Alert : Credit Card का इस्तेमाल करने वाले इन बातों का रखें खयाल

अब ज्यादातर लोग डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही किसी को पेमेंट करना हो या कुछ खरीदारी करनी होती है तो कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। इस सीजन में खरीदारी करने पर छूट मिल रही है. 
 
Alert : Credit Card का इस्तेमाल करने वाले इन बातों का रखें खयाल

नई दिल्ली। अब ज्यादातर लोग डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही किसी को पेमेंट करना हो या कुछ खरीदारी करनी होती है तो कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। इस सीजन में खरीदारी करने पर छूट मिल रही है. कई जगहों पर किसी खास बैंक के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने पर खास छूट मिलती है. इस छूट के चक्कर में कई बार हम ज्यादा खर्च देते हैं, जिसका हमें खामियाजा भुगतान होता है. ऐसे में अगर आप क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने में थोड़ा सा होशियार रहें तो कई परेशानियों से बच सकते हैं.

अगर आप क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करते हैं तो इस बात को हमेशा याद रखें कि उतनी ही खरीदारी करें, जितना आप चुका सकते हैं. ऐसी नौबत न आने दें कि जिसकी वजह से आपको मिनिमम बैलेंस पेमेंट से काम चलाना पड़े और इसके बदले मोटी रकम इंट्रेस्ट के तौर पर चुकानी पड़े. मिनिमम ड्यू अमाउंट आउटस्टैंडिंग बैलेंस का 5 फीसदी होता है. हालांकि इसमें ईएमआई शामिल नहीं होती है. मिनिमम अमाउंट पे करने से आपको पेनाल्टी नहीं लगता है, हालांकि इंट्रेस्ट का भुगतान करना ही होता है.

ध्यान देने वाली बात यह है कि गैरजरूरी सामान खरीदने से बचे। माना जा है कि बाजार के लिए यह सीजन शानदार रहेगा. डिमांड में बंपर तेजी रहने का अनुमान लगाया गया है. इसके बावजूद गैर जरूरी सामानों की खरीदारी से बचें. इस बात को याद रखें कि अगर आप लग्जरी आइटम खरीदते हैं तो इसमें आसानी से देरी की जा सकती है.

क्रेडिट कार्ड से आपको कैश निकालने की भी सुविधा मिलती है. हालांकि यह काफी महंगा होता है. ऐसे में भूलकर भी क्रेडिट कार्ड से पैसे न निकालें. कैश निकालने पर कई तरह के चार्जेज लगते हैं और इंट्रेस्ट रेट भी बहुत ज्यादा होता है. ऐसे में आपकी एक गलती के कारण टोटल एक्स्ट्रा अमाउंट काफी बढ़ जाएगा.

क्रेडिट कार्ड से जब आप खर्च करते हैं तो बदले में रिवॉर्ड प्वाइंट्स मिलते हैं. हालांकि, इसकी एक्सपायरी भी होती है. ऐसे में क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले रिवॉर्ड प्वाइंट पर नजर बनाकर रखें और समय-समय पर इसका इस्तेमाल करते रहें.

क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो पर भी ध्यान दें. जानकार के मुताबिक कई बार सिबिल स्कोर मजबूत करने के चक्कर में कार्ड होल्डर बहुत ज्यादा खर्च करने लगते हैं. अगर क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो 30 फीसदी से ज्यादा रहता है तो क्रेडिट ब्यूरो इसपर विशेष नजर रखता है और सिबिल स्कोर को कम भी कर सकता है.