Connect with us

हेल्थ

जापानी इंसेफेलाइटिस का खात्मा करेगी यह खास घास, जानें क्या है इसमें खास

Published

on

गोरखपुर। जापानी इंसेफेलाइटिस का खात्मा करने के लिए विशेषज्ञों ने निचोड़ निकाल लिया है। अब इस खतरनाक वायरस का खात्मा घास से होगा। इस घास का नाम है एजोला। गौरतलब है कि पूर्वी यूपी में जापानी इंसेफेलाइटिस कहर बनकर टूटता है। रिजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) के विशेषज्ञ एजोला के जरिए इंसेफेलाइटिस के कारक मच्छरों का खात्मा करेंगे। इसके लिए गोरखपुर और देवरिया में इंसेफेलाइटिस के संवेदनशील गांवों का चयन हो रहा है।

ऐसे होता है

जापानी इंसेफेलाइटिस बच्चों में फ्लेवी वायरस से हो रहा है। इस वायरस का वाहक सूअर या बगुला होता है। इंसानों को यह बीमारी क्यूलेक्स मच्छर काटने से होती है। यह मच्छर धान के खेतों में पाया जाता है। मच्छर जब सूअर या बगुला का खून चूसता है तो वायरस उसके शरीर में आ जाते हैं। यही मच्छर जब इंसानों का खून चूसता है तो वायरस इंसानों के शरीर में प्रवेश कर जाता है।

धान के खेत में होता है मच्छरों का प्रजनन

बीआरडी मेडिकल कालेज में बने आरएमआरसी के निदेशक डॉ. रजनीकांत श्रीवास्तव ने बताया कि मादा क्यूलेक्स मच्छर सिर्फ धान के खेतों में रुके पानी में ही अंडे देती हैं। इसी वजह से ऐसे गांवों में बीमारी का प्रकोप सबसे ज्यादा है जहां गांव की सीमा से सटे धान के बड़े खेत हैं।

क्यूलेक्स मच्छरों को पनपने नहीं देगी एजोला

उन्होंने बताया कि क्यूलेक्स मच्छर का जीवन चक्र पानी की ऊपरी सतह पर होता है। मच्छर के अंडे पानी की ऊपरी सतह पर रहते हैं। वहीं लार्वा बनते हैं। एजोला घास भी पानी की ऊपरी सतह पर ही तेजी से फैलती है। घास के दबाव से मच्छरों के अंडे पानी की निचली सतह में जाकर नष्ट हो जाएंगे। उनका जीवन चक्र टूट जाएगा। इसका प्रयोग गोरखपुर व देवरिया में इंसेफेलाइटिस के अति संवेदनशील गांवों में किया जाएगा। इसके लिए धान की खेती करने वाले किसानों को ट्रेनिंग दी जाएगी।

खाद व चारा भी बनेगी एजोला

एजोला के कई फायदे हैं। इसके कारण खेत में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है। इससे धान का उत्पादन 15 फीसदी तक बढ़ सकता है। दुधारू पशुओं को खिलाने से दूध का उत्पादन बढ़ जाता है। किसान इसका प्रयोग मुर्गी पालन और मछली पालन में कर सकते हैं।

शैवाल जैसी होती है एजोला

उन्होंने बताया कि एजोला जलीय पौधा है। यह शैवाल से मिलती-जुलती फर्न है। इसकी पंखुडिय़ो में एनाबिना पाई जाती है। यह क्लोरोफिल की तरह से सूर्य के प्रकाश का संश्लेषण कर नाईट्रोजन का उत्पादन करती है।

47 साल से कहर बरपा रही इंसेफेलाइटिस

पूर्वांचल के 32 जिलों के साथ ही पश्चिमी बिहार और नेपाल में 47 साल से इंसेफेलाइटिस कहर बरपा रही है। यह बीमारी ज्यादातर 16 वर्ष से कम उम्र के किशोरों और बच्चों को अपने चपेट में लेती है। इस बीमारी से बीआरडी मेडिकल कालेज में पांच दशक में करीब 10000 मरीजों की मौत हो चुकी है। करीब 40 हजार मरीज दिव्यांग हो चुके हैं।

जानलेवा है इंसेफेलाइटिस

इसमें बच्चों में बुखार तेज होता है। बुखार सात से 14 दिन तक रहता है। सिर व मांसपेशियों में दर्द होने के साथ शरीर पर दाने निकल जाते हैं। कुछ मामलों में मरीज को झटका भी आता है। बीमारी बढऩे पर मरीज के शरीर में महत्वपूर्ण अंग के काम पर भी असर डालता है। इससे मरीज की मौत भी हो सकती है। https://www.kanvkanv.com

