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Corona virus tips: मध्‍य प्रदेश में तैयार हुई सस्‍ती कोरोना जांच किट

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भोपाल। डॉ. मयंक चतुर्वेदी
पूरा देश कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। इस बीच मध्य प्रदेश से एक अच्छी खबर आई है। यहां राजधानी भोपाल मे कोरोना (कोविड-19) को हराने के लिए विदेशों की तुलना में सस्‍ती और बेहतर किट तैयार कर ली गई है जोकि सिर्फ ढाई घण्‍टे में ही अपना रिजल्‍ट दे देती है।

किलपेस्ट इंडिया लिमिटेड कंपनी ने कोरोना टेस्टिंग किट (ट्रू पीसीआर) तैयार करने में बहुत कम समय में ही सफलता हासिल की है। बताया जा रहा है कि इसे इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से भी मान्यता मिल चुकी है।

किलपेस्ट इंडिया के रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रमुख डॉ. अखिलेश रावत ने बताया कि यह रियल टाइम पीसीआर डिटेक्शन किट है। इस किट का परीक्षण करने के लिए एनआईवी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी) को 31 मार्च को भेजा गया था। हमारे द्वारा तैयार इस टेस्ट किट पर अब तक 100 कोरोना(काविड-19) वायरस लोगों के साथ ही 100 निगेटिव लोगों को लेकर सफल प्रयोग किया जा चुका है, हर टेस्‍ट में यह किट प्रमाणिक रिजल्‍ट देनेवाली साबित हुई है। उन्‍होंने बताया कि इसे इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से मान्यता मिल चुकी है।

उधर, किलपेस्ट इंडिया के निदेशक धीरेंद्र दुबे का कहना है कि इस किट से जांच करना आसान है और इससे सरकार पर कोई अतिरिक्‍त बोझ भी नहीं आएगा। एक कोरोना वायरस संक्रमित के परिक्षण के लिए जिस तरह से तमाम टेस्‍ट अभी किए जाते हैं, उनकी भी जरूरत नहीं होगी। चिकित्‍सकीय व्‍यवस्‍था में लोगों का समय, श्रम और धन तीनों की बचत हो सकेगी । वहीं, नए उपकरण खरीदने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही उन्‍होंन इस किट की कीमत में बारे में बताया कि यह राशि एक हजार से भी से कम होगी। दुबे का कहना है कि हमारी कंपनी ने प्रतिदिन 10 हजार किट तैयार करने का अभी लक्ष्‍य रखा है। यानी कि प्रत्‍येक माह में तीन लाख किट भारतीय अस्‍पतालों के लिए उपलबब्‍ध करा दी जाएंगी।

उल्‍लेखनीय है कि 20 मार्च के करीब ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया की ओर से देश और विदेश की 18 कंपनियों को कोरोना वायरस की टेस्टिंग की परमीशन दी गई थी। वहीं इन कंपनियों में से अधिकतर ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से टेस्टिंग की परमीशन मांगी थी। इसके बाद सबसे पहले कोरोना वायरस की जांच के लिए भारत ने दुनिया के कई देशों से पहले कोरोना की टेस्टिंग किट तैयार की।

सबसे पहले पुणे की मायलैब डिस्कवरी सॉल्यूशंस कंपनी ने इस स्वदेशी किट को बनाया। जिसे कमर्शियल प्रोडक्शन की अनुमति भी मिल गई है। देश की यह पहली किट मीनल दखावे भोंसले नाम की वैज्ञानिक ने बनाई है। इसी के साथ यह देश की पहली ऐसी फर्म भी बन चुकी है, जो कोरोनावायरस किट बेच रही है। इस किट की कीमत 1200 रुपये है। हर किट से 100 सैंपल की जांच हो रही है। यानी एक सैंपल को जांचने का खर्च केवल 12 रुपये आ रहा है जबकि विदेशी किट की कीमत 4,500 रुपये है।

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एयर इंडिया का पायलट निकला कोरोना पॉजिटिव, बीच रास्ते से वापस बुलाया गया विमान

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नई दिल्ली। वंदे भारत मिशन के तहत रूस में फंसे भारतीयों को लाने के लिए दिल्ली से मॉस्को जा रहे एयर इंडिया के ए-320 विमान का पायलट कोरोना पॉजिटिव निकला। इसकी सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। आनन फानन में विमान को बीच रास्ते से ही वापस बुला लिया गया। डीजीसीए ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

एयर इंडिया के अफसरों ने बताया कि विमान में कोई भी यात्री सवार नहीं था। विमान जैसे ही उज्बेकिस्तान के एयरस्पेस पहुंचा तभी हमारी ग्राउंड टीम के सदस्यों को पता चला कि विमान का एक पायलट कोरोना पॉजिटिव है।

अफसर ने यह भी बताया कि विमान को तुरंत वापस लौटने को कहा गया। शनिवार दोपहर करीब 12.30 बजे विमान दिल्ली पहुंच गया। क्रू मेंबर्स को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। अब रूस में फंसे भारतीयों को लेना दूसरा विमान मॉस्को भेजा जाएगा।

