Connect with us

हेल्थ

धूप में रहे बिना भी हो सकता है त्वचा कैंसर, जानें डॉक्टरों की राय

Published

on

नई दिल्ली। हाल के एक शोध के मुताबिक, सनलैस टैनिंग या फेक टैनिंग उत्पाद जैसे स्प्रे, मल्हम, क्रीम, फोम या लोशन जो स्किन कैंसर के खतरे के बिना टैन स्किन का वादा करते हैं, वास्तव में कैंसर को रोकने में मदद नहीं करते हैं। जिन वयस्कों ने सनलैस टैनिंग उत्पादों का उपयोग किया था, उनकी इनडोर टैनिंग बैड्स उपयोग करने की अधिक संभावना रहती है और ऐसे लोगों ने बाहर निकलते समय न तो सुरक्षात्मक कपड़े पहने थे और न ही छाया में रहते थे। त्वचा कैंसर दुनिया में कैंसर के सबसे आम प्रकारों में से एक है।

डॉक्टर ने यह कहा

महिलाओं की तुलना में भारतीय पुरुषों में इस कैंसर के मामले लगभग 70 प्रतिशत अधिक हैं। यह कंडीशन तब होती है, जब अप्राकृतिक त्वचा कोशिकाओं या ऊतकों की वृद्धि अनियंत्रित तरीके से होने लगती है। इसके पीछे जेनेटिक फैक्टर्स से लेकर अल्ट्रावायोलेट रेज के एक्सपोजर तक कुछ भी हो सकता है। हार्ट केयर फाउंडेशन आफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल ने कहा, “त्वचा कैंसर के सबसे घातक रूपों में से एक है मेलेनोमा। यह मेलेनोसाइट्स या त्वचा में मौजूद वर्णक कोशिकाओं में विकसित होता है। शरीर के अन्य हिस्सों (मेटास्टेसाइज) में फैलने की प्रवृत्ति के कारण त्वचा रोग कैंसर के अन्य रूपों से अधिक गंभीर हो सकता है और गंभीर बीमारी और मृत्यु का कारण बन सकता है।

यह भी होता है

उन्होंने कहा, “मेलेनोमा के संकेतों को पकड़ने के लिए एबीसीडीई नियम का उपयोग किया जा सकता है : एसिमेट्री या विषमता – तिल या बर्थमार्क के एक हिस्से का दूसरे से मेल न खाना, बॉर्डर या सीमा – अनियमित किनारे, कलर या रंग – पूरी त्वचा का रंग एक जैसा नहीं रहता, कहीं कहीं पर भूरे, काले, गुलाबी, लाल, सफेद या नीले रंग के धब्बे हो सकते हैं, डायामीटर या व्यास – एक चैथाई इंच से अधिक, इवोल्विंग या विकसित होना- तिल के आकार, बनावट या रंग में बदलाव हो रहा हो।” कुछ अन्य आम लक्षण इस प्रकार हैं- त्वचा में परिवर्तन, त्वचा का घाव जो ठीक नहीं होता, त्वचा में दर्द, खुजली या खून आना, किसी थक्के या स्पॉट से का चमकदार, मोम जैसा, चिकना या पीला होना, एक कठोर लाल गांठ जिसमें से खून बहता हो और एक सपाट, लाल धब्बा जो खुरदुरा, सूखा या परतदार होता है।

यूवी विकिरण के हानिकारक प्रभावों से सुरक्षित नहीं

डॉ. अग्रवाल ने कहा, “त्वचा में कम वर्णक (मेलेनिन) होने का मतलब है कि आप यूवी विकिरण के हानिकारक प्रभावों से सुरक्षित नहीं हैं। यदि आपके बाल सुनहरे या लाल है, हल्के रंगी की आंखें हैं और आसानी से सनबर्न हो जाता है, तो आप गहरे रंग वाले व्यक्तियों की तुलना में मेलेनोमा की अधिक संभावना रखते हैं। लेकिन मेलेनोमा गहरे रंग वाले लोगों में विकसित हो सकता है, जिनमें हिस्पेनिक्स और ब्लैक्स शामिल हैं। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में त्वचा कैंसर का खतरा अधिक होता है। इसमें ऐसे लोग शामिल हैं जिन्हें एचआईवी या एड्स हैं और जिन्होंने अंग प्रत्यारोपण करवाया है।

सुझाव

दिन के मध्य के दौरान धूप से बचें। दिन के बाकी समय, यहां तक कि सर्दियों में या आकाश में बादल होने पर बाहरी गतिविधियों में हिस्सा लें। बादल हानिकारक किरणों से थोड़ी सी सुरक्षा प्रदान करते हैं। तेज सूरज से बच कर आप सनबर्न और सनटैन्स से सुरक्षित रहते हैं और इससे त्वचा में क्षति होती है और त्वचा कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है।

