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बिज़नेस

बिना सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर महंगा, नई दरें लागू

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नई दिल्‍ली। कोरोना महामारी के बीच जुलाई महीने की पहली तारीख को ही आम आदमी को झटका लगा है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस (एलपीजी) सि‍लेंडर की कीमतें बढ़ा दी है। एलपीजी सिलेंडर की बढ़ी हुई नई दरें बुधवार से लागू हो गई हैं।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (आईओसीएल, बीपीसीएल तथा एचपीसीएल) के रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में की गई इस बढ़ोतरी के साथ ही राजधानी दिल्‍ली में 14.2 किलोग्राम वाले बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़कर 594 रुपये पर पहुंच गई है। बता दें कि दिल्‍ली में बिना सब्सिडी वाले एलपीजी की कीमत में एक रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

इसके अलावा देश के अन्‍य शहरों में भी बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर के दाम में भी बढ़ोतरी की गई है। देश के अन्‍य महानगरों कोलकाता में 4 रुपये, मुंबई में 3.50 रुपये और चेन्नई में 4 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, राहत की बात ये है कि 19 किलोग्राम वाले सिलिंडेर की कीमत में कटौती की गई है।

देश के चार महानगरों में इण्‍डेन के 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत इस प्रकार है :-

राज्य                     पुरानी दरें———-नई दरें
-दिल्ली————– 593————–594
-कोलकाता———- 616————–620.5
-मुंबई————— 590.5————594
-चेन्नई————– 606.5————610.5

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उत्तर प्रदेश

फिरोजाबाद: कांच कारखाने शुरू होने से मिला रोजगार, मजदूरों के चेहरे पर लौटी खुशियां

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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण बंद हुये कांच कारखाने अब धीरे-धीरे शुरू होने लगे हैं। कुछ कारखाने शुरू भी हो गये हैं। जिससे चूड़ी कारोबार से जुडे़ सैकड़ों लोगों को पुनः रोगजार मिला है और उनके चेहरों पर खुशियां लौट आयी हैं।
फिरोजाबाद की काॅच की चूड़ियां हैं विश्व विख्यात 
फिरोजाबाद की काॅच की चूड़ियां देश-विदेश में विख्यात है, इसीलिए फिरोजाबाद को सुहागनगरी के नाम से जाना जाता है। सुहाग की प्रतीक काॅच की चूड़ियां तैयार करने वाली सैकड़ों फैक्ट्रयां कोविड 19 के चलते लाॅक डाउन के कारण पिछले साढ़े तीन महीने से बन्द हो गयी थी। इन फैक्ट्रियों में काम करने वाले हजारों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी की समस्या पैदा हो गयी थी। लेकिन अनलाॅक के बाद अब सरकार की अनुमति से चूड़ी कारखानों को शुरू किया जा रहा है और कुछ कारखाने चालू हो गये हैं। इन चूड़ी कारखानों में सरकार की गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है।
कारखानों में लगाये गये ओटोमेटिक सेनीटाइजर सिस्टम
 कारखानों के गेट के अन्दर प्रवेश करने पर थर्मल चैकिंग, साबुन से हाथ धोना, सेनीटाइजर व मास्क का प्रयोग किया जा रहा है। कुछ कारखानों में ओटोमेटिक सेनीटाइजर सिस्टम लगाये गये हैं। चूड़ी कारखानों के चालू होने से सैकड़ों लोगों को पुनः रोजगार मिलने लगा है। जिससे इस कारोबार से जुडे लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी है। कारीगरों व मजदूरों के चेहरों पर पुनः रौनक आने लगी है।
घरों तक में होता है काम
फिरोजाबाद के चूड़ी कारोबार से सिर्फ कारखानों के कारीगरों को ही रोजगार नहीं मिलता है बल्कि पल्लेदार, ठेले वाले, कुशल व अकुशल कारीगर, महिलाऐं भी रोजगार पाते हैं और घरों तक में काम होता है।
चूड़ी कारखाना स्वामी अनिल कुमार माहेश्वरी ने कहा 
चूड़ी कारखाना स्वामी अनिल कुमार माहेश्वरी का कहना है कि कारखाने में दो गज की दूरी के साथ-साथ सरकार की गाइड लाइन का पूरा पालन किया जा रहा है। फैक्ट्री को प्रतिदिन सुबह व शाम सैनेटाइज कराया जाता है। मजदूरों को थर्मल स्क्रीनिंग से जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
पिछले साढ़े तीन माह से काम बंद होने से परेशां थीं कुसमा देवी
चूड़ी कारखाने की महिला मजदूर कुसमा देवी का कहना है कि पिछले साढ़े तीन माह से काम बंद था। बहुत परेशान हो गये थे। पैसे की तंगी थी। अब काम चालू गया है तो मजदूरी कर बच्चों का अच्छे से भरण पोषण करेंगी और उन्हें पढ़ायेंगी।
लाॅकडाउन की वजह से फैक्ट्रियां हो गयी थी बंद
चूड़ी कारखाना मजदूर सलीम का कहना है कि लाॅकडाउन की वजह से फैक्ट्रियां बंद हो गयी थी। अब फैक्ट्रियां चालू होने से बहुत राहत मिली है। मजदूरी मिलने से बच्चों का भरण पोषण अच्छे से हो रहा है।
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बिज़नेस

