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मैंने बुरे और अच्छे समय को करीब से महसूस किया है: पंकज त्रिपाठी

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नई दिल्ली। अभिनेता पंकज त्रिपाठी का बोलना है कि उन्होंने धोखेबाजों व शराबियों के साथ दिन बिताए हैं, और बोला कि व्यक्ति अच्छे का मूल्यांकन तभी करना शुरू करता है जब किसी ने बुरा देखा हो। उन्होंने बोला, “मैंने ठगों को, चंडालों को, लेखकों को, विद्वानों को आस पास से देखा है। बड़े बड़े शराबियों के साथ दिन गुजारे है और उन सबने मिल के बनाया है। वे वही लोग ही, जिनकी वजह से मैं आज ऐसा इंसान बना हूं।

लॉकडाउन के दौरान पंकज को महसूस हुआ कि ‘अगर बुरा हुआ है तो यह अपरिहार्य है कि अच्छा हो।’ उन्होंने बोला, “मैं अभी भी अपने संक्षिप्त जेल के दौर के बारे में सोचता हूं, जहां मैं सभी प्रकार के लोगों से घिरा हुआ था और मुझे इस बात का अनुमान था कि मुझे अपने जीवन को अच्छा बनाना चाहिए। हर अनुभव प्रकृति का तरीका है जो आपको खुद को बेहतर बनाने के लिए कहता है। उस संकेत को समझो!

पंकज त्रिपाठी वो अभिनेता है  जिन्होंने ‘सेक्रेड गेम्स’, ‘मिजार्पुर’, ‘बरेली की बर्फी’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ व ‘लुका छिपी’ जैसे फिल्में दी है। पंकज ने अपनी जीवन की हर सफलता को बताया है। उन्होंने बोला, “अच्छे का मूल्य तभी पता चलता है जब हमने बुरे को देखा हो। मैंने पिछले एक दशक में खराब व अच्छा समय देखा है, यही वजह है कि हर सफलता, हर खुशी का इतना महत्व है।

 

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