Connect with us

देश

महागठबंधन को करारा झटका, इस राज्य के सीएम ने कही ये बात, चलता है पार्टी का एकछत्र राज 

Published

on

नयी दिल्ली। बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष व ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी विपक्षी दलों के महागठबंधन का हिस्सा नहीं होगी। पटनायक ने कहा कि पार्टी पहले की ही तरह कांग्रेस तथा BJP दोनों से बराबर दूरी बनाए रखेगी। ऐसी खबरें थीं कि लोकसभा चुनाव में ‘BJD महागठबंधन का हिस्सा हो सकती है, मगर नवीन पटनायक ने विपक्ष की कवायद को झटका दे दिया है। बता दें कि ओडिशा में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। नवीन पटनायक वर्ष 2000 से ओडिशा के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हैं।

महागठबंधन की कवायद में कांग्रेस

2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस कई राज्यों में बीजेपी के खिलाफ मजबूत गठबंधन बनाने की कोशिश में जुटी है। जहां एक ओर बिहार में आरजेडी, आरएलएसपी और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के साथ मिलकर कांग्रेस लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है, वहीं कर्नाटक में भी जेडीएस के साथ उसका गठबंधन है। माना जा रहा था कि ओडिशा में नवीन पटनायक महागठबंधन में शामिल होकर कांग्रेस का साथ दे सकते हैं लेकिन उनके ताजा बयान से महागठबंधन की उम्मीदों को झटका लगा है।

ओडिशा में पटनायक का एकछत्र राज

वाजपेयी सरकार में खनन मंत्री रह चुके नवीन पटनायक ने 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए का साथ छोड़ दिया था। स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या के बाद कंधमाल में हुई हिंसा में बजरंग दल समेत दक्षिणपंथी संगठनों का नाम आने पर पटनायक और बीजेपी के बीच खटास पैदा हो गई थी। 2009 में जीत हासिल करने के बाद 2014 के चुनाव में भी नवीन पटनायक की अगुआई में बीजेडी को बंपर बहुमत मिला। उनकी पार्टी को राज्य की 21 में से 20 लोकसभा और विधानसभा की 147 में से 117 सीटों पर विजय हासिल हुई थी। https://www.kanvkanv.com

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

सीडी कांड : सीबीआई की जांच में खुलासा, वीडियो को एडिट कर लगाया था मंत्री का चेहरा, फिल्मकार गिरफ्तार

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीडी कांड मामले में पुलिस ने एक आरोपित को ओडिशा के कटक से गिरफ्तार कर लिया है। बताया जाता है कि गिरफ्तार आरोपित फिल्मकार मानस साहू ने ही वेबसाइट से पोर्न वीडियो निकाल कर उसे  संपादित कर तत्कालीन भाजपाई मंत्री राजेश मूणत का चेहरा लगाया था। मंगलवार को आरोपित को कटक से गिरफ्तार कर देर रात राजधानी रायपुर लाया गया है और उससे पूछताछ चल रही है।

सीबीआई ने किया खुलासा

उल्लेखनीय है कि तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत की फर्जी अश्लील सीडी मामले ने पूरे प्रदेश की राजनीति को गरमाया हुआ है। इस मामले में हंगामा होने पर सीबीआई जांच के आदेश दिए गए थे। सीबीआई ने अपनी जांच में खुलासा किया था कि मानस ही वह आरोपित है, जिसने अश्लील वीडियो को संपादित कर उसमें पूर्व मंत्री राजेश मूणत का चेहरा लगाया था। सूत्रों के अनुसार ऐसी कई सीडियां तैयार की गई थीं। खास बात यह है कि सीबीआई ने इस सीडी कांड में मानस को सरकारी गवाह बनाया है।
Raipur News :अश्लील सीडी कांड से जुड़े रिंकू खनूजा की आत्महत्या के मामले में मानस साहू गिरफ्तार