पॉजिटिव थी रिपोर्ट पढ़ लिया निगेटिव

फ्लाइट उड़ने के पहले क्रू की सभी रिपोर्ट को चेक किया जाता है। खासकर कोरोना रिपोर्ट को। एक पायलट की रिपोर्ट पॉजिटिव थी, लेकिन गलती से निगेटिव पढ़ लिया गया। ग्राउंड टीम ने उसे उड़ने की मंजूरी दे दी। एयर इंडिया से जुड़े सूत्रों ने बताया कि काम के दबाब की वजह यह हुआ। रोजाना 300 से ज्यादा क्रू मेंबर की कोरोना जांच हो रही है। सभी की रिपोर्ट एक्सेल शीट में आती है। ग्राउंड टीम के सदस्य से यहीं पढ़ने में गलती हो गई।

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दावा : कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए ये चाय है कारगर, जानिए कैसे करती है काम

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नई दिल्ली। कोविड-19 से लड़ने के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) का मानना है कि एचआईवी-रोधी दवाओं की तुलना में चाय रसायन भी प्रतिरक्षा बढ़ाने और कोरोना वायरस गतिविधि को अवरुद्ध करने में अधिक प्रभावी हो सकते हैं। हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में स्थित हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी) के निदेशक डॉ संजय कुमार ने इस तथ्य का खुलासा किया है। कांगड़ा चाय के बारे में बोलते हुए यह बात उन्होंने अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के मौके पर आईएचबीटी में आयोजित एक वेबिनार के दौरान कही है।

चाय में पाए गए रसायन जो कोरोनावायरस से लड़ते हैं

डॉ संजय कुमार ने बताया कि चाय में ऐसे रसायन होते हैं जो कोरोनावायरस की रोकथाम में एचआईवी-रोधी दवाओं की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकते हैं। वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर-आधारित मॉडल का उपयोग करते हुए जैविक रूप से सक्रिय 65 रसायनों या पॉलीफेनोल्स का परीक्षण किया है, जो विशिष्ट वायरल प्रोटीन को एचआईवी-रोधी दवाओं की तुलना में अधिक कुशलता से बांध सकते हैं। ये रसायन उन वायरल प्रोटीन्स की गतिविधि को अवरुद्ध कर सकते हैं, जो मानव कोशिकाओं में वायरस को पनपने में मदद करता है। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद से संबद्ध आईएचबीटी अपने प्रौद्योगिकी साझेदारों के साथ मिलकर चाय आधारित प्राकृतिक सुगंधित तेलों से युक्त अल्कोहल हैंड सैनिटाइजर का भी उत्पादन व आपूर्ति कर रहा है।

चाय के सिरके में मोटापा-रोधी गुण

आईएचबीटी में चाय के अर्क के उपयोग से हर्बल साबुन भी बनाया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह साबुन प्रभावी रूप से फफूंद-रोधी, जीवाणु-रोधी व वायरस-रोधी गुणों से लैस है। हिमाचल की दो कंपनियों द्वारा इस साबुन का उत्पादन व विपणन किया जा रहा है। इस अवसर पर टी-विनेगर (चाय के सिरके) की तकनीक धर्मशाला की कंपनी मैसर्स काश आई विशको हस्तांतरित की गई है। चाय के सिरके में मोटापा-रोधी गुण होते हैं।

इसके अतिरिक्त आयुष द्वारा सिफारिश की गई जड़ी-बूटियों से युक्त हर्बल ग्रीन और ब्लैक टी उत्पादों को भी लॉन्च किया गया है। इन उत्पादों को सीएम स्टार्ट-अप योजना के तहत मंडी के उद्यमी परितोष भारद्वाज द्वारा विकसित किया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड-19 के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु ये उत्पाद बहुत उपयोगी हो सकते हैं।

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कोरोना: उत्तराखंड में टूटा रिकार्ड, 19 केस मिले, 130 पहुंची मरीजों की संख्या

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देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना के मरीजों के मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को यहां रिकार्ड 19 मरीज मिले हैं। इसमें से सबसे अधिक 6 केस टिहरी के हैं। वहीं उधमसिंह नगर में चार लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसके साथ ही राज्य में कोरोना की मरीजों की संख्या 130 पहुंच गई है।

इन जिलों में मिले केस

स्वास्थ्य सचिव नितेश झा ने बताया कि बुधवार को उत्तराखंड 19 मरीजों के सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें टिहरी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, उधमसिंह नगर, उत्तरकाशी, देहरादून और नैनीताल के मरीज शामिल हैं।

53 मरीज ठीक हुए

इसके अलावा एम्स में भर्ती बिजनौर के एक व्यक्ति में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। बुधवार को मिले कोरोना मरीजों में से 10 प्रवासी, जबकि बाकी उनके संपर्क में आए लोग हैं। राज्यभर के अस्पतालों में अब कुल 71 मरीजों का इलाज चल रहा है। जबकि 53 मरीज इलाज के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं।

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