कोरोना काल में चिताओं से कफ़न चुराने वाले गैंग का भंडाफोड़, श्मशान घाट में रखे थे मज़दूर

During the Corona era, the gang busted by stealing shroud from the pyre, workers were kept in the crematorium
During the Corona era, the gang busted by stealing shroud from the pyre, workers were kept in the crematorium

बागपत। उत्तरप्रदेश के बागपत जिले में एक कफ़न चुराने वाले गैंग का भंडाफोड़ हुआ है. यह गैंग श्मशान और कब्रिस्तानों से कफ़न चुराकर फिर से बेच देते थे। गैंग में एक कपडा व्यापारी, उसका बेटा और भतीजा शामिल हैं.इनके साथ उनकी दुकान पर काम करने वाले 4 कर्मचारी और अंत्येष्टि स्थलों पर मजदूरी करने वाले लोग भी जुड़े हैं। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है।

गैंग के सरगना ने श्मशानों और कब्रिस्तानों पर मुर्दों के कफन और कपड़े चुराने के लिए 300 रुपए दिहाड़ी पर मजदूर रखा था। महत्वपूर्ण बात यह है कि चुराए गए कफन उन लोगों के भी थे, जिनकी मौत कोरोना संक्रमण से हुई थी। आरोपी कारोबारी शवों से उतरे कफन की धुलाई के बाद उन पर प्रेस करवा देता था। इसके बाद ग्वालियर मार्का स्टीकर लगाकर रीपैकिंग कर इन्हें बेच देता था। एक कफन की कीमत 400 रुपए ली जाती थी।

ग्वालियर की कंपनी का लगाते थे स्टीकर

सीओ बड़ौत आलोक सिंह ने बताया कि आरोपी श्मशान घाट, कब्रिस्तान पर रहने वालों को 300-400 रुपए का लालच देकर मुर्दों के कफन, कुर्ता-पजामा, कमीज, धोती चोरी कराते थे। इसके बाद कपड़ों को प्रेस करके उन्हें फर्जी रिबन और ग्वालियर कंपनी का स्टीकर लगाकर बाजार में बेच देते थे। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छापा मारकर गैंग को पकड़ा है। मौके से 10 गठरी कफन और कपड़े बरामद किए गए हैं।

पकड़े गए आरोपियों में बड़ौत के नई मंडी में रहने वाला प्रवीण जैन, उसका बेटा आशीष जैन और भतीजा ऋषभ जैन, छपरौली के सबगा गांव का श्रवण कुमार शर्मा शामिल हैं। इनके अलावा राजू शर्मा, बबलू और शाहरूख को भी पकड़ा गया है। ये सभी कपड़ा व्यापारी हैं। आरोपियों पर धारा-144 का उल्लंघन और महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

10 साल से चल रहा था यह काम

इंस्पेक्टर बड़ौत अजय शर्मा ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की गई है। पता चला है कि आरोपी व्यापारी पिछले 10 साल से कफन और कपड़े की चोरी करवाकर धुलाई-रीपैकिंग के बाद फिर से ग्राहकों को बेच रहा था।

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