Saturday, May 21, 2022
spot_img
Homeदुनियाकोरोना ने रोकी चीन की आर्थिक रफ्तार, लॉकडाउन के चलते चीन के...

कोरोना ने रोकी चीन की आर्थिक रफ्तार, लॉकडाउन के चलते चीन के शंघाई बंदरगाह पर फंसे हजारों जहाज, पूर्वी चीन सागर में लगा जाम

बीजिंग। चीन की आर्थिक राजधानी शंघाई में कोरोना संक्रमण के कारण पिछले एक माह से आर्थिक गतिविधियां भी पूरी तरह से बंद हैं। लॉकडाउन का सबसे बुरा असर शंघाई बंदरगाह पर देखने को मिल रहा है, जिसके कारण यहां बड़ी संख्या में मालवाहक जहाज खड़े होने से पूर्वी चीन सागर में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है।

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में शंघाई बंदरगाह पर जहाजों की उपस्थिति को दिखाया जा रहा है। इस कारण पूरा बंदरगाह मालवाहक जहाजों से भर गया है। बंदरगाह से कई किलोमीटर दूर खुले समुद्र में भी जहाज खड़े नजर आ रहे हैं। माल उतारने और चढ़ाने की इजाजत न होने के कारण जहाज के क्रू भी समुद्र में फंसे हैं। कई जहाजों पर तो खाने-पीने और दैनिक जरूरतों की चीजों की भी कमी होने लगी है। इसके बावजूद चीन अपने सख्त नियमों में बिलकुल भी ढील देने को तैयार नहीं है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन जहाजों को बंदरगाह पर आने या बंदरगाह पर खड़े जहाजों को बाहर जाने की इजाजत कब दी जाएगी।

कोरोना के कारण शंघाई प्रशासन ने बाहरी लोगों के शहर में आने पर रोक लगा रखी है। शहर के लोगों को भी बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। पूरे शहर में बड़े पैमाने पर लोगों की टेस्टिंग की जा रही है। इतना ही नहीं, ड्रोन और हेलीकॉप्टरों के जरिए क्वारंटीन क्षेत्रों की निगरानी किया जा रहा है। बाहर निकलने वाले लोगों को ड्रोन और हेलीकॉप्टरों पर लगे स्पीकरों के जरिए चेतावनी भी दी जा रही है। इतना ही नहीं, अगर किसी इलाके में ज्यादा लोगों की मौजूदगी का पता चलता है को वहां स्थानीय पुलिस को भेजा जा रहा है।

शंघाई में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ काफी बढ़ गया है। हल्के-फुल्के लक्षण होने के बावजूद लोगों को अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है, जिस कारण मरीजों को बेड मिलने में मुश्किल हो रही है। शंघाई के अधिकारियों ने कोरोना से कोई मौत नहीं होने की सूचना दी है, लेकिन डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। शहर के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि संक्रमण के मामलों और मौतों की पुष्टि के मानदंड बहुत सख्त हैं और इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप रहता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments