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उत्तर प्रदेश

उप्र के औरैया में 24 प्रवासी मजदूरों की मौत, अफसरों पर गिरी गाज

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सड़क हादसा

– 38 गंभीर रूप से घायल, सीएम योगी ने गहरा शोक व्यक्त किया
– फरीदाबाद दिल्ली से आ रहे थे प्रवासी मजदूर
– ज्यादातर श्रमिक झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के रहने वाले

औरैया । उत्तर प्रदेश के औरैया में शनिवार तड़के दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। फरीदाबाद व दिल्ली से अपने गंतव्य की ओर जा रहे मजदूरों का ट्रक (ट्रॉला) डीसीएम से टकराने के बाद पलट गया। इस हादसे में 24 लोगों की मौत हो गई। जबकि 38 मजदूर घायल हो गए। घायलों को औरैया के जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। 15 लोगों की हालत नाजुक होने से उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सड़क दुर्घटना में प्रवासी कामगारों व श्रमिकों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी सख्त

औरैया में सड़क हादसे में प्रवासी मजदूरों की मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बॉर्डर के दोनों थानाध्यक्षों पर कार्रवाई हुई । फतेहपुर सीकरी, आगरा और कोसी कलां, मथुरा के थानाध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मामले को लेकर एसएसपी, आईजी और एडीजी से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने मृत व्यक्तियों के परिजनों को 02-02 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है।

इन अफसरों से स्पष्टीकरण तलब

योगी ने एसएसपी, एडिशनल एसपी मथुरा एवं एसएसपी आगरा व एडिशनल एसपी आगरा सभी से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही साथ एडीजी आगरा जोन, आईजी आगरा जोन इस मामले में स्पष्टीकरण तलब किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों ट्रक मालिकों पर आईपीसी धारा में मुकदमा दर्ज करते हुए ट्रक को जब्त करने का निर्देश दिया।

असुरक्षित साधनों से कोई व्यक्ति ना चले

योगी ने कहा कि सभी बॉर्डर क्षेत्रों में असुरक्षित साधनों से कोई भी व्यक्ति ना चले। बॉर्डर क्षेत्रों में हर जिले में 200 बस जिलाधिकारी के निवर्तन पर रखने के आदेश पहले ही दे रखे हैं। साथी ही श्रमिकों को बस से भेजने के लिए धनराशि स्वीकृत की है। योगी ने कहा कि जिलाधिकारी इन आदेशों का कड़ाई से पालन करें ।

ट्रॉला से सवार थे ​कई मजदूर

ट्रॉला पर गोरखपुर, बिहार, झारखण्ड व पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिक अपने-अपने घर जाने के लिए सवार हुए थे। औरैया के नेशनल हाई-वे पर एक ढाबे के पास खड़ी डीसीएम में टकराने से ट्रक (ट्रॉला) अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्राला में आटा की बोरियां भी भरी हुई थीं। श्रमिक इन बोरियों के ऊपर बैठे हुए थे। इस हादसे में ज्यादातर श्रमिक इन्हीं बोरियों में दब गए। जब तक उन्हें निकाला गया, तब-तक कईयों ने दम तोड़ ​दिया। कुछ श्रमिकों ने जिला अस्पताल पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दिया।

राजस्थान के नंबर वाला ट्रॉला

जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि राजस्थान के नंबर वाले ट्रॉला पर सवार ज्यादातर लोग झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और कुछ यूपी के रहने वाले थे। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर बचाव व राहत कार्य में जुटे हैं। हुये हैंं।

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उत्तर प्रदेश

और जब गाड़ियों के काफिले के साथ थानेदार निकले चार्ज लेने, लेकिन हो गए सस्पेंड

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में एक थानेदार का ट्रांसफर हुआ तो वह लॉकडाउन के नियमों को खुद ही तोड़ बैठे और गाड़ियों के काफिल के साथ चार्ज लेने निकल पड़े। लेकिन वह चार्ज तो नहीं ले पाए बल्कि सस्पेंड जरूर हो गए।

ये है पूरा मामला

अंबेडकरनगर के टांडा से भाजपा विधायक संजू देवी ने अवैध वसूली के आरोप में बसखारी के थानाध्यक्ष मनोज सिंह पर कार्रवाई की मांग की थी। इसी शिकायत के बाद मनोज सिंह का ट्रांसफर बसखारी से जैतपुर कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

मनोज सिंह को मंगलवार रात को ही जैतपुर थाने का चार्ज लेना था। लेकिन वह बुधवार को बसखारी थाना से अपनी रवानगी करते समय कई पुलिसकर्मी और सरकारी गाड़ियों के काफिले के साथ थाने का चार्ज लेने के लिए निकल पड़े। काफिले में शामिल कई कई पुलिसकर्मी बाइक पर बिना मास्क, हेल्मेट पहने शामिल हुए। इस दौरान लॉकडाउन के नियमों, सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हुआ। जिसके बाद ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और मामले ने तूल पकड़ा।

इसके बाद एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कानून का उल्लंघन करने के मामले में थानाध्यक्ष जैतपुर मनोज सिंह को निलम्बित करने के बाद पुलिस लाइन भेज दिया है।

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उत्तर प्रदेश

प्रेम संबंध में सपा विधायक के गनर ने दे दी जान

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मुरादाबाद। मुरादाबाद देहात से सपा विधायक इकराम कुरैशी के गनर मनीष प्रताप सिंह ने बुधवार की देर रात अपनी सरकारी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।  सिपाही की आत्महत्या की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि सिपाही किसी युवती के साथ रिलेशनशिप में था। जिसको लेकर दोनों परिवार विरोध कर रहे थे। इसी तनाव के चलते सिपाही ने यह आत्मघाती कदम उठाया है।

