भारत ने चीन को दिया कड़ा जवाब, कहा- अवैध कब्जा न स्वीकार किया है, न करेंगे

नई दिल्ली. भारत ने चीन पर कड़ा निशाना साधा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि भारत ने चीन के अवैध कब्जों को कभी स्वीकार नहीं किया है और आगे भी नहीं करेगा. यह बात उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का कुछ हिस्से पर चीन की मौजूदगी को लेकर कही. उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश सहित सीमा से सटे इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किए जा रहे हैं. बॉर्डर से सटे इलाकों में सड़क और पुलों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार देश की सीमा पर होने वाली एक्टिविटी का राजनयिक माध्यमों के जरिए विरोध करती आई है.

 
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भारत ने चीन को दिया कड़ा जवाब, कहा- अवैध कब्जा न स्वीकार किया है, न करेंगे 

नई दिल्ली. भारत ने चीन पर कड़ा निशाना साधा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि भारत ने चीन के अवैध कब्जों को कभी स्वीकार नहीं किया है और आगे भी नहीं करेगा. यह बात उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का कुछ हिस्से पर चीन की मौजूदगी को लेकर कही. उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश सहित सीमा से सटे इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किए जा रहे हैं. बॉर्डर से सटे इलाकों में सड़क और पुलों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार देश की सीमा पर होने वाली एक्टिविटी का राजनयिक माध्यमों के जरिए विरोध करती आई है.

अफगानिस्तान के मसले पर होने वाली सभी बैठकों में भारत शामिल होता आया है. इस मुद्दे पर दिल्ली में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में पाकिस्तान नहीं आया है. इससे पता चलता है कि वे अफगानिस्तान के मसले को लेकर कितने चिंतित हैं.

रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा मजबूत करने के लिए तिब्बत ऑटोनोमस रीजन और LAC के बीच विवादित जगह पर अपना एक गांव बसा दिया है. इस गांव में 100 घर बनाकर नागरिक बसाए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने यह गांव साल 2020 में दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख में गतिरोध शुरू होने के बाद बसाया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस गांव को बसाने के अलावा भी चीन ने बहुत सारे पक्के इंफ्रास्ट्रक्चर LAC से सटे इलाकों में बनाए हैं. इस दौरान चीन की तरफ से सीमा पर यथास्थिति बनाए रखने के लिए लगातार बातचीत भी जारी रखी गई है.