हेल्थ

पेट से लेकर चर्म तक हर रोग की दवा है ये पौधा, खेती से भी होगा दोगुना लाभ

Published

on

लखनऊ। गठिया रोग हो या स्तन की गांठ, चेहरे का तिल हो या साटिका अथवा पेचिस अधिकांश रोगों में काम आने वाला अरंडी सिर्फ गड्ढों के किनारे उगने वाला पौधा नहीं, इसकी खेती से आप मालामाल हो सकते हैं। अनुपयुक्त खेत में भी इसकी खेती से डेढ़ लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से ज्यादा लाभ कमा सकते हैं। इसकी खेती द्विफसली के रूप में भी किया जाता है और जिस खेत में यह होता है, वहां कीड़ों का प्रकोप खुद ही कम हो जाता है, क्योंकि इसमें पाया जाने वाला रिसिन नामक विषैला पदार्थ हर भाग में उपस्थित रहता है। यूपी में इसकी खेती पहले बहुतायत में बुंदेलखंड, लखनऊ और पूर्वी यूपी में होती थी लेकिन अब कुछ रकबा इसका कम हो गया है।

इस संबंध में आयुर्वेदाचार्य डाक्टर एसके राय ने बताया कि अरंडी में चालिस से 60 प्रतिशत तक तेल उपस्थित होता है। यह शुद्ध ऍल्कालोइड़स के लिये एक उत्कृष्ट सॉल्वैंट के रूप में नेत्र शल्य चिकित्सा में प्रयुक्त होता है। इससे साबून भी बनाये जाते हैं। यह अस्थायी कब्ज, पेट के दर्द और तीव्र दस्त मे धीमी पाचन के कारण प्रयोग किया जाता है। इसका तेल दाद, खुजली, आदि विभिन्न रोगों में रामबाण है।

कानपुर कृषि विश्वविद्यालय के डाक्टर मुनीष कुमार ने बताया कि अरंडी का हर भाग दवा व व्यवसाय के रूप में उपयोगी है।अरंडी के तेल का उपयोग साबुन, रंग, वार्निश, कपड़ा रंगाई उद्योग, हाइड्रोलिक ब्रेक तेल, प्लास्टिक, चमड़ा उद्योग में होता है| अरण्डी की पत्तियां रेशम के कीटों को पालने व हरी खाद बनाने में काम आती हैं। खली खाद के रूप में काम आती है। अरंडी की खेती सिंचित और असिंचित दोनो ही स्थितियों में की जाती है| इसकी जड़ें गहरी जाती हैं, जिससे फसल में सूखा सहन करने की क्षमता बढ़ जाती है|

खेती

डाक्टर मुनीष ने बताया कि अरंडी की खेती विभिन्न प्रकार के जलवायु में की जा सकती है। इसकी बुवाई खरीफ व कटाई रबी मौसम में होती है। इसके लिए अगस्त माह उपयुक्त समय है। यह किसी भी खेती के साथ मेड़ों पर उगाया जा सकता है। यह सूखा सहन कर सकती है, परन्तु जल भराव के प्रति संवेदनशील है। अरंडी अच्छे जल निकास वाली लगभग सभी भूमियों में उगायी जा सकती है। अच्छे फसल उत्पादन के लिये भूमि का पी एच मान 5 से 6 के बीच होना चाहिये।

मिश्रित फसल पद्धति

अरंडी की खेती खरीफ की फसल सोयाबीन, मूँग, लोबिया, उड़द, गुआरफली और अरहर  के साथ किया जा सकता है। मिश्रित फसल के लिए अरंडी का छह किलोग्राम प्रति हेक्टेयर बीज उपयुक्त रहता है। इसकी कई किस्में हैं, जिसमें अरूणा, ज्योति, क्रान्ति आदि प्रमुख रूप से बोयी जाती हैं।

खाद और उर्वरक

डाक्टर मुनीष कुमार ने बताया कि असिंचित फसल में 50 किलोग्राम नत्रजन और 25 किलोग्राम फास्फोरस प्रति हैक्टेयर प्रयोग किया जाना चाहिए। आधा नत्रजन और पूरा फास्फोरस बुवाई के समय गहरा ऊर कर दें एवं शेष बची आधी नत्रजन को खड़ी फसल में 30 दिन की अवस्था पर वर्षा होने पर दें। वहीं अरंडी की सिंचित फसल के लिये 100 किलोग्राम नत्रजन और 45 किलोग्राम फास्फोरस प्रति हैक्टेयर प्रयोग करना उपयुक्त होता है। अरंडी का प्रति हेक्टेयर 12 से 15 किलोग्राम बीज की बोआई की आवश्यकता होती है। यदि बीज को हाथ से एक-एक कर बाेया जाता है तो छह से आठ किलोग्राम बीज प्रति हेक्टेयर चाहिए।

