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हेल्थ

अगर आप में हैं यह लक्षण तो आपको हो चुका है ब्रेन ट्यूमर, जानिए इसका क्या है इलाज

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एक सर्जरी में आता है छह से सात लाख रुपये खर्चा 

अधिक शराब के सेवन से ब्रेन ट्यूमर बढ़ने की संभावना ज्यादा 

लखनऊ। ब्रेन ट्यूमर एक खतरनाक बीमारी है। यह सिर्फ मस्तिष्क को नहीं बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित करता है। भारत में हर वर्ष तकरीबन एक लाख से अधिक मामले ब्रेन ट्यूमर के आते हैं और 24 हजार मौतें होती हैं। इस बीमारी के इलाज में छह से सात लाख रुपये खर्च आता है। मध्यम वर्ग का व्यक्ति पैसे के अभाव में इलाज नहीं करा पाता है, जिससे लोग काल के गाल में समा जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए लोगों इस बीमारी के प्रति जागरुक करने के लिए हर साल आठ जून को ब्रेन ट्यूमर दिवस मनाया जाता हैं।
बता दें कि जर्मन में ब्रेन ट्यूमर एसोसिएशन की स्थापना 1998 में हुई थी। उस वक्त 14 देशों के 500 सदस्यों ने एसोसिएशन में अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। एसोसिएशन विश्वभर में ब्रेन ट्यूमर के पेशेंट्स और उनके परिवार की हौसला अफजाई के साथ ही उनका सहयोग भी करती है। विश्व ब्रेन ट्यूमर डे साल 2000 से हर साल आठ जून को मनाया जाता है। सबसे पहले इसे जर्मन ब्रेन ट्यूमर एसोसिएशन द्वारा मनाया गया था। जर्मनी में ब्रेन ट्यूमर के बड़ी संख्या में मरीज हैं।

अधिक शराब के सेवन से ब्रेन ट्यूमर बढ़ सकता है

लगातार सिर में दर्द हो या फिर आंखों से कम दिखे, उल्टी आना, कान से कम सुनाई दे या लगातार सीटी की आवाज आये। शरीर के एक तरफ कमजोरी, चलने में कठिनाई अस्थिरता, मांसपेशियों में कमजोरी,भाषा या मानसिक भ्रम को बोलने या समझने में असमर्थता इसके अलावा  धुंधला दृष्टि, बोलने में कठिनाई, व्यक्तित्व परिवर्तन, दौरे या नींद न आना तो इन सभी लक्षणों को हल्के में न लें। ये सभी लक्षण ब्रेन ट्यूमर की ओर इशारा करते हैं और ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है। शुरुआती दौर में इन लक्षणों वाले मरीजों को एमआरआई या सिटी स्कैन करवाना चाहिये जिससे ट्यूमर को कैंसर बनने से पहले रोका जा सके। अधिक शराब के सेवन से ब्रेन ट्यूमर बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है।

मोबाइल के कारण से भी हो सकता है ब्रेन ट्यूमर

आज के लोगों की जरुरत में शुमार मोबाइल फोन से भी ब्रेन ट्यूमर का खतरा हो सकता है। इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सहित कई अन्य संस्थाएं वर्षों से शोध कर रही है लेकिन अभी तक इसकी रिपोर्ट तैयार नहीं हो पायी है। शोध कर रहे चिकित्सकों का ऐसा मनाना है कि मोबाइल से बात करने के दौरान जो रेडिएशन निकलती है वह हमारे मस्तिष्क से सीधे टकराती है जिससे ब्रेन ट्यूमर का खतरा रहता है। हालांकि अभी तक इसकी कोई पुष्टिता नहीं हो सकी है।

ब्रेन ट्यूमर के प्रकार

चिकित्सकों के मुताबिक, ब्रेन ट्यूमर दो प्रकार के होते हैं। बिनाइन (बिना कैंसर वाले) व मैलिग्नेंट (कैंसर वाले)। बिनाइन ट्यूमर धीरे-धीरे बढ़ता है और शरीर के दूसरे भाग में नहीं फैलता है, जबकि मैलिग्नेंट ट्यूमर कैंसर वाला ट्यूमर होता हैं जो बहुत तेजी से बढ़ता हैं। ब्रेन ट्यूमर का उपचार ट्यूमर के आकार-प्रकार, मरीज की उम्र और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। उपचार के लिए सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी एवं कीमोथेरेपी का सहारा लिया जाता है।

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण

सुबह उठने पर सिरदर्द होना।
अचानक उल्टी आना।
व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन आना।
आंखों में रोशनी कम होना।
अधरंग हो जाना।
ट्यूमर होने पर जुबान लड़खड़ाना।

इसका उपचार संभव 

बिनाइन ट्यूमर कैंसर रहित होता है। ट्यूमर को ऑपरेशन करके निकाला जा सकता है। जबकि मेलगनेंट ट्यूमर को थोड़ा-थोड़ा करके निकाला जाता है। चिकित्सक के अनुसार बच्चों में इसका उपचार संभव है। जबकि बड़ों में कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी देकर इसे खत्म किया जा सकता।

योग से है इसका सफल इलाज 

योग गुरुबताते है कि योग से इर मर्ज का इलाज संभव है। योग तन और मन के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। जिस तरह शरीर के स्वास्थ्य के लिए खाना बेहद जरूरी है। उसी तरह से दिमाग के स्वास्थ्य के लिए योग जरूरी है। उनका दावा है कि अगर आप रोज सुबह-शाम एक घंटे योगासन और प्राणायाम करते हैं तो अपने दिमाग की क्षमता और एकाग्रता को बढ़ा सकते हैं और योग के जरिए ब्रेन ट्यूमर के मर्ज को जड़ से खत्म कर सकते हैं। अनुलोम विलोम और कपालभा​ती करें तो निश्चित तौर पर छह माह तक बीमारी ठीक हो सकती है। लेकिन यह योग लगातार करना होगा एक दिन भी छोड़ना नहीं हैं। ऐसा माना जाता है कि अनुलोम, विलोम से मस्तिष्क को फ्रेश ऑक्सीजन मिलती है।

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