भारतीय पेशेवरों के लिए अच्छी खबर, अमेरिका में ग्रीन कार्ड पाना हुआ आसान

अमेरिका में ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता पहले से आसान हो गया है। इसका लाभ वहां काम करने वाले लाखों पेशवरों समेत भारतीय लोगों को भी होगा।
 
green card
ग्रीन कार्ड

वाशिंगटन। अमेरिका में ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता पहले से आसान हो गया है। इसका लाभ वहां काम करने वाले लाखों पेशवरों समेत भारतीय लोगों को भी होगा। अमेरिकी संसद की एक समिति के तैयार प्रस्ताव के अनुसार पेशवरों को पांच हजार डालर का अतिरिक्त शुल्क देकर दो साल के लिए ग्रीन कार्ड मिल सकेगा। ग्रीन कार्ड का इंतजार में दूसरे देश समेत हजारों भारतीय भी शामिल हैं।
 
ग्रीन कार्ड अमेरिका में रह रहे विदेशी लोगों को कुछ शर्तो के साथ स्थायी रूप से रहने की अनुमति देता है। अमेरिका में कार्य कर रहे हजारों भारतीय आइटी पेशेवरों को ग्रीन कार्ड मुहैया कराने में नई पहल से काम करने वालों को बड़ी सहायता मिलेगी।
इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने ग्रीन कार्ड के लिए कड़ी शर्ते लगा दी थीं। चुनाव प्रचार के समय डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति जो बाइडन ने आश्वासन दिया था कि वह ग्रीन कार्ड दिए जाने की व्यवस्था में राहत देंगे।

प्रतिनिधि सभा की न्यायिक मामलों की समिति के प्रस्ताव के अनुसार पांच हजार डालर का अतिरिक्त शुल्क देकर दो साल पहले ग्रीन कार्ड प्राप्त किया जा सकेगा। यह व्यवस्था स्किल्ड कामकाजी लोगों के लिए लागू होगी। फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार 50 हजार डालर का शुल्क चुकाकर अमेरिका में निवेश करने के लिए आने वाले विदेशी ग्रीन कार्ड प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था 2031 तक लागू रहेगी। पारिवारिक कारणों से ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए 2,500 डालर का अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा।

प्रस्ताव में आव्रजन के मूलभूत ढांचे में बदलाव का कोई बिंदु नहीं है। इसमें एच-1 बी वीजा की सालाना संख्या बढ़ाने का भी कोई प्रस्ताव नहीं है। कानून बनने के लिए इस प्रस्ताव को प्रतिनिधि सभा और सीनेट की स्वीकृति जरूरी होगी, इसके बाद उस पर राष्ट्रपति के दस्तखत होंगे।