साल भर सनस्क्रीन लगाएं। सनस्क्रीन सभी हानिकारक यूवी विकिरणों को फिल्टर नहीं करती है, विशेष रूप से ऐसे विकिरण जो मेलेनोमा का कारण बन सकते हैं। लेकिन वे धूप से बचाती हैं। कम से कम 15 एसपीएफ वाली सनस्क्रीन का उपयोग करें।

सुरक्षात्मक कपड़े पहनें। अपनी त्वचा को गहरे रंग के, ठोस बुनावट वाले कपड़ों से ढंकें जो आपकी बाहों और पैरों को कवर कर सकें और एक चैड़े किनारे वाला टोप लगाएं, जो बेसबॉल कैप या विजर की तुलना में अधिक सुरक्षा प्रदान करता है। धूप का चश्मा ऐसा लें जो दोनों प्रकार के यूवी विकिरण – यूवीए और यूवीबी किरणों को रोक सकता हो।

टैनिंग बैड्स से बचें। टैनिंग बैड यूवी किरणों का उत्सर्जन करते हैं और त्वचा के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। अपनी त्वचा की जानकारी रखें, ताकि आप बदलाव को पकड़ सकें। त्वचा में किसी भी तरह के बदलाव पर गौर करें, जैसे कि कोई नया तिल, बर्थमार्क आदि।

हेल्थ

भुने लहसुन की एक कली खाने से होते हैं ये 10 फायदे, आप भी जानें

Published

on

लहसुन गुणों का भंडार है, इसके खाने से कई फायदे होते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक भुना हुआ लहसुन खाने से मोटापा और डायबिटीज़ सहित कई बीमारियों को कंट्रोल में रखता है।

 हम सभी जानते हैं कि लहसुन खाना सेहत और दिल के लिए कितना लाभकारी होता है. अगर रोज सुबह खाली पेट गुनगुने पानी से एक कली लहसुन की खाई जाए तो इससे कई स्वास्थ्य संबंधी फायदे मिलते हैं. सबसे ज्यादा तो इससे पाचन क्रिया बेहतर होती है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं भुने लहसुन के फायदे, जिसे आपको खाना खाने से पहले खाना है. जानिए.

लहसुन अगर रोज सुबह खाली पेट गुनगुने पानी से एक कली लहसुन की खाई जाए तो इससे कई स्वास्थ्य संबंधी फायदे मिलते हैं. सबसे ज्यादा तो इससे पाचन क्रिया बेहतर होती है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं भुने लहसुन के फायदे, जिसे आपको खाना खाने से पहले खाना है. जानिए.

 जिन लोगों को डायबिटीज़ और मोटापे की समस्या है उनके लिए भुना लहसुन काफी अच्छा होता है.

जिन लोगों को डायबिटीज़ और मोटापे की समस्या है उनके लिए भुना लहसुन काफी अच्छा होता है.

 भुना लहसुन की एक कली अगर आप खाना खाने से 20 मिनट पहले खा लें तो इससे दिल फिट रहता है. लहसुन में ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ावा देते हैं.

भुना लहसुन की एक कली अगर आप खाना खाने से 20 मिनट पहले खा लें तो इससे दिल फिट रहता है. लहसुन में ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ावा देते हैं.

 लहसुन खाने से बुरा कोलेस्ट्रॉल शरीर से खत्म होता है और आप फिट रह पाते हैं.

लहसुन खाने से बुरा कोलेस्ट्रॉल शरीर से खत्म होता है और आप फिट रह पाते हैं.

 लहसुन शरीर में प्रतिरोधी श्रमता को बढ़ावा देता है. ये कैंसर जैसी गंभीर समस्या से लड़ने में कारगर है.

लहसुन शरीर में प्रतिरोधी श्रमता को बढ़ावा देता है. ये कैंसर जैसी गंभीर समस्या से लड़ने में कारगर है.

 भुना लहसुन खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं.

भुना लहसुन खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं.

 लहसुन एंटी-एजिंग का काम करता है. यानी एजिंग प्रोसेस को स्लो करने में मदद करता है.

लहसुन एंटी-एजिंग का काम करता है. यानी एजिंग प्रोसेस को स्लो करने में मदद करता है.

 रात में सोने से पहले अगर आप एक कली भुना लहसुन अपनी डाइट में शामिल करते हैं तो इससे यूरीन के माध्यम से शरीर में मौजूद जहरीले पदार्थ निकलते हैं.