मानस ने की थी टेंपरिंग

पुलिस सूत्रों के अनुसार सीडी केस की चार्जशीट में बताया गया है कि कारोबारी कैलाश मुरारका, रिंकू और विजय नाम के आरोपित सीडी टेंपर करवाने के लिए मुंबई गए थे। वहां पर वे आरोपित मानस के संपर्क में रहे। मानस मूलत: कटक निवासी है और मौजूदा समय वह मुंबई के कांदिवली वेस्ट में रहता है। वहां उसका स्टूडियो है, और वह वहां पर संपादन का कार्य करता है। जहां पर एक आरोपित विजय पांड्या का लगातार आना-जाना था। इस फर्जी अश्लील सीडी की कई कापियां तैयार कर इसे रिंकू को दिया गया था। रिंकू द्वारा मानस को पूरे पैसे नहीं दिये जाने पर बार- बार कॉल की जा रही थी। इसी कॉल डिटेल से आरोपित मानस का पता चला।
बताया जाता है कि मानस ने पूछताछ में सीडी टेंपरिंग की बात स्वीकार की है। पुलिस इस मामले में दो अन्य आरोपितों कैलाश मुरारका और विजय पांड्या की तलाश कर रही है। दोनों लापता है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार की दोपहर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के तत्कालीन ओएसडी अरुण बिसेन को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। मामले के अन्वेषण के दौरान अरुण बिसेन का भी नाम प्रमुखता से आया है।

40 सवाल पूछे

सूत्रों के अनुसार डीएसपी अभिषेक महेश्वरी, त्रिलोक बंसल और निरीक्षक मोहसिन खान ने लंबे समय तक उनसे पूछताछ की और लगभग 40 सवाल पूछे। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल होने की जानकारी मिली है। ज्ञातव्य है कि इस मामले में पत्रकार विनोद वर्मा की दिल्ली से गिरफ्तारी की गई थी। विनोद वर्मा मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अभी सलाहकार हैं। https://www.kanvkanv.com
Continue Reading

देश

एक गांव ऐसा, जहां के ग्वाले नहीं बेचते दूध, जिसने की कोशिश वह हो गया बर्बाद

Published

on

बैतूल। विश्वास और अंधविश्वास में एक महीन रेखा खींची होती है। यदि इसमें लोगों का परंपरागत विश्वास बना रहा तो इसे कुरीति या फिर अंधविश्वास का नाम दे दिया जाता है। जबकि इसे मानने वाले अपने विश्वास पर अटल रहते हैं क्योंकि उन्हें इस बात का डर रहता है कि यदि उन्होंने परंपरा तोड़ी तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। या यूं कहें कि उन्हें अपनी परंपरा और महापुरुषों- पूर्वजों की बात को मानना भगवान के आदेश की तरह होती है, जिसे वे छोड़ नहीं सकते हैं।
यही वजह है कि वर्षों से चली आ रही परंपराएं आज भी कायम हैं। ऐसी ही एक परंपरा मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के ग्राम चूड़िया में भी कायम है, जहां के ग्वाले दूध का व्यापार नहीं करते हैं। वह सिर्फ इसलिए क्योंकि एक सदी पहले यहां पर एक संत ने दूध का व्यापार नहीं करने का फैसला लिया था। आज भी ग्वाले इसी फैसले पर अटल हैं और इसे मानते आ रहे हैं।

मुफ्त में मिलता है दूध

महंगाई और मार्केटिंग के इस दौर में जहां पानी भी मुफ्त में नहीं मिलता, वहीं ग्वालों का एक ऐसा गांव भी है, जहां मुफ्त में दूध मिलता है और वो भी जितना चाहे उतना। क्योंकि इस गांव में कई वर्षों से दूध बेचना प्रतिबंधित है। जबकि गांव में 90 फीसदी ग्वाले रहते हैं। यहां लोग दूध के बदले पैसे लेने के बारे में सोचते भी नहीं हैं। बैतूल के इस अनूठे गांव का नाम है चूड़िया। जहां लगभग एक सदी से ये अजब-गजब परंपरा चली आ रही है। इस गांव के हर घर में पालतू मवेशी हैं और रोजाना सैकड़ों लीटर दूध उत्पादित होता है, लेकिन ये लोग दूध मुफ्त में बांटते हैं और दूध बेचकर लखपति बनने से डरते हैं।

