कोरोना संक्रमण व सर्दियों में गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल जरुरी, बिना सलाह न लें कोई दवा

छपरा। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण व सर्दियों के मौसम में गर्भवती महिलाओं को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में सर्दी-जुकाम होने की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि इस समय उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में सर्दी जुकाम के दौरान कफ नहीं होने देना चाहिए। ऐसी अवस्था में बिना डॉक्टर के परामर्श के सर्दी-जुकाम में ली जाने वाली दवाएं शिशु के लिए हानिकारक हो सकती हैं। अतः इसके लिए आप भाप लेकर इससे निजात पा सकती हैं।

क्षेत्रीय अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रत्ना शरण ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण व सर्द मौसम में ड्रायफ्रूट्स और च्यवनप्राश भी खाने चाहिए। वह मेवे का भी सेवन कर सकती हैं। यदि ठंडी चीजें खाना भी हो तो धूप में बैठकर खाएं। इससे सर्दी नहीं होगी। साथ ही, तिल का तेल की मालिश करना चाहिए। इस समय त्वचा रूखी हो जाती है, इसलिए तेल मालिश करनी चाहिए। हफ्ते में तीन दिन तेल जरूर लगाना चाहिए। गर्भावस्था में सर्दी जुकाम से बचने के लिए स्वस्थ्य खान-पान लेना चाहिए। ताजे फल, सब्जियां, नट्स का भी सेवन करें, जिससे प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो और सर्दी जुकाम से लड़ने में मदद मिलें।

गर्भावस्था में पोषक तत्वों का सेवन जरूरी

सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने कहा कि गर्भावस्था आहार में ऐसी चीजों को शामिल किया जाना चाहिए, जिसमें पोषक तत्वों की भरमार हो। इतना ही नहीं गर्भावस्था के समय पर आहार में विटामिन, कैल्शियम, प्रोटीन, कैलोरी की मात्रा भी भरपूर मिली होनी चाहिए। इस दौरान आवश्यक विटामिन खासकर विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थों का गर्भावस्था के दौरान हरी सब्जियों का भी भरपूर सेवन किया जाना चाहिए। यानि गर्भवती महिला को रोज कैल्शियम और विटामिन की सही मात्रा अपने खाने में शामिल करनी चाहिए। इतना ही नहीं फोलिड एसिड भी बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन सब चीजों के इस्तेमाल से जच्चा-बच्चा दोनों स्वास्थ रहेंगे।

कोरोना की वैक्सीन आने तक सावधानी ही बेहतर इलाज

गड़खा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मेहा कुमारी ने कहा कि जब तक कोरोना की रोकथाम के लिए कोई वैक्सीन नहीं आ जाती। तब तक बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। शारीरिक दूरी और मास्क पहनना आदत बना लीजिए। गर्भवती महिलाएं बहुत जरुरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। व्यायाम और मार्निग वाक घर पर ही करें। चार्ट बनाकर हेल्दी डाइट लें। उनके परिवार के सदस्य यदि बाहर सर्विस करते हैं तो जब वो घर में आएं तो उनको भी सावधानी बरतने की जरुरत है। परिवार के सदस्य बाहर से संक्रमण लाएंगे तो घर की महिलाओं को भी संक्रमण लग सकता है। शरीर में दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। गुनगुने पानी का सेवन करें। रूटीन चेकअप कराती रहें।