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कोरोना काल में सामान्य मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित कमी

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देवघर, 24 मई। । कोरोना संक्रमण काल में सामान्य मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित कमी देखी गई है । अस्पतालों में उमड़ने वाले भीड़ अब वैसी नहीं वह भी तब जब प्राइवेट नर्सिंग होम,चिकित्सकों ने मरीज को देखना या तो कम कर दिया अथवा सीमित संख्या में ही मरीजों को देख रहे हैं।

लॉक डाउन के शुरुआती दिनों में असमंजस के कारण निजी नर्सिंग होम और चिकित्सक तो मरीज देखते भी नहीं थे। आंकड़ों जनित स्थिति का आकलन करें तो यह कहना गैर मुनासिब नहीं कि कोरोना संक्रमण काल में अस्पतालों तक वास्तविक मरीज ही पहुँचे जबकि आम दिनों में तिगुनी से ज्यादा संख्या इस बात को प्रमाणित करता है कि स्वस्थ्य मरीज भी चिकित्सीय परामर्श के बाद दवाइयों का सेवन करने से परहेज़ नहीं करते जो अंततः उन्हें बीमार और बहुत बीमारों की श्रेणी में ला खड़ा करता है।

लॉक डाउन 22 मार्च से होने के कारण मार्च माह में शुरुआती मरीजों की संख्या के बाद 22 मार्च से मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित रूप से कमी आना शुरू हो गया जिसका गवाह आंकड़ा भी सहज दे रहा है। मार्च माह में 3900 पुरु. 1279 महिला,695 सर्जिकल, आपातकालीन 2118, नेत्र 251, डेंटल 192, शिशु 1725 जबकि मातृ-शिशु में 590 मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

इस माह में 412 पुरुष एवं 342 महिला मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया गया। माह अप्रैल में जब लॉक डाउन पूरी तरह लागू था तब एकबारगी मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित कमी आई जिसमें मात्र 1600 पुरुष, 187 महिला, आपातकालीन 1067 नेत्र 15, डेंटल 60,मातृ-शिशु 540 ,शिशु 0, जबकि मात्र 360 स्त्री-पुरुष मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज किया गया।इस माह में सर्जिकल मरीज़ों की संख्या भी 0 रही।

उपरोक्त आंकड़ों से यह तो स्प्ष्ट है कि कोरोना काल के प्रथम एवं द्वितीय सत्र में मरीजों की संख्या अत्यंत कम हो गयी जबकि इस सत्र में प्राइवेट नर्सिंग होम,चिकित्सकों ने भी मरीजों को चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराना बन्द कर दिया था और लोग सदर अस्पताल पर ही निर्भर थे।

कहना गलत नहीं  होगा कि स्वास्थ्य के प्रति लोगों में भ्रांतियां ही ज्यादा है कि मामूली अस्वस्थता के कारण भी अस्पतालों का चक्कर लगा अनाप-शनाप दवाइयों का सेवन कर स्वयं को बीमार करने वालों की संख्या ज्यादा है जबकि वास्तविक मरीज़ों की संख्या अल्प ही है।

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सेहत के लिए लाभकारी है कच्चा दूध, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

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हेल्थ डेस्क। अगर बात कि जाए दूध की तो गाय और भैंस दोनों का ही दूध शरीर के लिए लाभकारी है। आयुर्वेद के डाक्टरों के मुताबिक, कच्चा दूध गर्म दूध से कई गुना ज्यादा फायदेमंद होता है। हालांकि कुछ मामलों में कच्चा दूध नुकसानदेह भी हो जाता है, इसी को देखते हुए कई लोग उबला हुआ दुध उचित मानते हैं। लेकिन ये भी सच है कि उबाले हुए दूध में कई वो चीजें खत्म हो जाती है, जो हमारे शरीर के निर्माण में सहायक होती हैं।

कच्चा दूध पीने के फायदे

कच्चे दूध में पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। जिसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, पौटेशियम शामिल है। इससे आपको वो तत्व मिल जाते हैं जो कि आपके शरीर के लिए आवश्यक है। बता दें कि इन तत्वों से आपकी हड्डियों, ब्लड सर्कुलेशन, हाइड्रेशन, मसल, मेटाबोलिज्म आदि को फायदा पहुंचता है। कच्चा दूध पीने से एलर्जी संबंधी बीमारियां कम होती है। जो बच्चे कच्चा दूध नहीं पीते उनमें अस्थमा होने की संभावना बढ़ जाती है।

कच्चे दूध का अधिकतर लोग अपनी स्किन की वजह से इसका इस्तेमाल करते हैं। कच्चे दूध के सेवन से चेहरे पर होने वाले रैशे, दाग और दाने से आराम मिलता है और वो धीरे-धीरे खत्म होने लग जाते हैं। साथ ही इसमें कई ओमेगा-3 फैट और सैचुरेटेड फैट होते हैं, जिससे आपकी स्किन जवां रहती है और निखार बना रहता है।