प्रतिबंधित है दूध बेचना

आपने टीवी पर पियो ग्लास फुल दूध का विज्ञापन तो देखा ही होगा। रोज़ाना एक ग्लास दूध पीने के लिए भी आपको पैसे तो खर्च करने ही पड़ेंगे। लेकिन बैतूल का चूड़िया गांव एक ऐसी जगह है, जहां दूध के बदले पैसे नहीं देने पड़ते और आप इस गांव से जितना जी चाहे उतना दूध मुफ्त में ले सकते हैं, क्योंकि ग्वालों के इस गांव में दूध बेचने पर प्रतिबंध है। गांव के एक संत ने एक सदी पहले यहां दूध बेचने पर प्रतिबंध लगाया था, जिसे लोग आज भी निभा रहे हैं।

1912 से बंद है दूध बेचना

एक किवदंती के मुताबिक सन् 1912 में इस गांव में चिन्ध्या बाबा नाम के एक संत रहा करते थे, जो एक बड़े गौसेवक थे। उन्होंने ग्रामीणों को सीख दी कि दूध में मिलावट करके बेचना पाप है। इसलिये गांव में कोई दूध नहीं बेचेगा और लोगों को दूध मुफ्त में दिया जाएगा। संत चिन्ध्या बाबा की बात  यहां के लोगों के लिये पत्थर की लकीर बन गईं और इसके एक सदी बाद आज भी चूड़िया गांव में दूध मुफ्त मिल रहा है। गांव के पुरोहित शिवचरण यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव के संत चिन्ध्या बाबा ने एक सदी पहले गांव में दूध और उससे बनने वाली सभी वस्तुओं, आम और अन्य फलों को बेचने पर प्रतिबंध लगाया था। तभी से चूड़िया गांव में कोई भी चिन्ध्या बाबा की बनाई इस परंपरा को नही तोड़ता है और जो भी ग्रामीण इस परंपरा को तोड़ता है वो बर्बाद हो जाता है।

90 फीसद रहते हैं ग्वाले

गांव की सबसे हैरत वाली बात ये है कि यहां 90 फीसदी ग्वाले रहते हैं, जिनके पास हजारों गौवंश हैं। ये चाहें तो रोजाना सैकड़ों लीटर दूध बेचकर बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं, लेकिन परंपराओं ने इनके दिलों से लालच को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है। केवल दूध ही क्यों, इस गांव में तो आम,जामुन जैसे फल भी मुफ्त में ही मिलते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जिसने भी यहां दूध का व्यापार करने की कोशिश की वो बर्बाद हो गया। इसलिये यहां दूध बेचने का ख्याल भी किसी को नहीं आता है। https://www.kanvkanv.com
Continue Reading

देश

कर्नाटक सरकार को SC से झटका, बागी विधायकों को विश्वास मत में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं कर सकते

Published

on

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कर्नाटक के बागी विधायकों को कल यानि 18 जुलाई को होने वाले विश्वास मत प्रस्ताव में भाग लेने, नहीं लेने की स्वतंत्रता है। उन्हें विश्वास मत प्रस्ताव में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है।

अदालत ने स्पीकर को छूट दी

कोर्ट ने कहा कि स्पीकर जब चाहें तब विधायकों के इस्तीफे पर फैसला ले सकते हैं। हम स्पीकर को फैसला लेने के लिए दिशा-निर्देश नहीं दे सकते हैं।
जब वे फैसला ले लेंगे तो उसे कोर्ट के समक्ष रखा जाएगा। कोर्ट ने पिछले 16 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत के इस फैसले से कुमारस्वामी सरकार को तगड़ा झटका लगने की आशंका है। फ्लोर टेस्ट में उनकी सरकार अल्पमत में आ सकती है।

स्पीकर का कद ऊंचा किया है लेकिन उसका हुआ क्या?