एक बार फिर डीजल की कीमत में हुआ इजाफा, पेट्रोल का भाव स्थिर, जानिए आज के नए दाम

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नई दिल्‍ली। पिछले 4 चार दिनों तक पेट्राल-डीजल की कीमतों में बदलाव नहीं करने के बाद एक बार फिर डीजल की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। तेल विपणन कं‍पनियों ने रविवार को डीजल की कीमत में 16 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। हालांकि, पेट्रोल की कीमत में लगातार पाचवें दिन कोई बदलाव नहीं किया गया है। बता दें कि पिछले एक महीने में डीजल की कीमत में 11.23 रुपये प्रति लीटर की बढोतरी हुई है, जबकि इतने दिनों में पेट्रोल भी 9.17 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है।

यहां इतने रुपए लीटर तेल

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक दिल्‍ली में डीजल की कीमत 80.94 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि पेट्रोल की कीमत 80.43 रुपये प्रति लीटर है। इसी तरह मुंबई में पेट्रोल की कीमत 87.19 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत बढ़कर 79.17 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, कोलकाता में पेट्रोल 82.10 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि डीजल की कीमत बढ़कर 76.05 रुपए प्रति लीटर हो गई है। इसके अलावा चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 83.63 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल महंगा होकर 78.01 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
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देश

आसान नहीं चीन का बहिष्कार, भारत के कारोबार पर पड़ रहा असर

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नई दिल्ली । चीनी के साथ बिगड़ते रिश्तों और चीनी सामानों के बहिष्कार का असर भारत के कारोबार पर दिखने लगा है। चीन ने भारतीय स्टार्टअप में काफी निवेश कर रखा है।  ऐसे में चीनी सामानों के बहिष्कार से नए-नए स्टार्टअप डूबते जा रहे हैं। कोरोना महामरी के फैलने से पहले ही ऑटो सेक्टर का हाल पस्त था. चीन के साथ बिगड़ते हालातों ने इसे और खराब कर दिया है।

 

ई-वाहन कंपनियों की बढ़ रहीं मुश्किलें

भारत-चीन सीमा पर विवाद बढ़ने और चीन के उत्पादों पर सख्ती के बाद ई-वाहन कंपनियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। भारतीय ई-वाहन कंपनियों के 80 फीसदी उपकरण चीन से आयात होते हैं. इससे विदेशी निवेशक दूर होने लगे हैं। जिसके कारण कारोबार नुकासन में जा रहे हैं।

ई-वाहन कंपनियों का 50 फीसदी से ज्यादा का कारोबार चीन के आयात पर निर्भर है. ऐसे में चीन से आयात पर पाबंदी से इन्हें केवल उत्पादन निर्माण में ही मुश्किल नहीं आएगी, बल्कि निवेशक भी दूर हो रहे हैं। क्योंकि लागत बढ़ने से मुनाफा घटता जा रहा है, जिससे कंपनियों का नुकसान बढ़ता जा रहा है।

कई कंपनियां तो चीन के 100 फीसदी आयात पर ही निर्भर हैं, ऐसी कंपनियों को और ज्यादा मुश्किल हो रही है। लिथियम सेल, बैटरी पैक और इलेक्ट्रकि मोटर चीन से ही आायत किए जाते हैं। चीन के उत्पादों पर सख्ती ही सिर्फ परेशानी नहीं है, बल्कि चीनी सामानों का बहिष्कार भी कारोबारों कों मुश्किल में डाल रहा है।

 

बिजनेस ई-वाहन कंपनियों ने इतनी जुटाई पूंजी

कंपनी                              महीना और वर्ष     जुटाई गई राशि (करोड़ डॉलर)
ओला इलेक्ट्रिक       जुलाई 2019       25
बाउंस       जनवरी 2020       9.9
बाउंस       जून 2019       7.3
ओला इलेक्ट्रिक       फरवरी 2019       5.8
वोगो       जनवरी 2020       3.5
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