Wednesday, June 29, 2022
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मंकीपॉक्स : आईसीएमआर ने जारी की चेतावनी, बच्चों के लिए बड़ा खतरा

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना के बाद अब मंकीपॉक्स तेजी से पैर पसार रहे है। इस बीच, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने चेतावनी जारी की है। वहीं, इस बीमारी का खतरा छोटे बच्चों में ज्यादा हो सकती है। इसके लक्षणों पर नजर रखनी होगी। फिलहाल भारत में मंकीपॉक्स के एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। उधर, भारतीय प्राइवेट हेल्थ डिवाइस कंपनी ट्रिविट्रॉन ​​​​​हेल्थकेयर ने मंकीपॉक्स की जांच के लिए एक आरटी-पीसीसार टेस्ट किट तैयार कर ली है। यह किट 1 घंटे के अंदर नतीजे दे सकेगी।

21 देशों में 226 से ज्यादा मामले

शुक्रवार को अर्जेंटीना में मंकीपॉक्स का पहला केस सामने आया। मरीज हाल ही में स्पेन की यात्रा कर लौटा है। देश में वायरस का एक संदिग्ध मरीज भी पाया गया है। इससे पहले मंगलवार को पश्चिम अफ्रीका से यूएई लौटी एक महिला में भी मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई थी। बता दें कि अब तक 21 देशों में मंकीपॉक्स के 226 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को कहा कि लगभग 100 संदिग्ध मरीज ऐसे देशों से रिपोर्ट किए गए हैं, जहां मंकीपॉक्स आमतौर पर नहीं पाया जाता है। मंकीपॉक्स का पहला मामला ब्रिटेन में 7 मई को सामने आया था।

हालांकि, राहत की बात यह है कि मंकीपॉक्स वायरस में अब तक कोई जेनेटिक बदलाव नहीं मिले हैं। यानी, वायरस अब तक इंसानों में म्यूटेट नहीं हुआ है। यह बीमारी अफ्रीका के बाहर कैसे फैली, वैज्ञानिक अब भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

स्पेन बना मंकीपॉक्स का एपिसेंटर

इस महीने हुए मंकीपॉक्स आउटब्रेक का एपिसेंटर स्पेन को माना जा रहा है। शुक्रवार तक यहां 98 मामलों की पुष्टि हुई है। वहीं, ब्रिटेन में 106 और पुर्तगाल में 74 मरीज इस दुर्लभ बीमारी की चपेट में हैं। इसके अलावा मंकीपॉक्स कनाडा, बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, इजराइल, इटली और अमेरिका समेत कई देशों में फैल चुका है।

सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूचओ) के एडवाइजर डॉ डेविड हेमैन ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में बताया था कि समलैंगिक पुरुषों में मंकीपॉक्स के संक्रमण फैलने की वजह स्पेन और बेल्जियम में हुई दो गे सेक्स पार्टीज हो सकती हैं। मंकीपॉक्स एक यौन रोग यानी सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिसीज (एसटीडी) नहीं है। हालांकि, सेक्स के दौरान संक्रमित व्यक्ति के करीब जाने से यह बीमारी फैल सकती है।

समलैंगिक पुरुषों में तेजी से फैलते संक्रमण को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। हेल्थ एजेंसी का कहना है कि किसी इंसान में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने पर उससे स्किन-टु-स्किन, फेस-टु-फेस और सेक्शुअल कॉन्टैक्ट बिलकुल न करें। मरीज के थोड़ा भी करीब आने पर मास्क पहनें और हाथ धोएं। मंकीपॉक्स के लक्षणों में पूरे शरीर पर मवाद से भरे दाने, बुखार, सूजी हुई लिंफ नोड्स, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द और थकान शामिल हैं।

 

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