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा था कि पिछले 20-30 सालों में हमने स्पीकर का कद ऊंचा किया है लेकिन उसका हुआ क्या? हमें इस पर विचार करना चाहिए। चीफ जस्टिस ने विधायकों के वकील मुकुल रोहतगी और स्पीकर के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा था कि आप दोनों की दलीलों में दम है और हम उसमें संतुलन कायम करेंगे।

विधायकों की ओर से मुकल रोहतगी बोले

विधायकों की ओर से मुकल रोहतगी ने कहा था कि स्पीकर के सामने विधायकों को अयोग्य करार दिये जाने की मांग का लंबित होना, उन्हें इस्तीफे पर फैसला लेने से नहीं रोकता है। ये दोनों अलग-अलग मामले हैं। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के पूछने पर रोहतगी ने सिलसिलेवार तरीके से पहले दिन से बदलते घटनाक्रम की जानकारी कोर्ट को दी थी। उन्होंने कहा था कि विधायक ये नहीं कह रहे हैं कि अयोग्य करार दिए जाने की कार्यवाही खारिज की जाए, वो चलती रहे। लेकिन अब वो विधायक नहीं रहना चाहते हैं। वो जनता के बीच जाना चाहते हैं। ये उनका अधिकार है। स्पीकर इसमें बेवजह बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अगर कोर्ट पहुंचे विधायकों की संख्या हटा दी जाए, तो ये सरकार अल्पमत में है।
रोहतगी ने कहा था कि विधायक स्पीकर के सामने, मीडिया के सामने कई बार अपनी राय जाहिर कर चुके हैं कि वो अपनी मर्जी से इस्तीफा दे रहे हैं। फिर स्पीकर अब किस बात की जांच चाहते हैं। अगर विधायक विधानसभा में नहीं आना चाहते हैं, तो उन्हें इसके लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। तब चीफ जस्टिस ने कहा था कि हम स्पीकर को ये नहीं कह सकते कि वो इस्तीफे या अयोग्य करार दिये जाने के अपने फैसले कैसे लेंगे। हमारे सामने सवाल महज इतना है कि क्या ऐसी संवैधानिक बाध्यता है कि स्पीकर अयोग्य करार दिए जाने की मांग से पहले इस्तीफे पर फैसला लेंगे या दोनों पर एक साथ फैसला लेंगे।
तब रोहतगी ने कहा था कि धारा 190 कहता है कि इस्तीफा मिलने का बाद स्पीकर को जल्द से जल्द उस पर फैसला लेना होता है। स्पीकर फैसले को टाल नहीं सकते। तब चीफ जस्टिस ने पूछा था कि आप किस तरह का आदेश चाहते हैं? रोहतगी ने कहा कि जिस तरह का आपने पहले दिन पास किया था। स्पीकर फैसला समय पर लें। रोहतगी ने कहा था कि कांग्रेस की याचिका पर इसी कोर्ट ने रात में सुनवाई की थी और 24 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया था। अगर वो आदेश सही था तो अब स्पीकर को इस्तीफा स्वीकार करने के लिए भी कहा जा सकता है।

विधानसभा स्पीकर की तरफ से मनु सिंघवी बोले

वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने विधानसभा स्पीकर की तरफ से कोर्ट से कहा था कि वे तथ्यात्मक रुप से गलत हैं। अयोग्यता से जुड़ी सभी कार्यवाही इस्तीफे के पहले के हैं। अयोग्यता का मामला व्हिप के उल्लंघन का मामला है। सिंघवी ने कहा था कि जो इस्तीफा दिया गया है वो वैध नहीं है। इस्तीफे 11 जुलाई को स्पीकर के समक्ष दिए गए उसके पहले नहीं। उसमें भी 4 विधायक अभी भी स्पीकर के समक्ष पेश नहीं हुए हैं। इसका मतलब कि अयोग्यता से जुड़ा मामला इस्तीफे से पहले का है। तब चीफ जस्टिस ने सिंघवी से पूछा था कि जब विधायकों ने इस्तीफे खुद जाकर सौंपे तो उनके सुप्रीम कोर्ट आने तक उन पर फैसला क्यों नहीं किया गया। चीफ जस्टिस ने सिंघवी से पूछा था कि आखिर क्यों विधायकों के मिलने के लिए समय मांगने के बावजूद स्पीकर उनसे नहीं मिले और विधायकों को कोर्ट आना पड़ा। तब सिंघवी ने कहा था कि ये गलत तथ्य है। स्पीकर ने हलफनामे में साफ किया कि विधायकों ने कोई मिलने के लिए समय नहीं मांगा था। कोर्ट ने कहा था कि  स्पीकर हमें हमारे संवैधानिक दायित्वों की याद दिलाते हैं लेकिन खुद फैसला नहीं करते हैं।

