Saturday, May 21, 2022
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बीरभूम हिंसा : पीड़ितों से मिलीं मुख्यमंत्री ममता, आरोपियों को चेतावनी जारी, अब तक 22 गिरफ्तार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले हुई हिंसा को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। इस बीच, पीड़ित परिवारों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मिलने पहुंचीं। उन्होंने ने पीड़ितों से हमदर्दी दिखाई तो उनका दर्द आंखों से छलक उठा। ममता ने किसी अपने की तरह रोते हुए शख्स को पानी पिलाया और उसके आंसू पोछे। सीएम ने आरोपियों को चेतावनी भी जारी की।

सीएम ने कहा कि रामपुरहाट हत्याकांड के संदिग्धों की तलाश करनी होगी। सभी आत्मसमर्पण करें नहीं तो पुलिस गिरफ्तार करेगी। इसके अलावा अधीर रंजन चौधरी सहित कांग्रेस प्रतिनिधियों को बीरभूम जिले के शांतिनिकेतन में रोका गया। इसके बाद सभी नेता धरना पर बैठ गए। सीएम ममता ने हिंसा में मारे गए लोगों के परिजन को 5 लाख रुपए का चेक दिया। इसके साथ ही कहा कि आग में जल चुके घरों को सुधारने के लिए 2-2 लाख रुपए दिए जाएंगे। मरने वाले 10 लोगों के परिवारों को नौकरी दी जाएगी।

बता दें की इस घटना के संबंध में अब तक कम से कम 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रामपुरहाट के बोगतुई गांव में मंगलवार को तड़के करीब एक दर्जन मकानों में कथित तौर पर आग लगा देने से दो बच्चों समेत कुल आठ लोगों की जलकर मौत हो गयी। यह घटना सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पंचायत स्तर के नेता भादू शेख की कथित हत्या के कुछ घंटों के भीतर हुई।

इस बीच, ममता ने कहा कि मुझे कोई बहाना नहीं चाहिए कि लोग भाग गए। मैं चाहती हूं कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाए। और चूक करने वाले पुलिसकर्मियों को सजा मिले। गवाहों को पुलिस सुरक्षा दी जाए।

वहीं, टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद सुदीप ने कहा कि हमने रामपुरहाट, बीरभूम की घटना को देखते हुए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को हटाने की मांग की है। उनका काम हमारी संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है। संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था खतरे में है। उधर, गवर्नर जगदीप धनखड़ ने कहा कि यह एक शर्मनाक घटना है। जो सरकार पर लगा कभी न मिटने वाला धब्बा है। लोकतंत्र में लोगों को इस तरह से जिंदा जलाना बहुत दर्दनाक होता है। मैं सरकार से अपील करता हूं कि वह सबक सीखे।

ममता के मंत्री फिरहाद हकीम बीरभूम के बागतुई पहुंच चुके हैं। वहीं इस मामले में राज्य सरकार को कोलकाता हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट जमा करनी है। पुलिस ने अभी तक हिंसा में शामिल रहे 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी से पूछताछ जारी है। सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।

इधर, राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी की चिट्ठी का जवाब भेजा है। धनखड़ ने जवाबी पत्र में लिखा है कि मामले को दबाने की कोशिश है, इसलिए एसआईटी का गठन किया गया है। हिंसा के बाद राज्यपाल के वीडियो पर ममता ने ऐतराज जताते हुए पत्र लिखा था और SIT से जांच कराने की मांग की थी। इस बीच, बीरभूम पहुंचे सीपीआईएम के स्टेट सेक्रेटरी मो. सलीम ने कहा कि तृणमूल के शासन में पुलिस और सत्ताधारी पार्टी एक-दूसरे के पूरक बन गए हैं। यहां पर अपराधियों का तांडव जारी है।

 

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