बुवाई का समय व विधि

अरंडी की बुवाई अगस्त माह में हल, सीड्रिल या हाथ से की जाती है। सिंचित फसल के लिए लाइन से लाइन की दूरी 95 से 118 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे के बीच की दूरी 65 सेंटीमीटर, वहीं असिंचित के लिए 60 गुणे 46 सेमी रखना उपयुक्त होता है। डाक्टर मुनीष कुमार ने हिन्दुस्थान समाचार से बताया कि इसमें झुलसा रोग के उपचार के लिए दो किग्रा मैन्कोजेब पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए, जबकि उखटा रोग के लिए ट्राइकोडर्मा व गोबर की खाद उपयुक्त होती है। इसकी पैदावार असिंचित खेती में 20 से 25 क्वींटल तथा सिंचित खेती में 35 से 40 क्वींटल प्रति हेक्टेयर हो जाती है। https://www.kanvkanv.com

Continue Reading

हेल्थ

डाक्टरों ने 11 लोगों को कर दिया अंधा, मुआवजे पर सरकार ने भी किया भद्दा मजाक

Published

on

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में डाक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पर मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 11 मरीजों की आंख की रोशनी चली गई है। इस घटना को लेकर कमलनाथ सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए इंदौर आई अस्पताल में 8 अगस्त को राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत एक शिविर लगाया गया था, जिसमें मरीजों के ऑपरेशन हुए, इसके बाद आंख में दवा डाली गई, जिससे उन्हें संक्रमण हुआ और धीरे-धीरे उनकी आंखों की रोशनी ठीक होने की बजाय चली गई।

अस्पताल की ओटी सील

मरीजों ने आंखों में इंफेक्शन होने की बात कही, डॉक्टरों द्वारा आंखें चेक करने पर कई मरीजों ने बताया कि उन्हें सिर्फ काली छाया दिखाई दे रही है। जांच के बाद डॉक्टरों ने भी माना कि मरीजों की आंखों में इंफेक्शन हो गया है, लेकिन इसका कारण नहीं बता सके। इस अस्पताल का संचालन एक ट्रस्ट करता है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की ओटी को सील कर दिया है।

चेन्नई से चिकित्सकों को बुलाया गया

स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने शनिवार को घटना पर दुख जताया है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया है कि आई हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद 11 मरीजों की आंख की रोशनी चली गई है। इन मरीजों की आंख की रोशनी वापस लाने के लिए चेन्नई से चिकित्सकों को बुलाया जा रहा है।

मुआवजे पर भद्दा मजाक, ‘अंधा’ करने की कीमत 20 हजार रुपए

स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर पूरे मामले की जांच इंदौर कमिश्नर की अगुवाई में सात सदस्यीय कमेटी करेगी, जिसमें इंदौर कलेक्टर समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये की तत्काल मदद दी जाएगी। वहीं, पूरे मामले पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी संज्ञान लिया है।

2010 में भी 20 लोगों की आंख की रोशनी चली गई थी

इसी अस्पताल में 2010 में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद करीब 20 लोगों की आंख की रोशनी चली गई थी। इस बार फिर अस्पताल में कैंप लगाया गया और उसके बाद उनकी आंखों में इंफेक्शन हो गया और मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई। अस्पताल में मरीजों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद उनकी आंख की रोशनी धीरे-धीरे चली गई और अब तक डॉक्टर भी कुछ नहीं कह पा रहे हैं। https://www.kanvkanv.com

Continue Reading

हेल्थ

आप भी परेशान हैं सिर दर्द से तो बस इन 7 घरेलू नुस्खों का करें प्रयोग, पल भर में मिलेगा आराम

Published

on

हेल्थ डेस्क। लोगों में सिर दर्द की बीमारी अब आम सी बात हो गई है. दिन भर की भागदौड़, काम की टेंशन, दिमाग पर जोर पड़ना सहित कई अन्य समस्याएं हैं जिससे लोगों को अक्सर सिर दर्द की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. आज हम आपको सिर दर्द से छुटकारा दिलाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे बताने जा रहे हैं जिसके उपचार से आप को इससे राहत मिल सकेगी.

