रबी फसलों की MSP में बढ़ोत्तरी, नारज किसानों को खुश करने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा दांव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को संपन्न हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट की बैठक में रबी फसलों की एमएसपी MSP में 40 से 400 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। 
 
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को संपन्न हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट की बैठक में रबी फसलों की एमएसपी (MSP) में 40 से 400 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। 

साथ ही गन्ना किसानों के लिए अब तक के उच्चतम और लाभकारी मूल्य 290 रुपये प्रति क्विंटल को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और पीयूष गोयल ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी दी।

एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) वह कीमत है जिस पर सरकार किसानों से फसल की खरीद करती है। इस समय सरकार खरीफ और रबी सीजन के 23 फसलों के लिए एमएसपी तय करती है। रबी फसलों की बुआई अक्टूबर में खरीफ फसल की कटाई के तुरंत बाद होती है। गेहूं और सरसों रबी सीजन के दो मुख्य फसल हैं। 

आधिकारी रूप से दी गई जानकारी में कहा गया है कि सीसीईए ने 2021-22 फसल वर्ष और 2022-23 मार्केटिंग सीजन के लिए छह रबी फसलों की एमएसपी बढ़ाई है। गेहूं की एमएसपी इस साल 40 रुपए बढ़ाकर प्रति क्विंटल 2,015 रुपए कर दी गई है, जोकि पिछले सीजन में 1,975 रुपए थी। प्रति क्विंटल गेहूं की अनुमानित लागत 1008 रुपए प्रति क्विंटल है। सरकार ने 2021-22 खरीद सीजन में रिकॉर्ड 4.3 करोड़ टन गेहूं की खरीद की थी। इसके अलावा सरसों की एमएसपी 400 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर 5,050 रुपए कर दी गई है। 

 
केंद्रीय कैबिनेट ने टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए पीएलआइ स्कीम को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में टेक्टाइल मंत्रालय को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। पांच वर्षों में 10,683 करोड़ रुपये मूल्य के प्रोत्साहन मुहैया कराए जाएंगे। इससे प्रत्यक्ष तौर पर 7.5 लाख से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।