फ़ाइलेरिया का होगा शीघ्र उन्मूलनः स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह

•    लिम्फेटिक फ़ाइलेरिया के लिए संचरण मूल्यांकन सर्वेक्षण (टास) पर प्रशिक्षकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का स्वास्थ्य मंत्री ने किया शुभारम्भ 
 
Health Minister Jai Pratap Singh
फ़ाइलेरिया

लखनऊ। स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में चलाये जा रहे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियानों के लिए प्रदेश सरकार अत्यंत संवेदनशील है और कोविड-19 की चुनौतियों के बीच भी इन कार्यक्रमों को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए एवं सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से सफलता से संचालित किया जा रहा है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने ये बातें बुधवार को लिम्फेटिक फ़ाइलेरिया हेतु संचरण मूल्यांकन सर्वेक्षण (टास) पर प्रशिक्षकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए कहीं। ये प्रशिक्षण विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पाथ, प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल, ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज एवं सीफार से समन्वय स्थापित करते हुए कराया जा रहा है।  

स्वास्थ्य मंत्री ने आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओड़िसा और पश्चिम बंगाल से आये हुए अधिकारियों और विशेषज्ञों का स्वागत किया और कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पिछले कई वर्षों के मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) की तुलना में इस पिछले एमडीए कार्यक्रमों की कवरेज 33 % से 78 % हो गयी है जो उत्साहवर्धक है। ये आंकड़े चिकित्सा एवं  स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और सहयोगी संस्थाओं एवं अन्तर्विभागीय समन्वय द्वारा किये गए अथक प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि संचरण मूल्यांकन सर्वेक्षण (टास) के दूसरे चरण के आंकड़े देखने के बाद प्रदेश के रामपुर जनपद में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम रोक दिया गया है और पूरा विश्वास है कि जनपद रामपुर की तरह ही प्रदेश के फ़ाइलेरिया से प्रभावित सारे जनपद भी फ़ाइलेरिया रोग से जल्द ही मुक्त होंगे।  
  
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. कमलाकर और विषय विशेषज्ञ डॉ. कृष्णामूर्ति  ने लिम्फेटिक फ़ाइलेरिया के विभिन्न पहलुओं एवं मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम के सफल किर्यन्वयन हेतु संचरण मूल्यांकन सर्वेक्षण (टास) के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। विषय विशेषज्ञ डॉ. एस. सुब्रमण्यम ने किसी सर्वेक्षण को डिजाईन करने की प्लानिंग के बारे में  प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण बिंदु बताये और इसके सम्बन्ध में प्रतिभागियों से अभ्यास भी करवाया। 

कार्यक्रम में उपस्थित बिल एंड मिलिंडा गेट्स के प्रतिनिधि डॉ. भूपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि इस बार पहली बार संचरण मूल्यांकन सर्वेक्षण (टास), समुदाय के साथ आयोजित किया जा रहा है | उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया कि प्रदेश में लिम्फेडेमा और हाइड्रोसील के मरीजों के रोग प्रबंधन के लिए जनपद स्तर पर विशेष प्रबंध किये जानेकार्यक्रम में  की अत्यंत आवश्यकता है | 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. रीडरिको ओफ्फ्रिन ने वर्चुअल माध्यम से लोगों को मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सन्देश दिया।  
इस अवसर पर राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन, पाथ, प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल, ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज एवं सीफार के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।