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हेल्थ

भुना चना खाने से दूर होती है नपुंसकता, वीर्य होता है गाढ़ा, पढ़ें हैरान कर देने वाले ये 6 फायदे

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हेल्थ डेस्क। वैसे तो बाजार में दो तरह के भुने चने मिलते हैं, एक छिलके वाले और बिना छिलके वाले। लेकिन आप कोशिश करें कि बिना छिलके वाले ही चने ही खाएं। दरअसल चने के छिलके भी सेहत के लिए अच्छे होते हैं। भुना चना खाने से पेट की कब्ज दूर होती है। साथ ही भुना चना नपुंसकता दूर करता है और वीर्य को गाढ़ा करने के साथ ही यह बढ़ाता भी है। इसके अलावा भूने चने में कैल्शियम होता है जिससे हमारी हड्डियां मजबूत होती हैं। हर आयु वर्ग के लोगों को रोज भुने हुए चने खाने की आदत डालनी चाहिए।

 

भुने हुए चनों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, कैल्शियम, आयरन और विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। डाक्टरों की मानें तो एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 50 से 60 ग्राम चनों का सेवन करना चाहिए।  यह उसकी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद रहता है।

बढ़ती है प्रतिरोधक क्षमता

रोजाना नाश्ते में या दोपहर के खाने से पहले 50 ग्राम भुने हुए चने यदि आप खाते हैं तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से आप बहुत से बीमारियों से तो बचते ही हैं, साथ ही इससे आपको मौसम बदलने पर अक्सर होने वाली शारीरिक परेशानियां भी नहीं होती.

मोटापा घटाए

अगर आप या आपके परिवार में कोई मोटापे से ग्रस्त हैं तो भुने हुए चने खाना उनके लिए बहुत ही फायदेमंद रहेगा. रोजाना भुने हुए चने खाने से मोटापे की समस्या में राहत मिलती है. इसका सेवन शरीर से अतिरिक्त चर्बी को पिघलाने में मदद करता है.

पेशाब संबंधी रोग से छुटकारा

भुने हुए चनों के सेवन से पेशाब से जुड़ी बीमारियों से छुटकारा मिलता है. जिनको भी बार-बार पेशाब आने की समस्या हो उन्हें रोजाना गुड़ के साथ चने का सेवन करना चाहिए. आप देखेंगे कि इससे कुछ ही दिन में आराम मिलने लगेगा.

नंपुसकता दूर करें

भुने हुए चने दूध के साथ खाने से स्पर्म का पतलापन दूर हो जाता है और वीर्य गाढ़ा होता है. यदि किसी पुरुष का वीर्य पतला है तो चना खाने से आराम मिलेगा. भुने चने को शहद के साथ खाने से नंपुसकता दूर हो जाती है और पुरुषत्व में वृद्धि होती है. भुने चने खाने से कुष्ठ रोग भी समाप्त हो जाता है.

कब्ज में राहत

जिन लोगों को कब्ज की समस्या होती है, उन्हें रोजाना चने खाने से बहुत आराम मिलता है. कब्ज शरीर में कई बीमारियों का कारण होती है. कब्ज होने पर आप दिनभर आलस महसूस करते हैं और परेशान रहते हैं.

पाचन शक्ति बढ़े

चना पाचन शक्ति को संतुलित और दिमागी शक्ति को भी बढ़ाता है. चने से खून साफ होता है जिससे त्वचा में निखार आता है. चने में फॉस्फोरस होता है जो हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाता है और किडनी से एक्स्ट्रा साल्ट निकालता हैं.

मधुमेह में लाभकारी

भुने हुए चने खाने से मधुमेह रोग में भी लाभ मिलता है. भुने हुए चना ग्लूकोज की मात्रा को सोख लेते है जिससे डायबिटीज रोग नियंत्रित हो जाता है. डायबिटीज रोगियों के प्रतिदिन भुना हुआ चना खाने से ब्लड शुगर का लेवल कम होता है. इसके अलावा भुने हुए चने को रात में सोते समय चबाकर गर्म दूध पीने से सांस नली के अनेक रोग दूर हो जाते हैं

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सेहत के लिए लाभकारी है कच्चा दूध, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

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हेल्थ डेस्क। अगर बात कि जाए दूध की तो गाय और भैंस दोनों का ही दूध शरीर के लिए लाभकारी है। आयुर्वेद के डाक्टरों के मुताबिक, कच्चा दूध गर्म दूध से कई गुना ज्यादा फायदेमंद होता है। हालांकि कुछ मामलों में कच्चा दूध नुकसानदेह भी हो जाता है, इसी को देखते हुए कई लोग उबला हुआ दुध उचित मानते हैं। लेकिन ये भी सच है कि उबाले हुए दूध में कई वो चीजें खत्म हो जाती है, जो हमारे शरीर के निर्माण में सहायक होती हैं।

कच्चा दूध पीने के फायदे

कच्चे दूध में पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। जिसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, पौटेशियम शामिल है। इससे आपको वो तत्व मिल जाते हैं जो कि आपके शरीर के लिए आवश्यक है। बता दें कि इन तत्वों से आपकी हड्डियों, ब्लड सर्कुलेशन, हाइड्रेशन, मसल, मेटाबोलिज्म आदि को फायदा पहुंचता है। कच्चा दूध पीने से एलर्जी संबंधी बीमारियां कम होती है। जो बच्चे कच्चा दूध नहीं पीते उनमें अस्थमा होने की संभावना बढ़ जाती है।

