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चीनी सेना ने अरुणाचल प्रदेश के 5 भारतीय नागरिकों को किया रिहा

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नयी दिल्ली। शिकार के दौरान गलती से चीन में प्रवेश करने वाले अरुणाचल प्रदेश के पांचों युवकों को चीनी सेना ने भारतीय सेना को किबिथू में सौंप दिया है। आज भारतीय सेना ने सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद सभी पांचों युवकों को अपने कब्जे में ले लिया। अब इन्हें कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुसार 14 दिनों के लिए अलग रखा जाएगा और उसके बाद उनके परिवार के सदस्यों को सौंप दिया जाएगा।

मैकमोहन रेखा पर स्थित नाचो अंतिम प्रशासनिक क्षेत्र है और यह दापोरीजो जिला मुख्यालय से 120 किलोमीटर दूर है। चीनी सेना द्वारा कथित तौर पर अगवा किए गए युवकों की पहचान तोच सिंगकम, प्रसात रिंगलिंग, डोंगतु एबिया, तनु बाकर और नगरु दिरी के रूप में की गई है।

मंत्री रिजिजू ने शुक्रवार को ट्वीट किया था, ‘चीन की पीएलए ने भारतीय सेना से इस बात की पुष्टि की है कि वह अरुणाचल प्रदेश के युवकों को हमें सौंप देंगे। उन्हें कल 12 सितंबर को किसी भी समय एक निर्दिष्ट स्थान पर सौंपा जा सकता है।’ रिजिजू ने ही पहली बार इसकी सूचना दी थी कि पीएलए ने इस बात की पुष्टि की थी कि युवक सीमा पार चीन में पाए गए हैं।

कैसे मामला सामने आया

सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश से कांग्रेस विधायक निनॉन्ग इरिंग ने दावा किया था कि चीन की पीपुल्स रिपब्लिक आर्मी ने भारत के पांच युवकों को कथित तौर पर अगवा कर लिया है। विधायक इरिंग ने पीएमओ को टैग कर मामला संज्ञान में लाया था। विधायक ने दावा किया था कि अरुणाचल प्रदेश के सुबनसिरी जिले के पांच लोगों को अगवा किया गया है। उन्होंने भारत सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की थी।

इसके बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी अरुणाचल प्रदेश के 5 निवासियों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि भारतीय सेना ने रविवार को अपने चीनी समकक्ष को हॉटलाइन संदेश भेजा था। हालांकि, एक दिन पहले ही चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से जब यह सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था कि इस संबंध में उनके पास बताने के लिए कुछ नहीं है।

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