कुमारस्वामी की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव धवन बोले

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा था कि इस्तीफों की एक ही वजह है मंत्री बनना। स्पीकर जो कुछ भी हो रहा है उस पर हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकता है। ये विधायक एक समूह में काम कर रहे हैं। ये व्यक्तिगत रुप से काम नहीं कर रहे हैं। धवन ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश पर सवाल उठाया था जिसमें स्पीकर को पहले इस्तीफों पर फैसला करने और बाद में यथास्थिति बहाल करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा था कि इस कोर्ट को इस पर फैसला करने का क्षेत्राधिकार नहीं है। यह स्पीकर बनाम कोर्ट का मामला नहीं है बल्कि मुख्यमंत्री बनाम अन्य है।
जो मुख्यमंत्री बनना चाहता है, वह व्यक्ति सरकार गिराना चाहता है। धवन ने कहा था कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने स्पीकर की शक्तियों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया है। इस्तीफों का मुख्य मकसद सरकार गिराना है। स्पीकर संविधान के तहत जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्हें इस्तीफों के तथ्यों की जांच करनी होगी। यह कोर्ट फैसला आने के बाद ही हस्तक्षेप कर सकती है, उसके पहले नहीं। स्पीकर के फैसले की न्यायिक समीक्षा का सवाल ही पैदा नहीं होता है। विधायक यह नहीं कह सकते हैं कि वे दसवीं अनुसूची में आते हैं। यह फैसला स्पीकर ही करेंगे। पिछले 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में विधायकों के इस्तीफे के मामले में फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। https://www.kanvkanv.com
Continue Reading

वीडियो22 mins ago

बाढ़ के पानी में सांपों ने किया खतरनाक डांस, वीडियो देख भूल जाएंगे नागिन फिल्म

मनोरंजन43 mins ago

सलमान खान ने कैटरीना कैफ को खास अंदाज में दी जन्मदिन की बधाई, लोग बोले-‘शादी कर लीजिए न सर…’

खेल1 hour ago

जेम्स एंडरसन का खुलासा, बेन स्टोक्स ने अंपायरों से कहा था मत दो ओवरथ्रो के रन, ये था पूरा मामला

हेल्थ1 hour ago

इन फलों का करें सेवन, सेहत में सुधार और वजन रहेगा नियंत्रित

खेल1 hour ago

मनीष पांडे के शतक और क्रुणाल पांड्या की फिरकी में फंसा वेस्टइंडीज-ए, भारत-ए ने लगाई जीत की हैट्रिक

बिज़नेस1 hour ago

आयकर रिटर्न फॉर्म में कोई बदलाव नहीं, सोशल मीडिया पर चल रही खबर अफवाह : सीबीडीटी 

देश2 hours ago

सीडी कांड : सीबीआई की जांच में खुलासा, वीडियो को एडिट कर लगाया था मंत्री का चेहरा, फिल्मकार गिरफ्तार

दुनिया2 hours ago

पाकिस्तान का ड्रामा या डर? : मुंबई हमले का मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद गिरफ्तार, भेजा गया जेल

देश2 hours ago

एक गांव ऐसा, जहां के ग्वाले नहीं बेचते दूध, जिसने की कोशिश वह हो गया बर्बाद

देश3 hours ago

कर्नाटक सरकार को SC से झटका, बागी विधायकों को विश्वास मत में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं कर सकते

देश3 hours ago

पहले दोस्ती, फिर प्यार उसके बाद शादी का झांसा देकर युवती के साथ किया बलात्कार, फिर उठाया घिनौना कदम