2018 हुआ था सिपाही पद पर चयन

मुरादाबाद पुलिस लाइन में तैनात मनीष प्रताप सिंह सपा विधायक हाजी इकराम कुरैशी के गनर के रूप में तैनात था। मनीष प्रताप सिंह बुलंदशहर कोतवाली देहात के गांव रसूलपुर पिटारी का मूल निवासी था। सन 2018 बैच में सिपाही के पद पर पुलिस में भर्ती हुआ था। मनीष कटघर के आदर्श नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था।

रात दो बजे मारी गोली

बुधवार की देर रात करीब 2 बजे सिपाही मनीष प्रताप सिंह ने अपने कमरे में सरकारी कार्बाइन से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब दरवाजा तोड़कर देखा कि अंदर कमरे में सिपाही मृत पड़ा हुआ था।

घटना के समय मौजूद थी प्रेमिका

घटना के समय सिपाही के साथ उसकी प्रेमिका भी मौजूद थी। वहीं दो अन्य सिपाही ऊपरी मंजिल पर सो रहे थे। युवती और दोनों सिपाहियों से पूछताछ की गई।

एसपी सिटी बोले-तनाव में चल रहा था सिपाही

एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने बताया कि सिपाही किसी रिलेशनशिप में था। दोनों के परिवार इस रिलेशनशिप का विरोध कर रहे थे। इसी कारण सिपाही तनाव में चल रहा था। माना जा रहा है कि तनाव के कारण ही सिपाही ने गोली मारकर आत्महत्या की है। प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। उन्होंने खुद को गोली मारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस युवती से पूछताछ कर रही है। वहीं दोनों साथी सिपाही ने बताया कि खाना खाने के बाद वह ऊपरी मंजिल पर सोने चले गए थे। परिजनों को सूचना दे दी गई है।
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उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का तोहफा, 80 पुलिस इंस्पेक्टर बने डीएसपी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ने 80​ निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर प्रोन्नत किया है। पुलिस मुख्यालय से प्रोन्नत अफसरों की सूची जारी कर दी गयी है। प्रमोशन पाने वाले निरीक्षकों में खुशी है।

शासन से जारी सूची

जो निरीक्षक से पुलिस उपाधीक्षक बने हुए है, उनमें सियाराम, भगत सिंह, अनिरूद्ध सिंह, रामसूरत सोनकर, दीपक दूबे, अम्बरीश कुमार बघेल, राजीव द्विवेदी, देवेन्द्र कुमार, देवेश सिंह, अमरनाथ यादव, शक्ति सिंह, संतोष कुमार सिंह, शैलेश प्रताप सिंह, अनूप कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, आशोक सिंह, विवेक सिंह, विकास कुमार पांडेय, गजेन्द्र पाल सिंह, संजय ​नाथ त्रिपाठी, कमलेश कुमार सिंह, सत्येन्द्र सिंह, राम सिंह, इनाम वारिस, नन्द जी यादव, जगदीश यादव, उमेश चन्द्र पाण्डेय, अरुण कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, बृजेश सिंह, मनोज कुमार रघुवंशी, विशुन देव यादव, धमेन्द्र सिंह चौहान, प्रदीप कुमार त्रिवेदी, अरुण कुमार यादव, अखिलेश प्रताप सिंह, अरविन्द्र कुमार सिंह, सुरेश चन्द्र ओमहरे, कृष्ण गोपाल शर्मा, सतीश चन्द्र श्रीवास्तव, अरुण कुमार, ग्रीश चन्द्र शर्मा, उमेश चन्द्र श्रीवास्तव, सरेन्द्र कुमार राना, मुकुन्द मिश्रा, रामकुमार श्रीवास्त, प्रभात कुमार वर्मा,परमानंद द्विवेदी, परमेश सिंह, श्रवण कुमार राना, नरेन्द्र मोहन तिवारी, मदन सिंह, प्रदीप कुमार मिश्रा, शैलेन्द्र ​कुमार त्रिपाठी, हृदयानंद पाण्डेय, जसवीर सिंह, शिवराज सिंह, योगेश बाल दीक्षित,देवी राम, कैलाश कुमार शर्मा, राकेश कुमार पालीवाल, नईमुद्दीन खां, सुनील कुमार गादी, गजेन्द्र सिंह, अरविन्द सिंह, राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला,ओम प्रकाश सिंह,उदय पाल सिंह, राजेन्द्र कुमार शर्मा, प्रमोद कांत मिश्रा, अब्दुल रज्जाक, लईक अहमद, सुरेश कुमार त्रिपाठी कमलेश नारायन पाण्डेय, अरुण कुमार सिंह, अरविन्द कुुमार सिंह पुंडीर, सुरेन्द्र सिंह, सुरेश चन्द्र गौड़, विवेक उपाध्याय, रेखा बाजपेई और राम अवतार सिंह यादव शामिल है।

अप्रैल माह में उप्र लोक सेवा आयोग के अधीन गठित विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में इन पुलिस निरीक्षकों की प्रोन्नति की संस्तुति की गई थी। इस सूची में करीब 22 ऐसे निरीक्षक हैं, जिन्हें आउट ऑफ टर्न प्रोन्नति देकर पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया है।

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