'कोयला संकट' पर मोदी सरकार का जवाब, कोयले का पर्याप्त भंडार, पावर प्लांट्स के लिए 24 दिन का स्टॉक

देश में बिजली उत्पादन संयंत्रों की जरूरत को पूरा करने के लिए कोयले का पर्याप्त भंडार है। कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कोयले की कमी से बिजली आपूर्ति में बाधा की आशंका पूरी तरह निराधार है।
 
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कोयला संकट

-ऊर्जा मंत्री सिंह बोले, हमारे पास पावर स्टेशन पर चार दिन से ज्यादा का कोयला

-कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, कोयले का स्टॉक 24 दिनों की मांग के बराबर

नई दिल्ली। देश में बिजली उत्पादन संयंत्रों की जरूरत को पूरा करने के लिए कोयले का पर्याप्त भंडार है। कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कोयले की कमी से बिजली आपूर्ति में बाधा की आशंका पूरी तरह निराधार है। वहीं, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियों को भरोसा दिलाया कि राजधानी दिल्ली सहित अन्य राज्यों को जरूरत के हिसाब से बिजली सप्लाई हो रही है, जो आगे भी जारी रहेगी।

कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ट्वीट कर कहा कि देश में कोयले के उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की है। मैं सभी को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि बिजली आपूर्ति में बाधा की कोई आशंका नहीं है। कोल इंडिया के मुख्यालय पर 4.3 करोड़ टन कोयले का भंडार है जो 24 दिन के कोयले की मांग के बराबर है। इससे पहले मंत्रालय ने जारी एक बयान में कहा कि कोयला मंत्रालय आश्वस्त करता है कि बिजली संयंत्रों की जरूरत को पूरा करने के लिए देश में कोयले का पर्याप्त भंडार है।

उधर, ऊर्जा मंत्री ने आर के सिंह ने कहा कि हमारे पास एक औसत कोयला भंडार (पावर स्टेशन पर) है, जो 4 दिन से अधिक समय तक चल सकता है। दिल्ली को आवश्यक बिजली की सप्लाई हो रही है, जो आगे भी जारी रहेगी। सिंह ने राजधानी में ब्लैक आउट की आशंका को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कोयले की कमी को लेकर डर पैदा किया जा रहा है, जिसकी वजह गेल और टाटा के बीच हुआ गलत कम्युनिकेशन है। इससे पहले दिल्ली समेत 6 राज्यों में बिजली संकट के मद्देनजर दिल्ली के बिजली मंत्रालय, बीएसईएस और टाटा पावर के अधिकारियों ने बिजली उत्पादन संयंत्रों में कोयले की कमी को लेकर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से मुलाकात की थी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि कोयले की कमी की वजह से देश में बिजली संकट पैदा हो सकता है। इसको लेकर बिहार, झारखंड, आडिशा, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और तमिलनाडु सहित कई राज्यों ने बिजली उत्पादन संयंत्रों में कोयले की कमी पर चिंता जताई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर चेताया है कि अगर आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो अगले दो दिन में राष्ट्रीय राजधानी में 'ब्लैकआउट' हो सकता है। वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दिल्ली के बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि बिजली संयंत्रों को तत्काल कोयला नहीं मिला तो दो दिनों के बाद राजधानी में पूर्ण रूप से ब्लैक आउट हो सकता है।