Monday, June 27, 2022
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विश्‍व सिकल सेल दिवस पर बोलीं राज्यपाल पटेल, मानवता के लिए कोविड से भी गंभीर चुनौती है सिकल सेल

  • सिकल सेल एनीमिया को लेकर चलायेंगे जनजागरण का अभियान : शिवराज
  • विश्व सिकल सेल दिवस पर आयोजित हुई कार्यशाला

भोपाल/जबलपुर। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि मानवता के लिए कोविड से भी गंभीर चुनौती सिकल सेल है। यह बीमारी न सिर्फ जनजातीय समुदाय बल्कि दूसरे समाज में भी फैली है। सिकलसेल जैसी जन्मजात जानलेवा बीमारी का होना समाज और सरकार दोनों के लिए चिंता और चिंतन का विषय है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल रोक के प्रबंधन और उपचार के लिए केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के 14 जिलों में चलाए जा रहे कार्यक्रम सराहनीय है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में 6 माह के भीतर प्रभावित जिलों में सिकल सेल की स्क्रीनिंग का काम कर लिया जाए। यह बात राज्यपाल पटेल ने रविवार को जबलपुर में विश्व सिकल सेल दिवस पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।

राज्यपाल ने सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम और प्रबंधन के लिए लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग और आईसीएमआर द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस बीमारी के उपचार रोकथाम के लिए आयुष और होम्योपैथी के परीक्षण व प्रमाणीकरण पर भी राज्यपाल ने जोर दिया। राज्यपाल ने सिकल सेल की रोकथाम के लिए चलाई जा रही योजनाओं में जन सहभागिता की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और जबलपुर सांसद राकेश सिंह भी मौजूद रहे। कार्यशाला के दौरान एमडी नेशनल हेल्थ मिशन और आईसीएमआर ने एमओयू साइन किया। वहीं, सिकल सेल एनीमिया पर आधारित गीत, एनिमेटेड वीडियो और पोर्टल का लोकार्पण भी किया गया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरे जिन भाई-बहनों, बेटे-बेटियों को सिकल सेल एनीमिया है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। माननीय अटल जी ने कहा था कि हार नहीं मानूंगा, रार नई ठानूंगा। काल के कपाल पर लिखता हूं, मिटाता हूं, गीत नया गाता हूं। हम मिलकर लड़ेंगे और निश्चित तौर पर जीतेंगे। हम सिकल सेल एनीमिया के विषय में पूरे मध्यप्रदेश में जनजागरण का अभियान चलायेंगे। केवल दो जिलों में नहीं, बल्कि सभी प्रभावित जिलों में स्क्रीनिंग का काम किया जायेगा।

चौहान ने कहा कि हमारी आशा कार्यकर्ता बहनें घर-घर जायेंगी और सिकल सेल एनीमिया के लिए लोगों को जागरुक करेंगी। योग, आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों का भी सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम में उपयोग किया जायेगा। हम टास्क फोर्स बनायेंगे, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ सामाजिक कार्यकर्ता या जिनमें इस बीमारी से लड़ने की प्रबल इच्छा है, को भी इसमें जोड़ेंगे। जो सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित हैं, वे स्वयं को अकेला न समझें। आपके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूरा स्वास्थ्य विभाग और मामा भी आपके साथ है। हम मिलकर इस बीमारी से लड़ेंगे और जीतेंगे भी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार समस्या को दूर करने के लिए लॉन्ग टर्म प्रयास करती है। आजादी के 100 साल बाद हम कहां रहेंगे, इसके लिए 25 साल का लक्ष्य तय किया गया है। उपलक्ष्य में सिकल सेल एनीमिया भी शामिल है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें 56000 से बढ़कर एक लाख से अधिक कर दी गई हैं पीजी की 34000 सीटें बढ़ाकर 64000 से ज्यादा कर दी गई हैं।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने स्वागत भाषण दिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम की डायरेक्टर प्रियंका दास ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सिकल सेल के निवारण और मरीजों के उपचार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। ट्राइबल हेल्थ भारत सरकार के सचिव डॉ. नवलजीत कपूर ने भी केंद्र सरकार द्वारा सिकल सेल बीमारी की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

 

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