लखनऊ कैंसर संस्थान में दूसरी सिंकाई की मशीन शुरू, मरीजों को अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार

सुल्तानपुर रोड चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में सिंकाई वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत वाली खबर है।
 
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कैंसर संस्थान ,लखनऊ

लखनऊ। सुल्तानपुर रोड चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में सिंकाई वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत वाली खबर है। अब मरीजों को सिंकाई के लिए इंतजार नही करना होगा। संस्थान के रेडियोथेरेपी विभाग में हाल में लगाई गई दूसरी ली-नैक मशीन शुक्रवार को शुरू हो गई। संस्थान के निदेशक डॉ. शालीन कुमार ने बटन दबाकर इसका शुभारंभ किया। इस नई मशीन में सबसे पहले एक महिला की सिंकाई की गई। इससे कैंसर मरीज की सिकाई आसान होगी।

अभी कैंसर संस्थान में एक ली-नैक मशीन थी। रोजाना 60 कैंसर मरीजों की सिकाई हो पा रही थी। कैंसर मरीजों को 10 से 15 दिन बाद की तारीख दी जा रही थी। मरीजों की सहूलियत को लेकर संस्थान प्रशासन ने दूसरी ली-नैक लगाने की दिशा में काम किया। निदेशक डॉ. शालीन कुमार के बताते हैं कि दूसरी ली-नैक मशीन शुरू होने से 60 और मरीजों की सिकाई हो सकेगी। 
टेक्नीशियन व दूसरे पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम चल रहा है। इसके बाद दो शिफ्टों में मशीनों का संचालन होगा। प्रत्येक शिफ्ट में 100 मरीजों की सिकाई हो सकेगी। दोनों मशीनों पर 200 मरीजों की सिकाई होगी।
डॉ. शालीन ने बताया कि संस्थान में आठ ली-नैक मशीन लगनी हैं। जिसमें से दो मशीनें लगाई जा चुकी हैं। अन्य और मशीन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कैंसर मरीजों के इलाज की तीन विधियां हैं। इसमें ऑपरेशन, दवा और सिकाई शामिल है। 80 से 90 प्रतिशत मरीजों के इलाज में तीनों विधियों की जरूरत पड़ती है।
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता बताते हैं कि
संस्थान में लगी ली नैक मशीन सबसे आधुनिक है। इसमें सीधे ट्यूमर वाले हिस्से पर रेडिएशन डाला जाता है। यह सीधे कैंसर वाली कोशिकाओं पर हमला करती है। इसमें रेडिएशन से दूसरी कोशिकाएं को कोई क्षति नही पहुंचती है। इसमें मरीजों में दुष्प्रभाव की संभावना न के बराबर रहती है।