वैज्ञानिकों का दावा: अब गंभीर कोरोना संक्रमितों की भी बचाई जा सकेगी जान

कोरोना का डर अभी लोगों के अंदर से पूरी तरह नही निकला है वही कई देशो में कोरोना एक बार फिर से लौट रहा है। इसमें संक्रमितों की बढ़ती मृत्यु की संख्या डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कोरोना वैक्सीन लेने वाले लोगों को कोविड के गंभीर संक्रमण और इससे होने वाली मौत का खतरा कम हो सकता है। 

 
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वैज्ञानिकों का दावा: अब गंभीर कोरोना संक्रमितों की भी बचाई जा सकेगी जान

कोरोना का डर अभी लोगों के अंदर से पूरी तरह नही निकला है वही कई देशो में कोरोना एक बार फिर से लौट रहा है। इसमें संक्रमितों की बढ़ती मृत्यु की संख्या डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कोरोना वैक्सीन लेने वाले लोगों को कोविड के गंभीर संक्रमण और इससे होने वाली मौत का खतरा कम हो सकता है। 

वैज्ञानिकों ने इस बात का खुलासा किया है कि जिन मरीजों को इलाज के दौरान सेलेक्टिव सेरोटोनिन रूप्टेक इनहिबिटर (एसएसआरआई) एंटीडिप्रेसेंट दवाएं दी गईं, उनमें अन्य लोगों की तुलना मे मौत का खतरा काफी कम पाया गया। स्टडी के अनुसार शोधकर्ताओं का कहना है कि कुछ खास एंटीडिप्रेसेंट दवाएं कोविड रोगियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि एसएसआरआई दवाएं कोविड के गंभीर मामलों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि इसे विस्तृत स्तर पर साबित करने के लिए नैदानिक परीक्षणों की आवश्यकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (यूसी) में एसोसिएट प्रोफेसर मरीना सिरोटा कहते हैं, कोरोना संक्रमितो में कुछ एंटीडिप्रेसेंट दवाओं के असर देखने को मिले हैं,