1. लौंग और नमक का मिश्रण – सिर दर्द से परेशान हैं तो लौंग और नमक का मिश्रण आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकती है. यह सिर दर्द के लिए एक प्रभावी उपचार है. इसे तैयार करने के लिए आपको लौंग का पाउडर और नमक को मिला का मिश्रण तैयार करना होगा. इसे आपको दूध में मिलाकर पीना है. लौंग और नमक का यह मेल आपके सिर दर्द को पल में छू कर देगा. असल में नमक में हाइग्रस्कापिक गुण होते हैं, जो सिर दर्द से आराम दिलाने में मददगार हैं.

2. सोंठ का पेस्ट – सर्दी में सिर दर्द से परेशान रहने वाले लोगों को सोंठ काफी राहत देने में मददगार साबित हो सकता है. इसके लिए पानी में सोंठ पीसकर माथे पर लगाने से सर्दी से होने वाला सिर का दर्द रुक जाता है.

3. नींबू और गर्म पानी – अगर आपके पास समय कम है या आप कहीं बाहर हैं और आपको अचानक से तेज सिर दर्द उठ गया है, तो यह फटाफट से तैयार होने वाला नुस्खा आपके बहुत काम का है. इसमें आपको करना बस यह है कि एक गिलास में गर्म पानी लेकर उसमें नींबू का रस डाल लें. इससे सिर दर्द में राहत मिलती है. कई बार पेट में गैस बनने से भी सिर दर्द होता है.

4. नींबू और चाय – चाय में नींबू मिलाने से भी सिर दर्द से राहत पाई जा सकती है. इसके लिए नींबू को चाय में निचोड़कर पीना चाहिए.

5. तुलसी और अदरक – तुलसी और अदरक के इस्तेमाल से भी सिर के दर्द से निजात पाई जा सकती है. इसके लिए तुलसी की पत्तियों का और अदरक का रस एक साथ मिलाएं. इसके बाद इसे माथे पर लगाएं. वहीं इस रस को सिर दर्द से परेशान व्यक्ति को पिलाया भी जा सकता है. इससे सिर दर्द में काफी राहत मिलेगी.

6. लौंग के तेल से मालिश- लौंग के इस्तेमाल से भी सिर दर्द को दूर किया जा सकता है. लौंग में दर्द खत्म करने के गुण होते हैं. लौंग को गर्म करके किसी कपड़े में बांधकर सूंघने से सिर दर्द में बहुत राहत मिलती है. इसके अलावा लौंग के तेल से अपने माथे की मालिश करने से भी दर्द से निजात पाई जा सकती है.

7. दालचीनी पाउडर – दालचीनी अपने आप में कई रोगों की एक दवा है. यह आपको डायबिटीज से ही नहीं सिर दर्द से भी राहत दिला सकती है. सिर दर्द से राहत पाने के लिए दालचीनी पाउडर में जरा सा पानी मिला कर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को सिर पर लगाने से आराम मिलता है. https://www.kanvkanv.com

Continue Reading

दुनिया42 mins ago

OMG : गूगल में भिखारी सर्च करने पर दिख रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान

उत्तर प्रदेश1 hour ago

सोमवार को 11 बजे CM योगी के ये विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ, इन मंत्रियों का होगा प्रमोशन

उत्तर प्रदेश2 hours ago

ये क्या? 71 भेड़ लेकर प्रेमी को सौंप दी पत्नी, जानिये क्या था मामला

उत्तर प्रदेश2 hours ago

अयोध्या : तारून थानाक्षेत्र में सड़क पर गिरे पेड़ में घुसी बाइक, दो युवकों की दर्दनाक मौत

उत्तर प्रदेश2 hours ago

श्रावस्ती : प्रधानमंत्री की अदूरदर्शी नीति प्रथम प्रधानमंत्रित्व काल में ही होनी चाहिए

उत्तर प्रदेश2 hours ago

श्रावस्ती : पत्रकारिता को स्वयेतता और संविधान की अनुच्छेद 19 का खतरा

उत्तर प्रदेश5 hours ago

यूपी में दिनदहाड़े पत्रकार व उसके भाई की की हत्या, गुस्साई भीड़ का फूटा गुस्सा, CM योगी ने दी 5-5 लाख की सहायता राशि

देश6 hours ago

अरुण जेटली की हालत नाजुक, एम्स में एक-एक कर मिलने पहुंच रहे दिग्गज नेता

बिज़नेस7 hours ago

शेयर बाजार : मिडकैप कंपनियों को भारी नुकसान, आईटी सेक्टर भी 2.67 प्रतिशत हुआ कमजोर

टेक्नोलॉजी7 hours ago

ट्विटर यूजर के लिए खुशखबरी, आया ये नया फीचर, मिलेगी इस तरह की सुविधा

वीडियो7 hours ago

300 लोगों की भीड़ लगा रही थी भारत व मोदी विरोधी नारे, भिड़ गईं BJP नेता शाजिया इल्मी, देखें वीडियो

