एलएसी पर माइनस 30 डिग्री की ठंड में जनरल रावत ने लिया जायजा, अमेरिकी ‘कोल्ड वार किट’ में नजर आये सैनिक

  • दो दिन के दौरे में युद्ध की परिचालन तत्परता और अन्य तैयारियों का लिया जायजा
  • एलएसी पर माइनस 30 डिग्री की ठंड में सीडीएस ने जवानों की थपथपाई पीठ

नई दिल्ली। सैन्य बलों के प्रमुख (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के लद्दाख दौरे पर चीन की सीमा की अग्रिम चौकियों पर तैनात सैनिक अमेरिकी ‘कोल्ड वार किट’ में नजर आये। चीन के साथ सैन्य टकराव के बीच चरम सर्दियों में लद्दाख की 15 हजार फीट ऊंची बर्फीली पहाड़ियों पर तैनात सैनिकों के लिए अमेरिका ने भारत को 11 हजार ‘कोल्ड वार किट’ दी हैं। भारत ने यह खरीदारी अमेरिका से 2016 में हुए लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (लेमोआ) के तहत की है। जनरल रावत ने लद्दाख का दौरा ऐसे वक्त पर किया है जब भारत और चीन के जवान अप्रैल-मई के महीने से तनाव के बाद से एक दूसरे के आमने-सामने हैं।

चीन सीमा की उच्च ऊंचाइयों वाली बर्फीली पहाड़ियों पर तैनात सैनिकों की तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यूरोपीय देशों से आपातकालीन खरीद की गई है। भारत ने तत्काल आधार पर सर्दियों के कपड़े और उच्च ऊंचाई वाली ‘युद्धक किट’ की खरीद अमेरिका से 2016 में हुए लेमोआ समझौते के तहत की है। भारत के साथ द्विपक्षीय समझौते के तहत सहायता के लिए तत्काल अनुरोध किए जाने के बाद अमेरिका ने विस्तारित ठंडे मौसम वस्त्र प्रणाली (ईसीडब्ल्यूसीएस) की 11 हजार ‘कोल्ड वार किट’ दी हैं। ये सेट अमेरिकी सेना के स्टॉकहोल्डिंग से आए हैं जिन्हें आगे के क्षेत्रों में भेज दिया गया। अमेरिका से मिलीं इन्हीं ‘कोल्ड वार किट’ में अग्रिम चौकियों पर तैनात सैनिक जनरल बिपिन रावत के लद्दाख दौरे पर नजर आये।

चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति का जायजा लेने के लिए लद्दाख सेक्टर पहुंचे चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल रावत को लेह स्थित ‘फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स’ के शीर्ष कमांडर ने मौजूदा हालात के बारे में जानकारी दी। जनरल रावत ने लद्दाख के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को पूर्वी लद्दाख के अग्रिम इलाकों का दौरा कर जमीनी स्तर पर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने चीन सीमा पर परिचालन तैयारियों की समीक्षा के लिए स्थानीय कमांडरों के साथ बैठक की। उन्होंने माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक तापमान गिरने के बावजूद सैन्य चौकियों पर तैनात सैनिकों से मुलाक़ात करके बातचीत की। उन्होंने उनके उच्च मनोबल के लिए उनकी सराहना की और परिचालन तत्परता को बढ़ाया। जनरल रावत ने लद्दाख के उप राज्यपाल आरके माथुर से भी मुलाकात कर रक्षा तथा सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की।

अपने दौरे के दूसरे दिन जनरल रावत उत्तरी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी के साथ जम्मू पहुंचे। टाइगर डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) और वायुसेना स्टेशन, जम्मू के एयर ऑफिसर कमांडिंग (एओसी) ने सीडीएस और सेना कमांडर का स्वागत किया। इसके बाद सीडीएस और लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने राज भवन जाकर केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की और सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की।