नियमित रूप से सर्दियों में योग करने से नही होगी ये परेशानी अभ्यास, फॉलो करें ये योग आसन

हेल्थ डेस्क.  कुछ लोगों को सर्दी, जुकाम, वायरल फीवर जैसी बीमारियां सर्दी के मौसम में होती ही हैं। ऐसे में योग का अभ्यास करने से शरीर गर्म रहता है। नियमित रूप से योग करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे आप सर्दी में होने वाली परेशानी से बच सकते हैं।


 
 
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नियमित रूप से सर्दियों में योग करने से नही होगी ये परेशानी अभ्यास, फॉलो करें ये योग आसन
 

हेल्थ डेस्क.  कुछ लोगों को सर्दी, जुकाम, वायरल फीवर जैसी बीमारियां सर्दी के मौसम में होती ही हैं। ऐसे में योग का अभ्यास करने से शरीर गर्म रहता है। नियमित रूप से योग करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे आप सर्दी में होने वाली परेशानी से बच सकते हैं।

1) पश्चिमोत्तानासन
यह आसन पीठ के निचले हिस्से, हैमस्ट्रिंग और कूल्हों को खींचते हुए पेट के अंगों की मालिश और शरीर को टोन करता है। इसे करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों को बाहर की ओर फैलाते हुए जमीन पर बैठ जाएं। पैर की उंगलियों को एक साथ रहने दें, फिर सांस लें और अपनी बाहों को ऊपर उठाएं और जहां तक हो शरीर को आगे की ओर झुकाएं और शरीर को भी झुकाएं।आगे की ओर झुकते हुए सांस छोड़ें।

2) धनुरासन
यह आसन पैर और बांह की मांसपेशियों को टोन करता है। इतना ही नहीं, यह मासिक धर्म की परेशानी और कब्ज से राहत दिलाने में भी फायदेमंद है, जो सर्दी के मौसम में बढ़ जाती है। इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं। अब सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ते हुए कमर के पास ले आएं और अपने हाथों से फुट को पकड़ें। सांस लेते हुए सिर, छाती और जांघ को ऊपर की ओर उठाएं।

3) त्रिकोणासन
यह आसन पाचन में सुधार और तनाव को कम करने में मदद करता है और चिंता, स्ट्रेस और पीठ दर्द को भी कम करता है। इसे करने के लिए दोनों पैरों के बीच 2 से 3 फुट का फासला छोड़कर सीधे खड़े हो जाएं। राइट पैर को राइट की तरफ मोड़ें और अपने कंधों की उचाई तक दोनों हाथों को बगल में फैलाएं। अब सांस लें और राईट साइड झुकें।

4) भुजंगासन
यह आसन पेट को टोन करता है और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है। यह मिडल और ऊपरी पीठ के लचीलेपन को भी मजबूत और बेहतर बनाता है। इसे करने के लिए नीचे की ओर मुंह करके जमीन पर लेट जाएं, फिर अपने हाथों को कंधों के बगल में जमीन पर फैलाएं। अपने पैरो को पीछे से फैलाएं और धीरे-धीरे सांस लें और अपने ऊपरी शरीर को ऊपर उठाएं।इस पोजीशन में 25 से 30 सेकेंड तक रहें, फिर सांस छोड़ते हुए लेटने की स्थिती में वापस आ जाएं।