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अच्छी खबर/ Reliance इन कर्मचारियों देगी महीने में दो बार वेतन

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नई दिल्‍ली। देश और दुनिया में कोरोना वायरस (Corona virus) के बढ़ते प्रकोप के बीच 21 दिनों के लिए देशव्‍यापी लॉकडाउन (Lockdown) कर दिया गया है। इसके मद्देनजर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries )ने बुधवार को कई बड़े ऐलान किए हैं, जिसमें एक तो उसके ऐसे कर्मचारियों से जुड़ा हुआ है, जिनकी सैलरी 30 हजार रुपये से कम है। आरआईएल ने बताया है कि 30 हजार रुपये से कम वेतन (salary) पाने वाले कर्मचारियों को वह महीने में दो बार में वेतन (salary) देगा।

कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कम सैलरी पाने वाले कर्मचारी के कैशफ्लो को बचाने और किसी भी तरह के फाइनेंशियल बर्डन को कम करने के लिए यह फैसला किया जा रहा है। ताकि, ऐसा करने से महीने के बीच में ही उसके कर्मचारियों को नकदी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़े और कोई इमर्जेंसी आती है तो कर्मचारी के पास पैसे होंगे, ताकि वह खर्च कर सके।

इसके साथ ही कंपनी ने अपने बयान में बताया है कि रिलांयस परिवार के 6 लाख सदस्य कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह से तैनात हैं। इसके अंतगर्त रिलायंस फाउंडेशन ने बीएमसी के साथ एक 100 बेड का अस्पताल दिया, जो सिर्फ कोविड-19 मरीजों के लिए है। गौरतलब है कि रिलायंस ने हाल ही में कहा था कि लॉकडाउन की वजह से ठेके पर काम करने वाले और टेंपररी कर्मचारी जो काम पर नहीं जा पा रहे हैं, उनकी सैलरी जारी रखी जाएगी। इसके अलावा कंपनी ने अपने कर्मचारियों को रोटेशन ड्यूटी और वर्क फ्रॉम होम की सुविधा भी दी हुई है।

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Corona Effect: एडीबी ने भी दिया भारत को झटका ,जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान घटाया

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नई दिल्‍ली । कोरोना का असर (Corona Effect) भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर भी पड़ना लाजिमी है। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने शुक्रवार को अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2020 में भारत की आर्थिक विकास दर घटकर महज 4 फीसदी रह सकती है। गौरतलब है कि इसके पहले कई रेटिंग एजेंसियों ने सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) ग्रोथ के अनुमान में बदलाव कर चुकी है। दरअसल देश व दुनिया में कोरोना की वजह से अर्थव्‍यवस्‍था को तगड़ा झटका लगा है।

गौरतलब है कि इसके पहले कई रेटिंग एजेंसियों ने भी भारत के जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बदलाव कर चुकी है। दरअसल पिछले साल आई सुस्ती के बाद से ही भारत की विकास दर धीमी रही है, हालांकि एडीबी ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी ग्रोथ बढ़कर 6.2 फीसदी तक पहुंच सकती है।

एडीबी के अध्यक्ष मसात्सुगु असाकावा ने कहा कि कई बार चुनौतीपूर्ण वक्‍त का सामना करना पड़ता है। कोविड-19 से विश्वभर में लोगों की जिंदगियां प्रभावित हुई है। वहीं, उद्योग एवं अन्य आर्थिक गतिविधियां भी बाधित हो रही है। बैंक ने अपने ‘एशियन डेवलपमेंट आउटलुक’ (एडीओ) 2020 में कहा है कि भारत में जीडीपी की वृद्धि वित्त वर्ष 2020-21 में घटकर 4 फीसदी रह सकती है।

उल्‍लेखनीय है कि भारत सरकार के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने भी वित्त वर्ष 2019-20 में सिर्फ 5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रखने का अनुमान जाहिर किया है। वहीं, सरकार के आर्थ‍िक सर्वे में वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6-6.5 फीसदी के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अगले वित्त वर्ष 2020-21 में 6 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट रहने की बात कही है। इसके अलावे कई रेटिंग एजेंसियों ने भारत के विकास दर के अनुमान को पहले ही घटा दिया है।

