था। पर दिल्ली विधानसभा चुनावों को देखते हुए उन्हें 29 फरवरी तक का सेवा विस्तार दिया गया था। अमूल्य पटनायक के कार्यकाल का अंतिम दौर कुछ कड़वी यादें छोड गया है। उनके अंतिम दौर में ऐसा पहली बार हुआ कि पुलिसकर्मियों को अपने ही उच्चाधिकारियों के खिलाफ जाकर न केवल धरना प्रदर्शन करना पड़ा बल्कि पुलिसकर्मियों ने पुलिस मुख्यालय ही घेर लिया। वे वकीलों द्वारा सरेआम पुलिसकर्मियों की पिटाई और अभद्रता के खिलाफ सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए थे। इसके बाद जामिया विश्वविद्यालय में पुलिस के प्रवेश को लेकर आवाजें उठीं तो अब उत्तर पूर्वी दिल्ली में साम्प्रदायिक दंगे और बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने को पुलिस की नाकामी के तौर पर देखा जा रहा है।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के तेज-तर्रार अधिकारी रहे एस.एन. श्रीवास्तव दिल्ली में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपे जाने से पहले डीजी ट्रेनिंग थे। दो साल पहले तक जम्मू-कश्मीर के स्पेशल डीजी रहे एस.एन. श्रीवास्तव को घाटी में ऑपरेशन ऑल आउट के दौरान सेना के साथ काम करने के कौशल के लिए जाना जाता है। एसएन श्रीवास्तव का कार्यकाल 30 जून,2021 तक रहेगा। श्रीवास्तव को पूर्व में सीआरपीएफ के वेस्टर्न जोन का एडीजी बनाया गया था। इस दौरान श्रीवास्तव के नेतृत्व में ही सीआरपीएफ और भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में कई एंटी टेरर ऑपरेशन चलाए थे। इनमें ऑपरेशन ऑल आउट जैसे बड़े ऑपरेशन भी शामिल थे।

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