कच्चे दूध का अधिकतर लोग अपनी स्किन की वजह से इसका इस्तेमाल करते हैं। कच्चे दूध के सेवन से चेहरे पर होने वाले रैशे, दाग और दाने से आराम मिलता है और वो धीरे-धीरे खत्म होने लग जाते हैं। साथ ही इसमें कई ओमेगा-3 फैट और सैचुरेटेड फैट होते हैं, जिससे आपकी स्किन जवां रहती है और निखार बना रहता है।

पोषक तत्वों की पूर्ति करता है

कच्चे दूध में कई पोषक तत्व होते हैं, जिसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, पौटेशियम शामिल है। इससे आपको वो तत्व मिल जाते हैं जो कि आपके शरीर के लिए आवश्यक है। बता दें कि इन तत्वों से आपकी हड्डियों, ब्लड सर्कुलेशन, हाइड्रेशन, मसल, मेटाबोलिज्म आदि को फायदा पहुंचता है।

दूध के साथ करें इन चीजों का सेवन

गुड़ के दूध का सेवन – दूध में शक्कर के बजाए गु़ड़ मिलाकर पिएं। इससे स्वाद भी बदलेगा और आपके शरीर में आयरन की आपूर्ति भी दुगुनी होगी। सर्दी के दिनों में यह दूध शरीर में गर्मी पैदा करता है और बीमारियों से बचाता है।

बादाम के साथ दूध – बादाम और दूध मिलकर आपकी सेहत का बेहतरीन पैकेज तैयार करते हैं। भीगे हुए बादाम को दूध के साथ मिक्स कर पीने से इसका स्वाद भी बढ़ेगा और गुण भी। यह आपके दिमाग, दिल, आंखों और त्वचा के लिए फायदेमंद साबित होगा।

इलायची के साथ दूध का सेवन – सादे दूध में इलायची मिलाकर आप इसके स्वाद को बढ़ा सकते हैं। यह आयरन और कैल्शियम के साथ मैंगनीज व अन्य पोषक तत्वों से भरा होगा। यह एनिमिया से आपकी रक्षा करता है। साथ ही त्वचा को भी झुर्रियों से बचाता है।

ऐसे भी है फायदेमंद…

कैंसर से बचाव- कच्चे दूध में एक ऐसा तत्व होता है जिसमें लिनोलेइक एसिड होता है जो कि आपके शरीर के लिए फायदेमंद है। कई रिसर्च में सामने आया है ति इससे ब्रेस्ट, हड्डी कैंसर से लड़ने में मदद मिलती है।

पचाने में आसान- आपको ये जानकर भले ही अजीब लगे, लेकिन कई रिसर्च में सामने आया है कि कच्चा दूध पचाने में आसान होता है और यह शरीर को फायदे करते हुए जल्दी पच जाता है। दूध में मौजूद लिपेस, लेक्टेस और एमीलेस नाम के एंजाइम पाचन क्रिया में मदद करते हैं।

नोट : इसके अलावा इस बात का भी खास ध्यान रखें कि कई रिसर्च में सामने आया है कि कच्चा दूध आपके शरीर के लिए नुकसानदायक होता है, इसलिए अगर आपको कच्चा दूध पीने से कोई दिक्कत हो रही हो तो उसे तुरंत छोड़ दें। साथ ही कच्चा दूध की मात्रा को लेकर एक बार डॉक्टर से सलाह जरुर ले लें।

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हेल्थ

दुनिया भर में कैसे फैला Corona का कहर, पता करने चीन जाएगी WHO की टीम

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस पूरी दुनिया पर कहर बरपा रहा है। आखिल यह वायरस दुनिया भर में फैला कैसे। यह सवाल सबके मन में है। अब इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए डब्ल्यूएचओ (WHO) की टीम अगले हफ्ते चीन जा रही है।

WHO का दावा- चीन ने नहीं  हमने दी पहले जानकारी

WHO  ने यह भी दावा किया है कि इस बीमारी के बारे में पहली जानकारी उसने ही दी थी, न कि चीन ने।

छह महीन चलेगी जांच

चीन में स्थानीय डब्ल्यूएचओ ऑफिस वायरल निमोनिया के मामलों पर वुहान म्युनिसिपल हेल्थ कमीशन का बयान लेगा, इसके बाद यह जांच 6 महीने से अधिक समय तक चलेगी।

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कोरोना से जंग में एम्स ऋषिकेश ने बढ़ाई ताकत, मरीजों के लिए अब 200 बेड

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ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में कोरोना के मरीजों के लिए निर्धारित 100 बेड को बढ़ाकर 200 कर दिया गया है। यह जानकारी डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रो. यूबी मिश्रा ने दी।

प्रो. मिश्रा ने बताया कि साथ ही कोरोना वार्ड में आईसीयू से जुड़ी सुविधाओं में भी इजाफा किया गया है। कोविड वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों के उपचार के लिए अब एक की जगह दो आईसीयू की व्यवस्था की गई है। इनमें 30 वेंटिलेटर हैं। कोरोना वार्ड में फिलहाल 30 पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं।
उन्होंने बताया कि संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर अब एक और गहन चिकित्सा यूनिट स्थापित की गई है। नए आईसीयू में 15 अतिरिक्त वेंटिलेटर्स की व्यवस्था की गई है।

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