Connect with us

बिज़नेस

इंडियन इकॉनमी पर चीन की नज़र, सूची में अम्बानी-प्रेमजी की कंपनियां

Published

on

नयी दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर आमने-सामने वाली सभी जगहों पर तनाव चरम पर है। भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच मॉस्को में पांच सूत्री सहमति के पांच दिन बाद भी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बॉर्डर पर धोखा देने वाला चीन भारत की इकोनॉमी की भी जासूसी कर रहा है। चीन की सरकार से जुड़ी झेन्हुआ डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी भारत के टेक स्टार्पअप्स से लेकर पेमेंट और हेल्थकेयर ऐप्स तक, छोटी से लेकर बड़ी कंपनियों तक के अधिकारियों पर नजर रख रही है।

झेन्हुआ के डेटाबेस में ऐसी 1400 एंट्रीज मिली हैं। इनमें अजीम प्रेमजी की कंपनी से लेकर मुकेश अंबानी तक की बड़ी कंपनियां शामिल हैं। फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल पर भी नजर रखी जा रही है। एक अंग्रेजी अखबार ने अपनी पड़ताल के दूसरे हिस्से में यह खुलासा किया है। जिन दिग्गजों की निगरानी की जा रही है, उनमें टी के कुरियन (चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर, प्रेमजी इन्वेस्ट), अनीष शाह (ग्रुप सीएफओ, महिंद्रा ग्रुप), पीके एक्स थॉमस (सीटीओ, रिलायंस ब्रांड्स) और ब्रायन बेड (सीईओ, रिलायंस रिटेल) शामिल हैं।

वहीं, पड़ताल के दूसरे भाग में पता चला कि भारतीय रेलवे में इंटर्नशिप कर रहे इंजीनियरिंग के बच्चों से लेकर दिग्गज कंपनियों के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर तक चीन की नजर है। इस सूची में वेंचर कैपिटलिस्ट, एंजल इन्वेस्टर्स, स्टार्टअप्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के संस्थापक और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर शामिल हैं। नए दौर के कारोबारियों की बात करें, तो चीन ने बिन्नी बंसल (फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक), दीपेंदर गोयल (जोमैटो के संस्थापक), नंदन रेड्डी (स्विगी के सह-संस्थापक), फाल्गुनी नायर (न्याका की सह-संस्थापक) और नमीत पोंटिस (पेयू के बिजनेस हेड) शामिल हैं। इसके साथ ही पेटीएम, रेजरपे, फोनपे, पाइन लैब्स, एवेन्यूज पेमेंट, सीसी एवेन्यूज, एफएसएस पेमेंट गेटवे, बिग बास्केट, डेली बाजार ,जैप फ्रेश, जोमैटो, स्विगी और फूड पांडा की भी चान जासूसी कर रहा है।

Trending