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Coronavirus

Corona से जंग में अब तक का सबसे बड़ा दान,रकम जान कर रह जाएंगे हैरान

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Corona virus) के खिलाफ जंग में आम से लेकर खास तक अपनी हैसियत के मुताबिक दान कर रहा है। इसी क्रम में विप्रो (wipro) के चेयरमैन अजीज प्रेमजी (Aziz Premji)  ने बड़ा दिल दिखाते हुए इतनी बड़ी रकम दान करने का ऐलान किया है जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

विप्रो के चीफ ने 1125 करोड़ रुपये दान करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही ये रकम कोरोना के खिलाफ लड़ाई में दान में दी गई अब तक की सबसे ज्यादा रकम है। विप्रो लिमिटेड, विप्रो इंटरप्राइजेज और अजीज प्रेमजी फाउंडेशन (Aziz Premji Foundation) मिलकर ये रकम दान कर रहे हैं।

विप्रो लिमिटेड 100 करोड़,विप्रो इंटरप्राइजेज 25 करोड़ और अजीज प्रेमजी फाउंडेशन 1000 करोड़ रुपये दान में दे रहा है। इससे पहले कुछ ऐसी खबरें आ रही थी कि अजीज प्रेमजी 50 हजार करोड़ रुपये दान करने वाले हैं लेकिन बाद में ये सिर्फ कोरी अफवाह ही साबित हुई थी।

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पीएम केयर्स फंड में करें दान, इनकम टैक्स में सौ फीसदी छूट मिलेगी 

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राहत

-आयकर और जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की तारीख बढ़ी

–वित्‍त मंत्रालय ने देर रात ट्वीट करके दी है ये जानकारी

नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए पीएम-केयर्स फंड में किए गए दान पर आयकर (इनकम टैक्स ) में सौ फीसदी कटौती करने की घोषणा को अध्यादेश के जरिए कानूनी रूप दे दिया है। इसके अलावा इस संकट के दौरान करदाताओं और कारोबारियों को आयकर, जीएसटी रिटर्न भरने, आयकर छूट पाने और सीमा शुल्क एवं उत्पाद कर के साथ विभिन्न निवेश और भुगतानों के मामले में राहत देने के लिए सरकार ने अध्यादेश जारी किया है।

राष्ट्रपति ने रामनाथ कोविंद ने ‘‘कराधान और अन्य कानून (विभिन्न प्रावधानों में राहत) अध्यादेश 2020 को मंगलवार को अपनी मंजूरी भी दे दी। इस अध्यादेश के जरिए पीएम केयर्स फंड में दिये गए योगदान पर उसी तरह 100 फीसदी कर छूट देने का प्रावधान किया गया है, जैसी छूट प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में किसी तरह के योगदान देने पर मिलती है।

इस अध्यादेश जारी होने के बाद वित्त वर्ष 2018-19 की आयकर रिटर्न भरने की समय-सीमा को 31 मार्च, 2020 से बढ़ाकर 30 जून करने और पैन को आधार के जोड़ने की अंतिम तिथि भी 3 महीने के लिए बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया गया है। इसके साथ ही आयकर कानून अध्याय छह ए-बी के तहत धारा 80-सी, 80डी, 80जी जिनके तहत क्रमश: बीमा पॉलिसी, पीपीएफ, राष्ट्रीय बचत पत्र आदि जैसे चिकित्सा बीमा प्रीमियम और दान आदि में किए गए निवेश, भुगतान पर कर में छूट दी जाती है ऐसे निवेशों के लिए भी समय-सीमा को 30 जून 2020 तक बढ़ाया गया है।

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अध्‍यादेश के अनुसार वित्‍त वर्ष 2019-20 के दौरान कर छूट पाने के लिए इनमें अब निवेश 30 जून तक किया जा सकेगा। अध्यादेश के जरिये मार्च, अप्रैल और मई में दी जाने वाली केन्द्रीय उत्पाद शुल्क की रिटर्न को भी अब 30 जून 2020 तक भरा जा सकेगा।

वित्‍त मंत्रालय की ओर से ट्वीट कर के बताया गया है कि ‘कराधान और बेनामी अधिनियम के तहत विभिन्न प्रकार की समय-सीमा को विस्तार दिए जाने के लिए सरकार 31 मार्च को ये अध्यादेश लाई है। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री ने कोरोना वायरस संक्रमण के संकट के मद्देनजर आयकर, जीएसटी के साथ पैन को आधार से जोड़ने की समय-सीमा बढ़ाने की घोषणा की थी।

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