जनधन योजना अकाउंट से अपराधों में आई कमी, SBI की रिपोर्ट में दावा

देश के बैंकों में प्रधानमंत्री जनधन योजना के अकाउंट बढ़ने से अपराधों में कमी आई है. भारतीय स्टेट बैंक के रिसर्च विंग की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन राज्यों में ज्यादा जनधन अकाउंट खुले हैं, वहां अपराधों में कमी आई है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चीन के मुकाबले भारत समावेशी बैंकिंग में आगे है. 

 
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 जनधन योजना अकाउंट से अपराधों में आई कमी, SBI की रिपोर्ट में दावा

देश के बैंकों में प्रधानमंत्री जनधन योजना के अकाउंट बढ़ने से अपराधों में कमी आई है. भारतीय स्टेट बैंक के रिसर्च विंग की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन राज्यों में ज्यादा जनधन अकाउंट खुले हैं, वहां अपराधों में कमी आई है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चीन के मुकाबले भारत समावेशी बैंकिंग में आगे है. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय समावेशन की दिशा में रिजर्व बैंक और सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों का अच्छा फायदा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार देश में प्रति हजार जनसंख्या पर मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग लेन-देन साल 2015 के 183 से बढ़कर 2019 में 13,615 तक पहुंच गया है. 

रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि जिन राज्यों में प्रधानमंत्री जनधन योजना के अकाउंट ज्यादा खुले हैं वहां स्पष्ट रूप से अपराधों में कमी आती दिखी है. इन राज्यों में शराब और तंबाकू जैसे हानिकारक पदार्थों के सेवन में भी कमी आई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह जन धन-आधार-मोबाइल ट्रिनिटी के कारण हो सकता है, जिसने सरकारी सब्सिडी को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में मदद की है और ग्रामीण क्षेत्रों में शराब और तंबाकू जैसे अनुत्पादक खर्चों को रोकने में मदद की है.