रात में सोने से पहले अगर आप एक कली भुना लहसुन अपनी डाइट में शामिल करते हैं तो इससे यूरीन के माध्यम से शरीर में मौजूद जहरीले पदार्थ निकलते हैं.

 जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है उन्हें अपनी डाइट में लहसुन की दो कली शामिल करनी चाहिए.

जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है उन्हें अपनी डाइट में लहसुन की दो कली शामिल करनी चाहिए.

 जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए भुना लहसुन रामबाण की तरह है. ये मेटाबॉलिज्म तेज करने में कारगर है.

जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए भुना लहसुन रामबाण की तरह है. ये मेटाबॉलिज्म तेज करने में कारगर है.

सेक्‍स हार्मोन बनाता है 

लहसुन में ऐलीसिन नाम का पदार्थ होता है जो पुरुषों के मेल हार्मोन यानी सेक्‍स हार्मोन के स्‍तर को ठीक रखता है। इससे पुरुषों में इरेक्‍टाइल डिस्‍फंक्‍शन दूर होता है। वहीं लहसुन में सेलेनियम और भारी मात्रा में विटामिन पाए जाते हैं जिससे स्‍पर्म क्‍वालिटी बढ़ती है।

दांत दर्द में कारगर 

भुने लहसुन के सेवन से दांतों के दर्द में आराम मिलता है। दांतों में दर्द होने पर लहसुन को पीसकर दांतों पर रख लें, इससे तुंरत आराम मिलेगा। लहसुन के एंटी – बैक्‍टीरियल तत्‍व दांतों के दर्द को दूर करते हैं। दांत में दर्द के लिए लहसुन को कच्‍चा भी पीसा जा सकता है। https://www.kanvkanv.com

Continue Reading

हेल्थ

अब कैंसर से बचाएंगी ये सब्जियां, चूहों पर किया गया अध्ययन

Published

on

नयी दिल्ली।  गोभी या ब्रोकली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से आंत स्वस्थ रहते हैं और आंतों के कैंसर से बचाव होता है। एक नए अध्ययन में यह जानकारी दी गई है। चूहों पर किए गए अध्ययन से पता चला कि जिन्हें इन्डोल 3 कार्बिनोल (आई3सी) युक्त आहार दिया गया, उनमें आंत में सूजन या आंतों के कैंसर से बचाव हुआ। गोभी और ब्रोकली में भी आई3सी पाया जाता है, जो एक एक्रियल हाइडोकार्बन रिसेप्टर (एएचआर) नाम के प्रोटीन को सक्रिय करता है, जिससे आंतों के कैंसर से बचाव होता है।

एएचआर एक पर्यावरणीय सेंसर के रूप में काम करता है तथा प्रतिरक्षा थंत्र और आंतों की एपिथिलिएल कोशिकाओं को संकेत देता है कि सूजन से बचाव करने की कोशिश करें और आंत में पाए जाने वाले खरबों बैक्टीरिया से प्रतिरक्षा प्रदान करता है। शोध प्रमुख ब्रिटेन के फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट की अमीना मेतीजी का कहना है, जब कैंसर ग्रस्त चूहों को आई3सी से भरपूर डायट खिलाया गया, तो उनमें ट्यूमर की संख्या में कमी देखी गई। यह शोध इम्युनिटी नाम के जर्नल में प्रकाशित किया गया है। https://www.kanvkanv.com

Continue Reading

हेल्थ

देश की 75 फीसदी आबादी इस बीमारी की चपेट में, जानें कैसे आते हैं लोग चपेट में

Published

on

नई दिल्ली । देश में बहुत बड़ी आबादी न्यू वल्र्ड सिंड्रोम से प्रभावित है। न्यू वर्ल्ड सिंड्रोम कीटाणु या संक्रमण द्वारा होने वाली बीमारी नहीं बल्कि जीवनशैली व आहार संबंधी आदतों के कारण होने वाली बीमारियों का एक संयोजन है। न्यू वल्र्ड सिंड्रोम से प्रभावित लोग मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, दिल संबंधी रोग आदि गैर-संक्रमणीय बीमारियों से पीड़ित होते हैं। हैदराबाद के सनशाइन अस्पताल के बरिएट्रिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. वेणुगोपाल पारीक ने कहा कि न्यू वल्र्ड सिंड्रोम पारंपरिक आहार और जीवनशैली में आए बदलाव के कारण होने वाली बीमारी है। न्यू वल्र्ड सिंड्रोम के लिए पश्चिमी भोजन खासतौर पर जिम्मेदार है। ये सभी खाद्य पदार्थ वसा, नमक, चीनी, कार्बोहाइड्रेट और परिष्कृत स्टार्च मानव शरीर में जमा हो जाते हैं और मोटापे का कारण बनते हैं।

