मोदी सरकार के एक फैसले से क्रिप्टो करेंसी का मार्केट धड़ाम, BITCOIN में ही भारी गिरावट

केंद्र की मोदी सरकार के क्रिप्टोकरेंसी(crypto currency) पर शिकंजा कसे जाने की खबर के बाद दुनिया भर में क्रिप्टोकरेेेंसी का मार्केट धड़ाम हो गया है। बुधवार को बिटकॉइन (BITCOIN) 17% से ज्यादा गिरावट देखी जा रही है। 
 
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क्रिप्टोकरेंसी (crypto currency) मार्केट में गिरावट

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार के क्रिप्टो करेंसी(crypto currency) पर शिकंजा कसे जाने की खबर के बाद दुनिया भर में क्रिप्टोकरेेेंसी (cryptocurrency)का मार्केट धड़ाम हो गया है। बुधवार को बिटकॉइन (BITCOIN) 17% से ज्यादा गिरावट देखी जा रही है। 

मोदी सरकार 29 नवंबर से शुरू होने जा रहे शीतकालीन सत्र में क्रिप्टो करेंसी (cryptocurrency) को रेगुलेट करने वाला विधेयक संसद में पेश करेगी। बिल में सभी तरह की प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) पर पाबंदी लगाने की बात कही गई है।

हालांकि क्रिप्टो करेंसी ((crypto currency) ) टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए सरकार कुछ ढील भी दे सकती है। ढील वाली कौन सी क्रिप्टोकरेंसी होंगी ये अभी साफ नहीं है। वहीं बिल की मदद से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को अपनी आधिकारिक डिजिटल करेंसी जारी करने के लिए सुविधाजनक फ्रेमवर्क मिलेगा।

शीतकालीन सत्र में क्रिप्टो करेंसी (crypto currency) ) एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021 समेत कुल 26 विधेयक पेश किए जाएंगे। लिस्ट में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा बिल 10वें नंबर पर है। भारत में क्रिप्टो करेंसी (crypto currency)  के 1.5 से 2 करोड़ यूजर हैं। इस बिल के कानून बनने से ये सभी यूजर प्रभावित हो सकते हैं।

crypto currency क्या है, यह कैसे काम करती है?

क्रिप्टोकरेंसी(crypto currency) पर किसी का कंट्रोल नहीं है, यह पूरी तरह से डिसेंट्रलाइज्ड व्यवस्था है। कोई भी सरकार या कंपनी इस पर नियंत्रण नहीं कर सकती। इसी वजह से इसमें अस्थिरता भी है। यह ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम पर काम करती है, जिसे न तो कोई हैक कर सकता है और न ही किसी तरह की छेड़छाड़।

क्या है डिजिटल करेंसी जिसे RBI लाना चाहती है? सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी CBDC देश की फिएट करेंसी (जैसे रुपया, डॉलर या यूरो) का एक डिजिटल संस्करण है। इसे केंद्रीय बैंक जारी करता है। साथ ही इसकी गारंटी भी देता है। यह फिएट करेंसी के साथ ही वन टु वन एक्चेंजेबल है। इससे ट्रांजैक्शन बिना किसी मध्यस्थ या बैंक के हो जाता है।