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Happy Birthday Mulayam Singh Yadav : कुछ ऐसी है मुलायम और साधना गुप्ता की लव स्टोरी

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कोलकाता। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व आजमगढ़ लोकसभा सीट से सांसद Mulayam Singh Yadav का आज जन्मदिन है। मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के ऐसे नेता के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने साधारण परिवार से निकलकर प्रदेश और देश की सियासत में एक बड़ी पहचान बनाई।

उनका जन्म 22 नवम्बर, 1939 को इटावा जिले के छोटे से गांव सैफई में हुआ था। उन्होंने 1992 में समाजवादी पार्टी की नींव रखी। इस पार्टी ने प्रदेश में चार बार सरकार बनाई है। वह तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और एक बार देश के रक्षा मंत्री के रूप में सेवा दी। चौथी बार 2012 में उनके पुत्र अखिलेश यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी।

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 ‘प्रेम-पॉलिटिक्स की कहानी’

Mulayam Singh Yadav जब राजनीति के शिखर पर थे उसी वक्त उनकी जिंदगी में साधना गुप्ता का आगमन हुआ। कहते हैं कि 1982 में जब मुलायम लोकदल के अध्यक्ष बने, उस वक्त साधना पार्टी में एक कार्यकर्ता की हैसियत से काम कर रही थीं। । अपनी उम्र से 20 साल छोटी साधना को पहली ही नजर में मुलायम दिल दे बैठे थे। मुलायम पहले से ही शादीशुदा थे और साधना भी। साधना की शादी फर्रुखाबाद के छोटे से व्यापारी चुंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी लेकिन बाद में वह उनसे अलग हो गईं। इसके बाद शुरू हुई मुलायम और साधना की अनोखी प्रेम कहानी।

अमर के अलावा और किसी को पता नहीं

80 के दशक में साधना और मुलायम की प्रेम कहानी की भनक अमर सिंह के अलावा और किसी को नहीं थी।  इसी दौरान 1988 में साधना ने एक पुत्र प्रतीक को जन्म दिया।  कहते हैं कि साधना गुप्ता के साथ प्रेम संबंध की भनक मुलायम की पहली पत्नी और अखिलेश की मां मालती देवी को लग गई।

धीरे-धीरे बात फैलने लगी

नब्बे के दशक में जब मुलायम मुख्यमंत्री बने तो धीरे-धीरे बात फैलने लगी कि उनकी दो पत्नियां हैं  लेकिन किसी की मुंह खोलने की हिम्मत ही नहीं पड़ती थी। इसके बाद 90 के दशक के अंतिम दौर में अखिलेश को साधना गुप्ता और प्रतीक गुप्ता के बारे में पता चला। कहते हैं कि उस समय मुलायम साधना गुप्ता की हर बात मानते थे।

साधना ने अकूत संपत्ति बनाई

1993-2007 के दौरान मुलायम के शासन में साधना गुप्ता ने अकूत संपत्ति बनाई। आय से अधिक संपत्ति का उनका केस आयकर विभाग के पास लंबित है। साल 2003 में अखिलेश की मां मालती देवी की बीमारी से निधन हो गया और मुलायम का सारा ध्यान साधना गुप्ता पर आ गया। हालांकि, मुलायम अब भी इस रिश्ते को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं थे। मुलायम और साधना के संबंध की जानकारी मुलायम परिवार के अलावा अमर सिंह को थी। मालती देवी के निधन के बाद साधना चाहने लगी कि मुलायम उन्हें अपना आधिकारिक पत्नी मान लें, लेकिन पारिवारिक दबाव, ख़ासकर अखिलेश यादव के चलते मुलायम इस रिश्ते को कोई नाम नहीं देना चहते थे।

अखिलेश कतई तैयार नहीं थे

2006 में साधना अमर सिंह से मिलने लगीं और उनसे आग्रह करने लगीं कि वह नेताजी को मनाएं। अमर सिंह नेताजी को साधना गुप्ता और प्रतीक गुप्ता को अपनाने के लिए मनाने लगे। साल 2007 में अमर सिंह ने सार्वजनिक मंच से मुलायम से साधना को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने का आग्रह किया और इस बार मुलायम उनकी बात मानने के लिए तैयार हो गए लेकिन अखिलेश इसके लिए कतई तैयार नहीं थे।

सीएम योगी ने दी बधाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव को उनके जन्मदिन पर बधाई दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा संस्थापक के जन्मदिन के मौके पर ट्वीट करते हुए उन्हें बधाई दी और लिखा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह यादव जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं प्रभु श्री राम से उनके स्वस्थ, सुदीर्घ, समृद्ध एवं सक्रिय जीवन की कामना करता हूं। http://www.kanvbkanv.com

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