20 फीसदी स्कूल जाने वाले बच्चे मोटापे से ग्रस्त

मोटापे के कारण ही मधुमेह मेलिटस, उच्च रक्तचाप, कार्डियोवैस्कुलर रोग, स्तन कैंसर और डिस्प्लिडेमिया आदि बीमारियां होती हैं। भारत में करीब 70 फीसदी शहरी आबादी मोटापे या अधिक वजन की श्रेणी में आती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 20 फीसदी स्कूल जाने वाले बच्चे मोटापे से ग्रस्त हैं।

प्रतिस्पर्धा व काम का दबाव वाली नौकरियों और आराम ने परंपरागत व्यवसायों व चलने (शारीरिक गतिविधि) की आदत को बदल दिया है। इसकी वजह से शारीरिक गतिविधि कम और मस्तिष्क संबंधी परिश्रम अधिक होता है, यह भी न्यू वल्र्ड सिंड्रोम का एक प्रमुख कारण बन गया है। नई दिल्ली स्थित प्राइमस अस्पताल के मिनीमल एक्सेस लैप्रोस्कोपिक एवं बरिएट्रिक सर्जन डॉ. रजत गोयल बताते हैं कि मोटापा ऐसी स्थिति है जहां पेट में अधिक वसा जमा हो जाती है। शरीर के बॉडी मास इंडेक्स के अनुसार, पुरुषों में 25 फीसदी वसा और महिलाओं में 30 फीसदी वसा का होना मोटापे की श्रेणी में आता है।

मधुमेह का खतरा

शरीर का वजन सामान्य से अधिक होने पर मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। अनियंत्रित मधुमेह के कारण हाई ब्लड प्रेशर, दिल का दौरा, मस्तिष्क स्ट्रोक, अंधापन, किडनी फेल्योर व नर्वस सिस्टम को क्षति पहुंचने आदि जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। अधिक वजन वाले लोगों में स्लीप एपनिया की गंभीर बीमारी हो सकती है, यह एक सांस संबंधी बीमारी है जिसमें नींद के दौरान सांस लेने की प्रक्रिया रुक जाती है। नींद की समस्या के अलावा उच्च रक्त चाप व हार्ट फेल्योर की समस्या हो सकती है। मोटापाग्रस्त व्यक्ति मंे गठिया की शिकायत भी हो सकती है।

गठिया जोड़ों को प्रभावित करता है। इसकी वजह से मरीज में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है जिसके कारण जोड़ों में दर्द व सूजन की शिकायत रहती है। बढ़े हुए बॉडी मास इंडेक्स के कारण शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स और खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) का स्तर बढ़ जाता है। एलडीएल का उच्च स्तर और एचडीएल का निम्न स्तर एथेरोस्क्लेरोसिस नामक बीमारी का प्रमुख कारण होता हैं इसकी वजह से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती और दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। मोटापाग्रस्त व्यक्ति में जीवन भर कैंसर होने का खतरा बना रहता है। इनमें आंत, स्तन व ओसोफेंजियल कैंसर होने की संभावना ज्यादा रहती है। https://www.kanvkanv.com

Continue Reading
राज्य30 mins ago

सीवान : आराध्या चित्रकला में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को दी गई श्रद्धांजलि

टेक्नोलॉजी32 mins ago

फेक न्यूज और अश्लील मैसेज रोकने के तकनीकी उपाय तलाशें, नहीं तो लगेगा जुर्माना

राज्य44 mins ago

सीवान : शराब पीकर बाजार में हंगामा कर रहे युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार

राज्य51 mins ago

मोतिहारी : छह साल की मासूम के साथ पड़ोसी युवक ने रेप कर सड़क के किनारे फेंका, गिरफ्तार

राज्य1 hour ago

फैजाबाद : गलत रिपोर्ट सौंपना अवर अभियंता को पड़ा महंगा, डीएम ने किया सस्पेंड

राज्य1 hour ago

फैजाबाद : शिकायतों की सत्यता परखने पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौरा डिहवा पहुंचे जिलाधिकारी

राज्य1 hour ago

मोतिहारी : कस्टम विभाग ने की बड़ी कार्रवाई, 40 लाख की काली मिर्च के साथ पांच गिरफ्तार

राज्य2 hours ago

महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्व विद्यालय बना राजनीतिक अखाड़ा

