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बिहारः पहले चरण की 71 सीटों पर वोटिंग शुरू, कई बूथों पर EVM खराब

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-केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को वोट डालने के लिए करना पड़ा इंतजार, ईवीएम हुई खराब

पटना। कोरोना महामारी के दौरान हो रहे बिहार विधानसभा के चुनाव के पहले चरण में 16 जिलों की 71 सीटों पर बुधवार सुबह सात बजे से कोविड-19 प्रोटोकॉल के साथ शांतिपूर्वक वोट डाले जा रहे हैं। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गए। भभुआ के बूथ संख्या 142, कुर्था, शेखपुरा, बरबीघा, सासाराम, बांका और लखीसराय आदि स्थानों के कुछ बूथों पर ईवीएम मशीन खराब होने के कारण कुछ समय मतदान प्रभावित हुआ।

लखीसराय में वोट डालने से पहले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह यहां मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व है। उन्होंने लोगों से वोट डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसी वोट की ताकत ने नीतीश कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री और चाय बेचने वाले नरेन्द्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाया हो। हालांकि बड़हैया के जिस बूथ पर वह वोट डालने पहुंचे वहां की इवीएम खराब होने के कारण उन्हें वोट डालने के लिए इंतजार करना पड़ा।

पहले चरण की 71 सीटों में से 35 नक्सल प्रभावित हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुबह सात से शाम चार बजे तक वोट डाले जायेंगे जबकि अन्य सीटों पर शाम छह बजे तक मतदान होगा। कोरोना के चलते चुनाव आयोग ने वोटिंग का समय एक घंटे बढ़ाया है। इस बीच औरंगाबाद के ढिबरा में सीआरपीएफ ने दो आईईडी बरामद की हैं, जिन्हें बाद में डिफ्यूज कर दिया गया।

सभी बूथों पर अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा हेलीकॉप्टर से भी निगरानी की जा रही है। इस काम के लिए दो हेलीकॉप्टर लगाये गये हैं। पहले चरण में 31 हजार 380 मतदान केंद्र बनाये गये हैं। दो करोड़, 14 लाख, 6 हजार 96 मतदाता अपने अधिकार का इस्तेमाल करेंगे। पहले चरण में 1,066 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 114 महिला और 952 पुरुष हैं। राजद के 42, जदयू के 35, भाजपा के 29, कांग्रेस के 21, रालोसपा के 43, लोजपा के 42, बसपा के 27 माले के आठ, हम के छह और वीआईपी के एक उम्मीदवार हैं।

पहले चरण के चुनाव में कई सियासी दिग्गजों पर नजरें टिकी हैं। इनमें नीतीश सरकार के 8 मंत्रियों की साख भी दांव पर है। इनमें चार भाजपा और चार जदयू कोटे के मंत्री हैं। इनमें कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, शिक्षा मंत्री कृष्नंदन वर्मा, ग्रामीण विकास मंत्री शैलेश कुमार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जयकुमार सिंह, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला, राजस्व मंत्री रामनारायण मंडल, श्रम मंत्री विजय कुमार सिन्हा और अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री बृजकिशोर बिंद शामिल हैं।

इनके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, पूर्व मंत्री विजय प्रकाश, रामेश्वर चौरसिया, राजेंद्र सिंह, श्रेयसी सिंह, भगवान सिंह कुशवाहा, राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी के बेटे राहुल तिवारी और मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। इसके अलावा बाहुबली नेता एवं मोकामा से राजद प्रत्याशी अनंत सिंह, लोजपा से इस्तीफा देकर तरारी सीट से निर्दलीय लड़ रहे दबंग सुनील पांडेय के भाग्य फैसला भी होगा।

पहले चरण की जिन सीटों पर आज वोट डाले जा रहे हैं उनमें कहलगांव, सुल्तानगंज, अमरपुर, धोरैया (एससी), बांका, कटोरिया (एसटी), बेलहर, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढ़ा, लखीसराय, शेखपुरा, बरबीघा, मोकामा, बाढ़, मसौढ़ी (एससी), पालीगंज, बिक्रम, संदेश, बड़हरा, आरा, अगिआंव (एससी), तरारी, जगदीशपुर, शाहपुर, ब्रह्मपुर, बक्सर, डुमरांव, राजपुर (एससी), रामगढ़, मोहनियां (एससी), भभुआ, चैनपुर, चेनारी (एससी), सासाराम, करगहर, दिनारा, नोखा, डेहरी, काराकट, अरवल, कुर्था, जहानाबाद, घोसी, मखदुमपुर (एससी), गोह, ओबरा, नबीनगर, कुटुम्बा (एससी), औरंगाबाद, रफीगंज, गुरुआ, शेरघाटी, इमामगंज (एससी), बाराचट्टी, बोधगया, गया टाउन, टेकारी, बेलागंज, अतरी, वजीरगंज, रजौली (सुरक्षित), हिसुआ, नवादा, गोविंदपुर, वरसलीगंज, सिकंदरा (एससी), जमुई, झाझा और चकाई शामिल हैं।

35 नक्सल प्रभावित सीटें

पहले चरण की 71 सीटों में से 35 नक्सल प्रभावित हैं। जिन क्षेत्रों को नक्सल प्रभावित घोषित किया गया है उनमें कटोरिया, बेलहर, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढ़ा, मसौढ़ी, पालीगंज, चैनपुर, चेनारी, सासाराम, काराकाट, गोह, ओबरा, नबीनगर, कुटूंबा, औरंगाबाद, रफीगंज, गुरुआ, कुर्था, अरवल, घोसी, जहानाबाद, मखदुमपुर, शेरघाटी, इमागंज, बाराचट्टी, बोधगया, टिकारी, गोविंदपुर, रजौली, सिकंदरा, जमुई, झाझा और चकाई शामिल हैं।

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