खेल8 hours ago

भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया के साथ 2-2 से ड्रा खेला, चीन से होगा अगला मैच

मनोरंजन8 hours ago

OMG : जब टाइगर श्रॉफ ने उठा लिया 200 किलो वजन, आप भी देखें वर्कआउट का ये धांसू वीडियो

उत्तराखंड8 hours ago

उत्तराखंड में बाढ़ ने मचाई तबाही, चार लोग मलबे में दबे, मौसम विभाग ने कही ये बात

उत्तर प्रदेश8 hours ago

दो साल तक अपनी ही बेटी से करता रहा बलात्कार, विरोध किया तो धड़ से अलग कर दिया सिर

देश9 hours ago

भूटान में बोले पीएम मोदी, दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक-सांस्कृतिक व आध्यात्मिक संबंध, पढ़ें बड़ी बातें

हेल्थ9 hours ago

पेट से लेकर चर्म तक हर रोग की दवा है ये पौधा, खेती से भी होगा दोगुना लाभ

देश9 hours ago

भारत ने पाकिस्तान को दी चेतावनी, अब कोई वार्ता नहीं, केवल पीओके पर होगी बात

वीडियो3 weeks ago

फिर चर्चा में पीली साड़ी वाली अफसर, सपना के गाने पर नीली साड़ी पहन किया धमाकेदार डांस, देखें वीडियो

दुनिया3 weeks ago

‘प्रेमी को बांध देती थी हथकड़ी से फिर करती थी मारपीट, वियाग्रा खिला कर बनाती थी जबरन संबंध’

वीडियो3 weeks ago

साक्षी की तरह कृति ने भी भागकर रचाई दूसरी जाति में शादी, सियासी खानदान की है बेटी, देखें वीडियो

वीडियो3 weeks ago

थाने में महिला पुलिसकर्मी को चढ़ा टिक-टॉक का खुमार, वीडियो बनाकर लगाए ठुमके, देखें वीडियो

देश3 weeks ago

स्पीकर की कुर्सी पर बैठीं थीं BJP सांसद, आजम बोले-…आपकी आंखों में देखता रहूं, अखिलेश बचाव में उतरे

टेक्नोलॉजी3 weeks ago

भारत में लांच हुआ धमाकेदार स्मार्टफोन, फीचर्स देख हो जाएंगे हैरान, कीमत सिर्फ इतनी

मनोरंजन2 weeks ago

टीएमसी सांसद नुसरत जहां ने शेयर की हनीमून की फोटो, फिर कैैप्शन में लिख दी ये बात

देश3 weeks ago

इस वरिष्ठ आईएएस पर आरोप, नशे में कर संबंध बनाए फिर धमकी देकर की दूसरी शादी, जानें पूरा मामला

राज्य4 weeks ago

यूपी : होटल मालिक से था छात्रा को प्यार, मिलने पहुंची, हुआ कुछ ऐसा कि युवक ने मार दी गोली, मौत

देश4 weeks ago

आठ माह की गर्भवती के साथ 4 दरिंदों ने किया सामूहिक बलात्कार, फिर वीडियो बनाकर पति को भेज दिया

मनोरंजन2 weeks ago

जेल जा सकते हैं पवन सिंह, अक्षरा ने दर्ज कराई FIR, लगाए सनसनीखेज आरोप, सुनाई ब्रेकअप स्टोरी

मनोरंजन3 weeks ago

बिकनी पहनकर निक जोनास के पैरों पर लेटी प्रियंका चोपड़ा, पी सिगरेट, लोगों ने किये ऐसे कमेंट

राज्य1 week ago

अम्बेडकर नगर में चार युवकों ने शिवलिंग पर पैर रखकर खिंचवाई फोटो, पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा

वीडियो1 week ago

नहीं बन सका पायलट तो अपनी नैनो कार को ही बना दिया हेलिकॉप्टर, देखें हैरान करने वाला वीडियो

देश4 weeks ago

6 राज्यों के राज्यपाल बदले गए, यूपी में राम नाईक की जगह लेंगी आनंदी बेन पटेल  

देश2 weeks ago

एक और न‍िर्भया कांड, युवती के साथ गैंगरेप के बाद काट डाले स्तन, चीर दी छाती

देश1 week ago

बड़ी कंपनी में नौकरी करती थी महिला, GB रोड में बेच दिया, रोज 20 आदमी करते थे बलात्कार

देश1 week ago

पत्नी की बेवफाई, पति नहीं रहता था घर पर बुला लेती थी प्रेमी को, फिर ऐसी खुल गई सारी पोल

Trending