बिज़नेस2 hours ago

रिलायंस के साथ गठजोड़ करने की तैयारी कर रही दिग्गज ऑनलाइन रिटेल कंपनी अलीबाबा

दुनिया3 hours ago

पाकिस्तान में इमरान सरकार का फैसला, नवाज शरीफ और बेटी मरियम नहीं जा सकते विदेश

देश3 hours ago

अनिल अंबानी का राहुल गाँधी को पत्र, कहा- राफेल डील पर कांग्रेस की जानकारी गलत और भ्रामक

राज्य4 hours ago

चार मंजिला इमारत का कुछ हिस्सा गिरा, मलबे में दबी गाडिय़ा, मौके पर पहुंचे अधिकारी

देश4 hours ago

महिला को रेड लाइट एरिया में निर्वस्त्र कर घुमाया, RJD नेता समेत 15 गिरफ्तार

खेल4 hours ago

16 साल के युवा निशानेबाज सौरभ एशियन गेम्‍स में 10 मीटर एयर पिस्‍टल में गोल्‍ड जीतने वाले भारत के पहले शूटर

राज्य5 hours ago

बरेली : विशाल भंडारे में मेयर उमेश गौतम और शहर MLA अरुण सक्सेना ने ग्रहण किया प्रसाद

राज्य5 hours ago

फैजाबाद : बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए डीएम ने टीम भेजकर कराई जांच

राज्य5 hours ago

अयोध्या में रामलला के दर्शन की बढ़ाई गई अवधि

राज्य5 hours ago

फैजाबाद : गैर मान्यता प्राप्त व अमान्य विद्यालयों पर प्रशासन व बेसिक शिक्षा विभाग कसेगा शिकंजा

राज्य4 days ago

सीवान : इलाज कराने गई युवती से डॉक्टर ने की अभद्रता, पुलिस कर रही मामले की जांच

राज्य2 weeks ago

पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के शिक्षण संस्थान के गर्ल्स हॉस्टल पर छापा, चप्पे-चप्पे को खंगाला

राज्य2 weeks ago

देवरिया कांड पर सख्त हुए योगी, हटाए गए डीएम, जांच के लिए विशेष विमान से भेजे गए अधिकारी

राज्य1 week ago

यूपी : हनी ट्रैप से अमीरों को फंसाती थीं खूबसूरत युवतियां, फिर वसूलती थी मोटी रकम, गिरफ्तार

देश1 week ago

हो चुका है कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का विवाह, खुद किया खुलासा, जानें कौन है वो

दुनिया1 week ago

न सोने दिया जाता और ना खाना, एक हजार लोगों ने बनाया शिकार

देश2 weeks ago

मछली ने बदल दी दो भाइयों की किस्मत, 20 मिनट में बना दिया लखपति

राज्य1 week ago

यूपी : दाऊद ने बसपा विधायक को दी धमकी, कहा-एक गोली काफी है…..मांगा 1 करोड़, पढ़ें बातचीत

राज्य1 day ago

योगी आदित्यनाथ की बढ़ीं मुश्किलें, भड़काऊ भाषण मामले में सुप्रीम कोर्ट हुआ सख्त, दिया ये बड़ा आदेश

राज्य20 hours ago

नहीं गाने दिया था बच्चों को राष्ट्रगान, योगी सरकार ने रद्द की मदरसे की मान्यता

देश5 days ago

नहीं रहेे भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, 93 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

मनोरंजन2 weeks ago

फोटोज : करिश्मा ने फोटोशूट में ढाया कहर, बोल्डनेस की सारी हदें की पार, फैन बोले, आग लगा दी

देश1 week ago

अब पटना में भी ‘मुजफ्फरपुर कांड’, 2 लड़कियों की मौत, JDU नेता के साथ दिखी आरोपी मनीषा दयाल

राज्य2 weeks ago

लखीमपुर-खीरी : हर अभिभावक अपने बच्चों को खिलाएं एल्बेंडाजॉल : सीएमओ

राज्य2 weeks ago

अंबेडकरनगर : दुकान में सो रहे किराना व्यवसाई की हत्या, नकब लगाकर दिया घटना को अंजाम

राज्य6 days ago

मुज़फ्फरपुर : जिला पार्षद सुजाता किंकर ने किया ध्वजारोहण, तीन सडकों का हुआ उद्घाटन

देश2 weeks ago

नहीं रहें दक्षिण की राजनीति के पितामह एम करुणानिधि, 94 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

राज्य4 days ago

अनंत में विलीन हुए ‘अटल’, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम सस्कार, बेटी ने दी मुखाग्नि

Trending