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RBI ने रेपो रेट में की कटौती, लोन की किश्त चुकाने की मोहलत 3 महीने और बढ़ी, पढ़ें 10 बड़ी बातें

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नई दिल्‍ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने रेपो रेट में 0.40 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट में 3.35 की कटौती की है। इस कटौती के साथ रेपो रेट घटकर 4 फीसदी पर और रिवर्स रेपो रेट घटकर 3.35 फीसदी पर आ गया है। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने लोन मोरैटोरियम की अवधि 3 महीने और बढ़ा दिया है। रिजर्व बैंक की ब्‍याज दरों में की गई इस कटौती से भविष्य में लोन की ब्याज दरें घटेंगी और लोगों की सस्ती दर पर कर्ज मिल सकेगा। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में इसकी जानकारी दी।

रेपो रेट में 3.35 की कटौती का फैसला

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना आपदा से पैदा हुआ हालातों से निपटने के लिए रिजर्व बैंक ये कदम उठा रहा है। गवर्नर ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने पॉलिसी रेट में कटौती का फैसला किया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि समिति ने कोरोना से आई सुस्ती से निपटने के लिए 0.40 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट में 3.35 की कटौती का फैसला किया है।

आरबीआई गवर्नर ने यह भी बताया कि एमपीसी के 6 में से 5 सदस्यों ने रेपो रेट घटाने के पक्ष में वोट दिया। कमेटी की बैठक 3 जून से होनी थी, लेकिन इसे पहले ही कर ली गई।

उल्‍लेखनीय है कि शक्तिकांत दास की ये तीसरी प्रेस कांफ्रेंस है। आरबीआई गवर्नर ने इससे पहले 27 मार्च और 17 अप्रैल को प्रेस कांफ्रेंस की थी, जिसमें गवर्नर ने अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कई उपायों की घोषणा की थी।

आरबीआई गवर्नर के ऐलान की मुख्‍य बातें :

  1. ईएमआई चुकाने वाले ग्राहकों को आरबीआई ने बड़ी राहत दी है। रिजर्व बैंक ने लोन मोरैटोरियम की अवधि और 3 महीने के लिए बढ़ा दी है। अब लोग 31 अगस्‍त तक उठा सकेंगे लोन मोरैटोरियम का लाभ। इसी के साथ मोरेटोरियम की समय सीमा बढ़कर छह महीने हो गई है।
  2. रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि एक्‍सपोर्ट क्रेडिट की अवधि 12 महीने से बढ़ाकर 15 महीने कर दी गई है।
  3. आरबीआई गवर्नर ने बताया कि बैंकों कि ग्रुप एक्सपोजर सीमा को 30 फीसद से बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
  4. आरबीआई गवर्नर ने बताया कि 15,000 करोड़ रुपये का क्रेडिट लाइन एग्जिम बैंक को दिया जाएगा। साथ ही सिडबी को दी गई रकम का इस्तेमाल आगे और 90 दिनों तक करने की इजाजत दी गई है।
  5. आरबीआई गवर्नर ने बताया भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9.2 अरब डॉलर बढ़ा है।
  6. दास ने कहा कि वित्‍तीय, मौद्रिक और प्रशासनिक एक्‍शंस से वित्‍त वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में अर्थव्‍यवस्‍था के सुधार की परिस्थितियां बनेंगी।
  7. आरबीआई गवर्नर ने बताया कि एमसीपी के अनुसार दूसरी छमाही में महंगाई में कमी का अनुमान है।
  8. आरबीआई गवर्नर ने बताया कि साल 2021की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ नेगेटिव रह सकती है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021 दूसरी तिमाही में सुधार आ सकता है।
  9. मौद्रिक नीति समिति का मानना है कि महंगाई का परिदृश्‍य मौजूदा समय में अनिश्चित है। दास ने कहा कि मार्च में औद्योगिक उत्‍पादन 17 फीसद घटा है। अप्रैल में सर्विसेज पीएमआई अबतक के निचले स्‍तर पर रहा है।
  10. दास ने कहा, ग्‍लोबल सर्विसेज पीएमआई में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई है। वैश्विक कारोबार के मूल्‍य में इस वर्ष 13-32 फीसद की कमी आ सकती है।
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भगोड़े कारोबारी माल्या का प्रत्यर्पण अटका, पढ़िए क्या है वजह

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नई दिल्ली। भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने में अब देरी हो सकती है। भारत में ब्रिटिश हाई कमीशन के प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया कि पिछले महीने प्रत्यर्पण के खिलाफ माल्या की गई अपील खारिज हो गई थी। उसके बाद, उसने ब्रिटेन के सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, एक और कानूनी मुद्दा है, जिसे उसके प्रत्यर्पण करने से पहले समाधान करने की जरूरत है।

इससे पहले बुधवार रात को कहा गया था कि माल्या को किसी भी वक्त भारत लाया जा सकता है। ब्रिटेन में उसके प्रत्यर्पण की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। ब्रिटिश हाईकमीशन ने कहा कि इन कानूनी मसलों के बारे में हम आपको ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते हैं, क्योंकि यह गोपनीय हैं। लेकिन, हम जल्द से जल्द इन मसलों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

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स्‍टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ने बचत खाते पर ब्‍याज दर घटाया  

