दक्षिण अफ्रीका से आ रहा कोरोना का नया खतरा, बोत्सवाना में मिला खतरनाक वैरिएंट, भारत में भी अलर्ट

यूरोप के कई देशों में कोविड-19 के संक्रमण मामलों में उछाल के बीच दक्षिण अफ्रीका के 'बोत्सवाना' में कोरोना वायरस का नया घातक वैरिएंट मिला है। ब्रिटिश विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस के इस संस्करण को खतरे की घंटी बताया है। 
 
New variant of Corona found in South Africa
दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोना का नया वैरिएंट

नई दिल्ली। यूरोप के कई देशों में कोविड-19 के संक्रमण मामलों में उछाल के बीच दक्षिण अफ्रीका के 'बोत्सवाना' में कोरोना वायरस का नया घातक वैरिएंट मिला है। ब्रिटिश विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस के इस संस्करण को खतरे की घंटी बताया है। 

इस वायरस को देखते हुए भारत सरकार ने सभी राज्यों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय विमानों से भारत आने वाले सभी यात्रियों की सघन कोरोना जांच की जाए। अभी भारत में इसका कोई केस नहीं है लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस पर नजर रखी जा रही है।

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से कहा है कि दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना से आने वाले या इन देशों के रास्ते आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग की जाए। इन देशों में कोविड-19 के गंभीर जनस्वास्थ्य प्रभावों वाले नए वैरिएंट सामने आने की सूचना है। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव या सचिव (स्वास्थ्य) यह सुनिश्चित करें कि संक्रमित पाए गए यात्रियों के नमूने तुरंत जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए लैब में भेजे जाएं।

दक्षिण अफ्रीका में पिछले साल कोविड वायरस के बीटा वैरिएंट का पता चला था। हालांकि अभी तक सबसे अधिक लोग डेल्टा संस्करण से संक्रमित हुए, जो पहली बार भारत में मिला था। एक रिपोर्ट के अनुसार बोत्सवाना में मिला कोविड वायरस का नया वैरिएंट 32 बार म्यूटेट (उत्परिवर्तित) होता है, जिनमें से कई तेजी से फैलने वाले और वैक्सीन प्रतिरोधी हैं। इसके अलावा स्पाइक प्रोटीन में किसी भी अन्य प्रकार की तुलना में तेजी से बदलाव होता है। केवल 10 मामलों में स्ट्रेन का अबतक पता चला है, जिसे 'एनयू' नाम दिया गया है। 

स्पाइक में बदलाव से मौजूदा वैक्सीन के लिए लड़ना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि वे वायरस के पुराने संस्करण की प्रतिरक्षा प्रणाली से लड़ने में सक्षम हो जाते हैं। सबसे पहले इसके प्रसार को देखने वाले इंपीरियल कॉलेज के एक वायरोलॉजिस्ट डॉ. टॉम पीकॉक ने इस वैरिएंट के म्यूटेशन को 'भयानक' बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि बी.1.1.1.529, (वैज्ञानिक नाम), डेल्टा वैरिएंट सहित लगभग किसी भी हालात को बदतर करने की क्षमता रखता है। बोत्सवाना में अब तक तीन और दक्षिण अफ्रीका में छह संक्रमण पाए गए हैं, जहां इस पर नजर रखी जा रही है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि हांगकांग में एक 36 वर्षीय व्यक्ति में भी एक मामला देखा गया है, जो हाल ही में महाद्वीप से लौटा है। ब्रिटेन में अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी इस पर नजर रख रही है।