पोषक तत्वों की पूर्ति करता है

कच्चे दूध में कई पोषक तत्व होते हैं, जिसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, पौटेशियम शामिल है। इससे आपको वो तत्व मिल जाते हैं जो कि आपके शरीर के लिए आवश्यक है। बता दें कि इन तत्वों से आपकी हड्डियों, ब्लड सर्कुलेशन, हाइड्रेशन, मसल, मेटाबोलिज्म आदि को फायदा पहुंचता है।

दूध के साथ करें इन चीजों का सेवन

गुड़ के दूध का सेवन – दूध में शक्कर के बजाए गु़ड़ मिलाकर पिएं। इससे स्वाद भी बदलेगा और आपके शरीर में आयरन की आपूर्ति भी दुगुनी होगी। सर्दी के दिनों में यह दूध शरीर में गर्मी पैदा करता है और बीमारियों से बचाता है।

बादाम के साथ दूध – बादाम और दूध मिलकर आपकी सेहत का बेहतरीन पैकेज तैयार करते हैं। भीगे हुए बादाम को दूध के साथ मिक्स कर पीने से इसका स्वाद भी बढ़ेगा और गुण भी। यह आपके दिमाग, दिल, आंखों और त्वचा के लिए फायदेमंद साबित होगा।

इलायची के साथ दूध का सेवन – सादे दूध में इलायची मिलाकर आप इसके स्वाद को बढ़ा सकते हैं। यह आयरन और कैल्शियम के साथ मैंगनीज व अन्य पोषक तत्वों से भरा होगा। यह एनिमिया से आपकी रक्षा करता है। साथ ही त्वचा को भी झुर्रियों से बचाता है।

ऐसे भी है फायदेमंद…

कैंसर से बचाव- कच्चे दूध में एक ऐसा तत्व होता है जिसमें लिनोलेइक एसिड होता है जो कि आपके शरीर के लिए फायदेमंद है। कई रिसर्च में सामने आया है ति इससे ब्रेस्ट, हड्डी कैंसर से लड़ने में मदद मिलती है।

पचाने में आसान- आपको ये जानकर भले ही अजीब लगे, लेकिन कई रिसर्च में सामने आया है कि कच्चा दूध पचाने में आसान होता है और यह शरीर को फायदे करते हुए जल्दी पच जाता है। दूध में मौजूद लिपेस, लेक्टेस और एमीलेस नाम के एंजाइम पाचन क्रिया में मदद करते हैं।

नोट : इसके अलावा इस बात का भी खास ध्यान रखें कि कई रिसर्च में सामने आया है कि कच्चा दूध आपके शरीर के लिए नुकसानदायक होता है, इसलिए अगर आपको कच्चा दूध पीने से कोई दिक्कत हो रही हो तो उसे तुरंत छोड़ दें। साथ ही कच्चा दूध की मात्रा को लेकर एक बार डॉक्टर से सलाह जरुर ले लें।

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दुनिया भर में कैसे फैला Corona का कहर, पता करने चीन जाएगी WHO की टीम

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस पूरी दुनिया पर कहर बरपा रहा है। आखिल यह वायरस दुनिया भर में फैला कैसे। यह सवाल सबके मन में है। अब इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए डब्ल्यूएचओ (WHO) की टीम अगले हफ्ते चीन जा रही है।

WHO का दावा- चीन ने नहीं  हमने दी पहले जानकारी

WHO  ने यह भी दावा किया है कि इस बीमारी के बारे में पहली जानकारी उसने ही दी थी, न कि चीन ने।

छह महीन चलेगी जांच

चीन में स्थानीय डब्ल्यूएचओ ऑफिस वायरल निमोनिया के मामलों पर वुहान म्युनिसिपल हेल्थ कमीशन का बयान लेगा, इसके बाद यह जांच 6 महीने से अधिक समय तक चलेगी।

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कोरोना से जंग में एम्स ऋषिकेश ने बढ़ाई ताकत, मरीजों के लिए अब 200 बेड

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ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में कोरोना के मरीजों के लिए निर्धारित 100 बेड को बढ़ाकर 200 कर दिया गया है। यह जानकारी डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रो. यूबी मिश्रा ने दी।

प्रो. मिश्रा ने बताया कि साथ ही कोरोना वार्ड में आईसीयू से जुड़ी सुविधाओं में भी इजाफा किया गया है। कोविड वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों के उपचार के लिए अब एक की जगह दो आईसीयू की व्यवस्था की गई है। इनमें 30 वेंटिलेटर हैं। कोरोना वार्ड में फिलहाल 30 पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं।
उन्होंने बताया कि संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर अब एक और गहन चिकित्सा यूनिट स्थापित की गई है। नए आईसीयू में 15 अतिरिक्त वेंटिलेटर्स की व्यवस्था की गई है।

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