अगर आपका बच्चा भी यूज़ करता है हैंड सैनिटाइज़र तो हो जाए सावधान, हो सकती हैं ये दिक्कतें

हेल्थ। देश भर में बढ़ रहे कोरोना के लक्षण को कम करने के लिए हैंड सैनिटिज़ेर का उपयोग अत्यधिक मात्रा में किया जा रहा है। अल्कोहल से बने सैनिटाइर से आप भले ही कोरोना को थोड़ी देर के लिए टाल दें लेकिन ये आपके मासूम बच्चों के काफी खतरनाक साबित हो सकता है। सैनिटाइज़र आपके बच्चों की आँखों की रौशनी को प्रभावित कर सकता है। इस बात का खुलासा फ्रांस में हुए ताजा शोध में किया गया है।

जानिए हैंड सैनिटाइजर में मेथनॉल का होना कितना खतरनाक साबित हो सकता है

2020 हुईं अधिक परेशानियां और हेल्थ प्रॉब्लम्स
फ्रांस के वैज्ञानिकों द्वारा की गई एक स्टडी में ये पता चला है की हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने वाले बच्चों में साल 2020 में वर्ष 2019 के मुकाबले अधिक परेशानियां और हेल्थ प्रॉब्लम्स हुई हैं। इन वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तरह की घटनाओं में 7 गुना बढ़ोतरी हुई है। वहीं, सबसे अधिक समस्याएं आंखों से जुड़ी हुई बतायी जा रही हैं। इस स्टडी के अनुसार, हैंड सैनिटाइजर अगर ग़लती से भी बच्चे की आंख में गिर जाए तो आंखों की रोशनी खत्म हो सकती है।

ऐसे रख सकते हैं बच्चों को सुरक्षित
-बच्चों की आंखों में सैनिटाइजर जाने की संभावना ज्यादा होती है क्योंकि, कई बच्चे इसे खिलौने की तरह इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में वे कई बार सैनिटाइजर बच्चे के मुंह, आंख, नाक और कान में चला जाता है।
-छोटे बच्‍चों को सैनिटाइजर खुद ना लेने दें। किसी बड़े व्यक्ति की देखरेख में ही उन्हें सैनिटाइजर का प्रयोग करने दें।
-आमतौर पर मॉल्स, दुकानों और अन्य सार्वजनिक जगहों पर सैनिटाइजर की बोतल ऊंचाई पर रखी होती है। ऐसे में बच्चों की आंख में सैनिटाइजर गिरने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे स्थानों पर बच्चों को अकेला ना छोड़ें। उन्हें किसी बड़े की निगरानी में ही सैनिटाइजर का प्रयोग करने दें।
-जितना हो सके बच्चों को साबुन से हाँथ धुलाएं और उन्हें हैंड सैनिटाइज़र से दूर रखें।
-अगर साबुन-पानी पास ना हो तो मेडिकेटेड वेट वाइप्स का भी प्रयोग कर सकते हैं।