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नई दिल्‍ली। सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और आईसीआईसीआई बैंक ने सेविंग अकाउंट पर ब्याज दरें घटा दी हैं। एसबीआई ने बचत खातें पर सालाना ब्याज दर में 0.05 फीसदी की कटौती की है, जो घटकर 2.70 फीसदी पर आ गई है। नई दरें 31 मई से लागू हो गई हैं। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक ने भी बचत खाते पर ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती की है। नई दरें 4 जून से लागू होंगी।

आईसीआईसीआई बैंक में भी कम मिलेगा ब्याज

आईसीआईसीआई बैंक ने 50 लाख रुपये से कम की सभी जमाओं पर ब्याज दर को 0.25 फीसदी घटाकर 3.25 से 3 फीसदी कर दिया है। वहीं, 50 लाख रुपये या उससे अधिक की जमा पर ब्याज दर को 3.75 से घटाकर 3.50 फीसदी किया है। गौरतलब है कि एसबीआई ने अप्रैल महीने में भी बचत खाते पर मिलते वाले ब्याज में 0.25 फीसदी की कटौती की थी।

एक्‍सपर्ट बोले

कोविड-19 की महामारी के कारण देशव्‍यापी लॉकडाउन के बीच सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैकों द्वारा बचत खाते पर ब्‍याज दरों में कटौती पर एक्‍सपर्ट का कहना है कि पर्याप्त नकदी की स्थिति के बीच नए लोन की मांग कम होने की वजह से बैंक जमा पर ब्याज  दरों में कटौती कर रहे हैं। बता दें कि हाल ही में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पंजाब नेशनल बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक ने भी ब्‍याज दम में कटौती की थी।

पीएनबी ने भी की है कटौती

उल्‍लेखनीय है कि पीएनबी ने बचत खाते पर मिलने वाली ब्याज दर में 0.50 फीसदी की कटौती की है। पीएनबी के बचत खाते में 50 लाख रुपये तक के बैलेंस पर 3 फीसदी सालाना और 50 लाख से ज्यादा के बैलेंस पर 3.25 फीसदी सालाना के हिसाब से ब्याज मिलेगा।

1 जुलाई से बैंक के बचत खाते पर अधिकतम 3.25 फीसदी का सालाना ब्याज मिलेगा। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक ने मई में बचत खाते पर मिलने वाले ब्याज में कटौती की थी। अब एक लाख रुपये तक के जमा पर 3.50 फीसदी और एक लाख रुपये से ज्यादा जमा होने पर 4 फीसदी सालाना ब्याज दे रहा है, जबकि इससे पहले एक लाख रुपये तक के जमा पर 3.75 फीसदी और एक लाख रुपये से ज्यादा के जमा पर 4.50 फीसदी ब्याज मिल रहा था।

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पीएम मोदी के पांच मंत्र उबारेंगे अर्थव्यवस्था, कहा- फिर हासिल करेंगे ग्रोथ रेट

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नई दिल्‍ली। कोरोना महामारी (कोविड-19) के कारण संकट से जूझ रही देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग जगत को पांच मंत्र दिए हैं। मोदी ने कहा कि कोरोना से निपटकर हम निश्चित तौर पर अपनी विकास दर को हासिल करेंगे और ये मुमकिन है। क्‍योंकि, केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत की है।

ये हैं पांच मंत्र

पीएम ने कहा कि भारत को फिर से तेज़ विकास के पथ पर लाने के लिए आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए 5 चीजें बहुत ज़रूरी हैं। उन्‍होंने कहा कि इसमें इंटेंट, इंक्लूजन, इन्वेस्टमेंट, इन्फ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन अहम है।

विकास की रफ्तार हासिल करना मुश्किल नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के 125 साल पूरा होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बात कही। अपने संबोधन में मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर सरकार की सोच को उद्योग जगत के सामने रखा। उन्होंने कहा कि देश अब लॉकडाउन को पीछे छोड़ चुका है। पीएम ने कहा कि विकास की रफ्तार हासिल करना इतना मुश्किल भी नहीं है और सबसे बड़ी बात कि अब उद्योगों के पास आत्मनिर्भर भारत अभियान के रूप में एक स्पष्ट रास्ता है। मोदी ने कहा कि उनके विश्वास के पीछे कई वजह है।

मोदी ने उद्योग जगत पर जताया भरोसा

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीआईआई को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने ‘निगेटिव ग्रोथ बैक’ (नकारात्‍मक विकास अनुमान) पर अपनी राय रखी। उन्‍होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि हम अपना विकास दर हासिल करेंगे। मोदी ने कहा कि मेरे इस विश्वास के पीछे कई वजह हैं। मुझे भारती की क्षमता और आपदा प्रबंधन पर भरोसा है। यहां की प्रतिभा, तकनीक और खोज पर भोरसा है। एमएसएमई और आंत्रप्रेन्योर पर भरोसा है। इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि उद्योग जगत और इनके लीडर्स पर भरोसा है।’ मोदी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करना और उसे रफ्तार देनी जरूरी है। इसके लिए सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है।

हर आवश्यकता का ध्यान रखेगी सरकार

मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़ी आपकी हर आवश्यकता का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा मैं लगातार सभी से संवाद करता हूं और ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निवेश और किसानों के साथ पार्टनरशिप का रास्ता खुलने का भी पूरा लाभ उठाएं।

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