लाइफ स्टाइल3 hours ago

राशिफल 17 जुलाई : जानिए आपके लिए कैसा है सावन का पहला दिन, पढ़ें अपना भविष्यफल

राज्य3 hours ago

अहमदाबाद जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के ठिकानों पर सीबीआई का छापा

राज्य3 hours ago

20 साल पुराने हत्या के मामले में CM योगी को कोर्ट से मिली बड़ी राहत, केस खारिज, पढ़ें क्या था मामला

राज्य20 hours ago

यूपी में BJP को मिला नया अध्यक्ष, CM योगी के इस मंत्री को मिली जिम्मेदारी

राज्य20 hours ago

अयोध्या : महंत धर्मदास को धमकी देने वाला बिहार का निवासी गिरफ्तार

देश20 hours ago

मुंबई : डोंगरी में इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत, 40 से ज्यादा मलबे में दबे!

राज्य20 hours ago

सीतामढ़ी में बाढ़ पीड़ितों को राहत दे रहा है रेडक्रॉस

देश2 weeks ago

पत्नी एम्स में थी नर्स, पति को चरित्र पर था शक, बीवी व 3 बच्चों की हत्या कर किया सुसाइड

वीडियो6 days ago

भाजपा विधायक राजेश मिश्रा की बेटी ने दलित युवक से की शादी, कहा-पिता से जान का खतरा, देखें वीडियो

देश2 weeks ago

नई नवेली दुल्हन ने वॉट्सएप पर लोकेशन भेज प्रेमी को बुलाया, पति देखता रहा और कर दिया ये बड़ा कांड

देश4 weeks ago

रात में टहल रही थीं दो सगी बहनें, 8 लड़कों ने किया रेप, वीडियो भी बनाया

राज्य3 days ago

नशेबाज व गुंडा प्रवृत्ति का है साक्षी मिश्रा का कथित पति अजितेश, लिखता है क्षत्रिय, कई युवतियों से हैं संबंध

देश4 weeks ago

बादल फटने से तीस्टा नदी की बाढ़ में बह गया NHPC का गेस्ट हाउस, 300 पर्यटकों को निकला बाहर

हेल्थ3 weeks ago

बैली फैट को कम करने में अंडा है बेहद कारगर, अपनाएं ये रेसिपी

बिज़नेस4 weeks ago

कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शेयर बाजार में मायूसी, 219 अंक फिसला सेंसेक्स

वीडियो3 weeks ago

देखें वीडियो : आमिर की बेटी इरा ने बॉयफ्रेंड संग किया रोमांटिक डांस, यूजर बोले-पिता का नाम बदनाम कर रही

हेल्थ4 weeks ago

इन चीजों का करेंगे सेवन तो तेज होगी याददाश्त, आप भी जानें

राज्य3 days ago

साक्षी मिश्रा के बाद इस लड़की ने भी की इंटरकास्ट शादी, पिता बोले-वापस आओ नहीं बन जाऊंगा मुसलमान

राज्य5 days ago

दलित से शादी करने वाली BJP विधायक की बेटी साक्षी मिश्रा के पति की पहले हो चुकी है सगाई, देखें फोटो

दुनिया4 weeks ago

US के ड्रोन को मार गिराए जाने से अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव की बढ़ी आशंका

मनोरंजन3 weeks ago

लखनऊ की मिजाजी शाम में महानायक अमिताभ ने की शूटिंग, भुट्टा खाते हुये आए नजर

राज्य2 weeks ago

पढ़ाई में बहन थी तेज, कमजोर करने के लिए भाई करने लगे गैंगरेप, इस तरह हुआ खुलासा

वीडियो2 weeks ago

अमरनाथ श्रद्धालुओं पर गिरने लगे पत्थर तो चट्टान बनकर खड़े हो गए जवान, देखें सांसे थमा देने वाला वीडियो

देश3 weeks ago

हाई प्रोफाईल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, पांच महिलाओं सहित 9 गिरफ्तार, 7 मॉडलों को कराया मुक्त

राज्य4 weeks ago

दोस्ती की आड़ में दोस्त ही बनाते थे मां-बेटी से सम्बन्ध, बेटे को लगी भनक तो दे दी मौत

Trending