फेसबुक रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, लोकसभा चुनाव में चला था ये एजेंडा और की गई थी भड़काऊ पोस्ट

दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक अब कंट्रोवर्सी का चेहरा बन गया है. फेक न्यूज, भड़काऊ पोस्ट, ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे कई दाग इसके दामन पर लग चुके हैं. अब फेसबुक ने पिछले 2 साल की मल्टीपल इंटरनल रिपोर्ट्स में कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. इसमें कहा गया है कि 2019 लोकसभा चुनाव अभियान में एंटी-मायनॉरिटी और एंटी-मुस्लिम बयानबाजी पर रेड फ्लैग में वृद्धि देखी गई थी.

 
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फेसबुक रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, लोकसभा चुनाव में चला था ये एजेंडा और की गई थी भड़काऊ पोस्ट 

दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक अब कंट्रोवर्सी का चेहरा बन गया है. फेक न्यूज, भड़काऊ पोस्ट, ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे कई दाग इसके दामन पर लग चुके हैं. अब फेसबुक ने पिछले 2 साल की मल्टीपल इंटरनल रिपोर्ट्स में कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. इसमें कहा गया है कि 2019 लोकसभा चुनाव अभियान में एंटी-मायनॉरिटी और एंटी-मुस्लिम बयानबाजी पर रेड फ्लैग में वृद्धि देखी गई थी.

जुलाई 2020 की एक रिपोर्ट में इस बात को हाईलाइट किया गया है कि पिछले 18 महीने में इस तरह के पोस्ट में तेजी से वृद्धि हुई. इतना ही नहीं, पश्चिम बंगाल सहित आगामी विधानसभा चुनावों में इस तरह की पोस्ट के जरिए लोगों की भावनाओं को आहत करने की आशंका थी.

फेसबुक पर किसी नफरत फैलाने वाली पोस्ट को रेड फ्लैग दिया जाता है. इस तरह चिह्नित किए जाने का मतलब होता कि उससे खतरे की आशंका है. यूं कहें कि रेड फ्लैग के जरिए लोगों को उससे बचने का संकेत दिया जाता है. फेसबुक की लगभग इस तरह की सभी रिपोर्टों ने भारत को जोखिम वाले देशों श्रेणी में रखा है. इसके मुताबिक भारत में सोशल मीडिया पोस्ट से सामाजिक हिंसा का जोखिम अन्य देशों से अधिक है.